सेंसेक्स में 135 अंकों की गिरावट लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में रही रौनक

गुरुवार को सेंसेक्स 135 अंक गिरा जबकि निफ्टी सपाट रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तेजी रही और रुपया डॉलर के मुकाबले 62 पैसे मजबूत हुआ।

May 21, 2026 - 17:35
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सेंसेक्स में 135 अंकों की गिरावट लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में रही रौनक

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जबरदस्त उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिला। दिनभर चले चॉप्पी ट्रेडिंग सेशन के बाद प्रमुख सूचकांक मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, सेंसेक्स और निफ्टी में हल्की कमजोरी रही, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों की ओर से देखी गई शानदार खरीदारी ने बाजार के माहौल को सकारात्मक बनाए रखा। बाजार की चौड़ाई यानी मार्केट ब्रेड्थ पॉजिटिव रही, जिससे यह संकेत मिलता है कि निवेशकों के बीच खरीदारी का रुझान अभी भी काफी मजबूत है। बड़ी गिरावट न होने और छोटे शेयरों में तेजी ने निवेशकों के भरोसे को कायम रखा है, जिससे बाजार में स्थिरता का संकेत मिलता है।

सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन

कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 135 दशमलव 03 अंक यानी 0 दशमलव 18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,183 दशमलव 36 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स महज 4 दशमलव 30 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 23,654 दशमलव 70 के स्तर पर स्थिर रहा। हालांकि बाजार में दिनभर उतार-चढ़ाव बना रहा, लेकिन निफ्टी ने अपने महत्वपूर्ण स्तरों को बचाए रखने में कामयाबी हासिल की। सेंसेक्स में आई यह गिरावट मुख्य रूप से कुछ चुनिंदा हैवीवेट शेयरों में हुई बिकवाली के कारण रही, जबकि बाजार के अन्य हिस्सों में खरीदारी का दौर जारी रहा।

सेक्टोरल इंडेक्स में मिला-जुला रुख

विभिन्न क्षेत्रों के प्रदर्शन की बात करें तो गुरुवार को सेक्टोरल इंडेक्स में मिला-जुला रुख देखने को मिला। रियल्टी सेक्टर ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 1 दशमलव 05 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में 0 दशमलव 51 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और एनर्जी इंडेक्स 0 दशमलव 31 प्रतिशत ऊपर रहा। इसके विपरीत, आईटी और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों पर दबाव देखा गया। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 0 दशमलव 56 प्रतिशत और एफएमसीजी इंडेक्स में 0 दशमलव 51 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में हुई बिकवाली ने मुख्य सूचकांकों पर दबाव बनाने का काम किया, लेकिन अन्य क्षेत्रों की मजबूती ने इसे संतुलित कर दिया।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का जलवा

ब्रॉडर मार्केट ने गुरुवार को मुख्य सूचकांकों की तुलना में कहीं बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0 दशमलव 63 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि मिडकैप 100 इंडेक्स लगभग सपाट स्तर पर रहा। बाजार की चौड़ाई सकारात्मक रही, जिसमें कुल 2,307 शेयरों में तेजी देखी गई, जबकि 1,688 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि बाजार में बिकवाली के मुकाबले खरीदारी करने वालों की संख्या अधिक थी। छोटे और मझोले शेयरों में आई इस तेजी ने रिटेल निवेशकों को मुनाफे के अच्छे अवसर प्रदान किए और बाजार के प्रति उनके उत्साह को बढ़ाया।

इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी

लार्जकैप और मिडकैप दोनों ही श्रेणियों में कई शेयरों ने निवेशकों को मुनाफे का मौका दिया। ग्रासिम इंडस्ट्रीज 6 दशमलव 17 प्रतिशत की तेजी के साथ टॉप गेनर के रूप में उभरा। इसके अलावा अपोलो हॉस्पिटल्स में 2 दशमलव 85 प्रतिशत और इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) में 3 दशमलव 25 प्रतिशत की मजबूती देखी गई। बजाज ऑटो, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और एचडीएफसी लाइफ के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी रही। मिडकैप सेगमेंट में हनीवेल ऑटोमेशन ने 14 दशमलव 87 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगाई और दिन का सबसे बड़ा गेनर बना। कायन्स टेक्नोलॉजी के शेयर 6 दशमलव 28 प्रतिशत और टाटा कम्युनिकेशंस 6 दशमलव 11 प्रतिशत चढ़े। ब्रेनबीज सॉल्यूशंस और ग्लैंड फार्मा में भी 5 से 6 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।

रुपये में आई बड़ी मजबूती

विदेशी मुद्रा बाजार से भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर आई। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया काफी मजबूत होकर 96 रुपये 20 पैसे पर बंद हुआ। यह पिछले कारोबारी सत्र के रिकॉर्ड निचले स्तर 96 रुपये 82 पैसे के मुकाबले 62 पैसे की बड़ी मजबूती को दर्शाता है। कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और वैश्विक स्तर पर जोखिम की भावनाओं में सुधार होने से रुपये को जबरदस्त सपोर्ट मिला। रुपये की इस मजबूती ने शेयर बाजार के निवेशकों के सेंटिमेंट को भी बूस्ट किया, क्योंकि इससे विदेशी पूंजी के बाहर जाने का खतरा कम होता है और आयात लागत में कमी आने की संभावना बढ़ती है।

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