होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव: ईरान की मनमानी पर भड़का UAE, दी कड़ी चेतावनी

UAE ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को हथियार बनाने पर ईरान को चेतावनी दी है। 230 तेल जहाजों के फंसे होने और नौवहन की स्वतंत्रता पर पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट।

Apr 9, 2026 - 19:35
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होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव: ईरान की मनमानी पर भड़का UAE, दी कड़ी चेतावनी

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की प्रमुख तेल कंपनी के शीर्ष अधिकारी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान के रुख पर कड़ी आपत्ति जताई है। अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के CEO सुल्तान अल-जाबेर ने स्पष्ट किया कि इस महत्वपूर्ण वैश्विक जलमार्ग का किसी भी राजनीतिक या सैन्य उद्देश्य के लिए हथियार के रूप में इस्तेमाल करना स्वीकार्य नहीं है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता को लेकर तनाव चरम पर है।

जलमार्ग को हथियार बनाने का कड़ा विरोध

सुल्तान अल-जाबेर ने ईरान की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि होर्मुज जैसे रणनीतिक जलमार्ग को किसी भी रूप में दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए यह गलियारा अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस पर किसी एक देश का मनमाना नियंत्रण वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकता है और अधिकारियों के अनुसार, UAE ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है कि नेविगेशन की स्वतंत्रता के साथ कोई समझौता नहीं होगा।

तेल से लदे 230 जहाजों का संकट

रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्तमान में तेल से लदे लगभग 230 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की प्रतीक्षा में खड़े हैं। सुल्तान अल-जाबेर ने जानकारी दी कि इन जहाजों की आवाजाही अब ईरान के नियंत्रण और उसकी शर्तों पर निर्भर हो गई है। उन्होंने इसे 'जबरदस्ती' करार देते हुए कहा कि जहाजों को बिना किसी पूर्व शर्त के इस गलियारे से गुजरने की पूरी आजादी होनी चाहिए। यह स्थिति वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान उत्पन्न कर रही है।

नौवहन की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय कानून

UAE के अनुसार, किसी भी देश के पास यह तय करने का वैध अधिकार नहीं है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से कौन गुजर सकता है और किन शर्तों पर। अल-जाबेर ने ईरान के बयानों और हालिया कार्रवाइयों पर निशाना साधते हुए कहा कि नेविगेशन की स्वतंत्रता अनुमति या राजनीतिक दबाव पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस दिशा में ध्यान देने का आह्वान किया है ताकि समुद्री व्यापार नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

यूरोपीय संघ का कड़ा रुख

इस विवाद में अब यूरोपीय संघ (EU) ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है और यूरोपीय आयोग के प्रवक्ता अनवर अल अनुनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत नौवहन की स्वतंत्रता एक सार्वजनिक हित है। EU ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बिना किसी भुगतान, टोल या राजनीतिक बाधा के सुनिश्चित की जानी चाहिए। यह बयान ईरान द्वारा संभावित ट्रांजिट शुल्क लगाने के संकेतों के बाद आया है।

ट्रांजिट शुल्क पर छिड़ा विवाद

ईरान ने हाल ही में संकेत दिए थे कि वह इस महत्वपूर्ण खाड़ी जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूल सकता है। इस प्रस्ताव का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध हो रहा है। यूरोपीय संघ के प्रवक्ताओं के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कानून किसी भी तरह के टोल या भुगतान का प्रावधान नहीं करता है और नौवहन की स्वतंत्रता का अर्थ ही यह है कि जहाजों को बिना किसी वित्तीय या राजनीतिक दबाव के सुरक्षित मार्ग मिलना चाहिए।

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