होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के बाद अमेरिका का ईरान पर भीषण हमला, 12 ठिकाने तबाह
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने और जहाज पर हमला करने के बाद अमेरिका ने ईरान के 7 शहरों में 12 ठिकानों पर मिसाइल अटैक किया है। ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी।
पश्चिम एशिया में एक बार फिर युद्ध की भीषण ज्वाला भड़क उठी है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब एक बेहद खतरनाक और विनाशकारी स्तर पर पहुंच गया है। ईरान की नौसेना ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अगले नोटिस तक पूरी तरह से बंद करने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। इस फैसले के तुरंत बाद अमेरिका ने आक्रामक रुख अपनाते हुए ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए हैं और यह ताजा सैन्य टकराव न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए भी एक गंभीर संकट के रूप में उभर रहा है।
जहाज पर हमला और होर्मुज की बंदी का कारण
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने एक बयान जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। ईरान का दावा है कि एक मालवाहक जहाज ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग के नियमों का पालन नहीं किया और जानबूझकर अपने नेविगेशन सिस्टम को बंद कर दिया था। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, कई बार चेतावनी देने के बावजूद जब जहाज ने अपना रास्ता नहीं बदला, तो उसे निशाना बनाया गया। इसके साथ ही ईरान ने एक ट्वीट के माध्यम से अगले आदेश तक होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का आदेश जारी कर दिया।
ईरान के इस कदम पर अमेरिका ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि उनकी सेनाओं ने इस हफ्ते ईरान के खिलाफ हमलों का तीसरा दौर शुरू किया है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से M/V GFS गैलेक्सी नामक जहाज पर हुए हमले के जवाब में की गई है। यह साइप्रस के झंडे वाला एक कंटेनर जहाज था जो होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था और ईरानी हमले के कारण जहाज में भीषण आग लग गई और उसके इंजन को भारी नुकसान पहुंचा है। इस घटना में चालक दल का 1 सदस्य लापता बताया जा रहा है।
अमेरिका की जवाबी कार्रवाई और 7 शहरों पर हमला
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने बहरीन स्थित अपने सैन्य बेस से मिसाइलें दागीं और ईरान के भीतर 12 से अधिक ठिकानों को तबाह कर दिया। अमेरिका ने ईरान के कुल 7 शहरों पर हमला किया है, जिनमें चाबहार, बुशहर, बंदर अब्बास और सिरिक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। इन शहरों में कई बड़े धमाकों की आवाज सुनी गई है। अमेरिका ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ईरान को अपनी इन हरकतों के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। दूसरी ओर, ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि जब तक पश्चिम एशिया में अमेरिका का दखल पूरी तरह खत्म नहीं होता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य पर जहाजों की आवाजाही सामान्य नहीं हो पाएगी। दोनों देशों के बीच यह गतिरोध वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन गया है।
पुरानी रंजिश और समझौते का टूटना
यह तनाव अचानक पैदा नहीं हुआ है। इससे पहले 7 जुलाई को भी ईरान ने सऊदी अरब और कतर के तीन जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य में निशाना बनाया था। उस घटना के बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका ने महीने भर के भीतर ही सीजफायर (युद्धविराम) का समझौता तोड़ दिया था और ईरान पर हमले किए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने उस समय हमलों की पुष्टि करते हुए कहा था कि समझौता अब पूरी तरह टूट चुका है और ईरान के साथ अब किसी भी प्रकार की बातचीत नहीं की जाएगी।
मुज्तबा खामेनेई की कसम और ट्रंप की चेतावनी
ईरान के भीतर भी राजनीतिक हलचल तेज है। अताउल्ला अली खामेनेई के सुपुर्द-ए-खाक होने के बाद उनके बेटे मुज्तबा ने पहली बार देश को संबोधित किया। मुज्तबा ने अपने पिता की हत्या का बदला लेने की कसम खाई है। उन्होंने कहा कि वे अपने बेगुनाह लोगों और अपने पिता की मौत का बदला लेकर रहेंगे और इसके लिए दुश्मनों की एक लिस्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि दुश्मन को कब्र तक पहुंचाया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अब तक की सबसे कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान उनकी सुरक्षा या अमेरिकी हितों पर हमला करने की कोशिश करता है, तो अमेरिका ऐसी सैन्य कार्रवाई करेगा जो दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी होगी। उन्होंने कहा कि ईरान पर अब तक की सबसे भीषण बमबारी की जाएगी। ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि अमेरिका की 1000 मिसाइलें पूरी तरह से लॉक्ड एंड लोडेड हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत ईरान की तरफ दागा जा सकता है।
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