ट्रंप के फोन के बाद झुका फीफा, अमेरिकी खिलाड़ी बालोगुन से हटाया बैन, बेल्जियम ने कहा शर्म करो

फीफा ने ट्रंप के फोन के बाद अमेरिकी खिलाड़ी फ़ोलारिन बालोगुन का बैन हटाया। बेल्जियम ने इसे शर्मनाक बताते हुए फीफा की आलोचना की है।

Jul 6, 2026 - 10:35
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ट्रंप के फोन के बाद झुका फीफा, अमेरिकी खिलाड़ी बालोगुन से हटाया बैन, बेल्जियम ने कहा शर्म करो

अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल जगत में एक बड़े और चौंकाने वाले घटनाक्रम के तहत, फीफा ने अमेरिकी खिलाड़ी फ़ोलारिन बालोगुन पर लगा एक मैच का प्रतिबंध हटाने का आधिकारिक निर्णय लिया है। इस फैसले ने खेल जगत में एक नई और तीखी बहस छेड़ दी है, विशेष रूप से बेल्जियम के खेमे में भारी नाराजगी और विरोध देखा जा रहा है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में बेल्जियम और अमेरिका के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण मुकाबला होना तय है। इस प्रतिबंध के हटने से पहले यह माना जा रहा था कि फ़ोलारिन बालोगुन बेल्जियम के खिलाफ होने वाले इस नॉकआउट मुकाबले से बाहर रहेंगे, लेकिन अब वह अपनी टीम के लिए मैदान पर उतरने के लिए पूरी तरह उपलब्ध होंगे।

डोनाल्ड ट्रंप और फीफा अध्यक्ष के बीच फोन पर बातचीत

विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बालोगुन से प्रतिबंध हटाने का यह बड़ा फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के बीच फोन पर हुई सीधी बातचीत के तुरंत बाद लिया गया है और बताया जा रहा है कि ट्रंप ने फीफा अध्यक्ष से फोन पर बातचीत के दौरान इस अनुशासनात्मक फैसले पर पुनर्विचार करने का कड़ा आग्रह किया था। इस उच्च-स्तरीय बातचीत के बाद फीफा ने अपने रुख में बदलाव किया। हालांकि फीफा ने बालोगुन को मिले रेड कार्ड को पूरी तरह रद्द नहीं किया है, लेकिन उन्हें आगामी मैच में खेलने की विशेष अनुमति दे दी है।

फीफा का आधिकारिक बयान और शर्तें

फीफा ने अपने आधिकारिक बयान में इस फैसले की तकनीकी और कानूनी बारीकियों को स्पष्ट किया है। फीफा ने कहा कि बालोगुन के निलंबन को एक साल की अवधि के लिए अस्थाई रूप से निलंबित किया गया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि यदि बालोगुन इस एक साल के दौरान फिर से कोई अनुशासनात्मक गलती या उल्लंघन करते हैं, तो उनकी सजा को निलंबित करने के इस फैसले को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में उन्हें अपनी मूल सजा भुगतनी होगी। फीफा ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी न्यायिक संस्था के पास किसी भी अनुशासनात्मक कार्रवाई को पूरी तरह से या आंशिक रूप से खत्म करने का कानूनी अधिकार होता है।

बेल्जियम का कड़ा विरोध और नाराजगी

फीफा के इस कदम पर बेल्जियम ने बेहद तीखी और सख्त प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बेल्जियम के राजनेताओं और वहां के फुटबॉल अधिकारियों ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए फीफा पर अमेरिकी राष्ट्रपति के आगे झुकने का सीधा आरोप लगाया है और बेल्जियम की ओर से जारी बयानों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि फीफा को इस फैसले पर "शर्म आनी चाहिए"। उन्होंने इसे वर्ल्ड कप की गरिमा, निष्पक्षता और छवि को गंभीर रूप से धूमिल करने वाला कदम बताया है। बेल्जियम का मानना है कि खेल के नियमों को किसी भी प्रकार के राजनीतिक प्रभाव के आधार पर नहीं बदला जाना चाहिए।

प्रतिबंध की पृष्ठभूमि और रेड कार्ड

फ़ोलारिन बालोगुन पर यह प्रतिबंध बोस्निया एंड हर्जेनगोविना के खिलाफ खेले गए पिछले मुकाबले के दौरान लगा था और उस मैच में बालोगुन को रेड कार्ड दिखाया गया था, जिसके कारण फीफा के नियमों के अनुसार उन पर एक मैच का प्रतिबंध अनिवार्य रूप से लागू होना था। इसी प्रतिबंध के कारण वह बेल्जियम के खिलाफ होने वाले राउंड ऑफ 16 के महत्वपूर्ण मैच से बाहर हो रहे थे। अब फीफा के इस नए आदेश के बाद वह अमेरिकी टीम के आक्रमण को मजबूती देने के लिए मैदान पर मौजूद रहेंगे।

राष्ट्रपति ट्रंप ने फीफा का जताया आभार

बालोगुन पर से प्रतिबंध हटने की खबर सार्वजनिक होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के माध्यम से फीफा के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि सही काम करने और एक बड़े अन्याय को सुधारने के लिए वह फीफा को धन्यवाद देते हैं। ट्रंप के इस सार्वजनिक बयान ने इस पूरे मामले को और अधिक चर्चा में ला दिया है, क्योंकि यह सीधे तौर पर खेल प्रशासन में शीर्ष राजनीतिक हस्तक्षेप के प्रभाव को दर्शाता है।

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