Amit Shah:भारत बनाएगा सीमा सुरक्षा के लिए एंटी-ड्रोन यूनिट- अमित शाह

Amit Shah: बीएसएफ के 60वें स्थापना दिवस पर जोधपुर पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत अपनी सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए जल्द ही एक व्यापक एंटी-ड्रोन

Dec 8, 2024 - 18:20
Dec 10, 2024 - 10:08
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Amit Shah:भारत बनाएगा सीमा सुरक्षा के लिए एंटी-ड्रोन यूनिट- अमित शाह

Amit Shah: जोधपुर में बीएसएफ के 60वें स्थापना दिवस पर आयोजित भव्य समारोह में भारत के गृहमंत्री अमित शाह ने भारत की सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। इस अवसर पर शाह ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को उनके साहसिक योगदान के लिए सराहते हुए देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए नई तकनीकों और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर बल दिया।

ड्रोन खतरे से निपटने के लिए व्यापक रणनीति

शाह ने कहा कि भारत जल्द ही एक "व्यापक ड्रोन रोधी इकाई" स्थापित करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में विकसित लेजर युक्त ड्रोन रोधी गन-माउंटेड सिस्टम के परीक्षणों से पंजाब में ड्रोन निष्क्रिय करने की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आंकड़ों के अनुसार, इस तकनीक के उपयोग से ड्रोनों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने की दर 3 प्रतिशत से बढ़कर 55 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

शाह ने बताया कि इस साल पाकिस्तान से सटी सीमा पर 260 से अधिक ड्रोन गिराए गए या बरामद किए गए, जो पिछले साल की तुलना में दोगुने से भी अधिक हैं। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ भेजने की गतिविधियां बढ़ रही हैं।

सीआईबीएमएस के तहत सीमाओं की सुरक्षा का विस्तार

पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ भारत की सीमाओं की सुरक्षा के लिए "व्यापक एकीकृत सीमा प्रबंधन प्रणाली" (CIBMS) पर तेजी से काम हो रहा है। शाह ने कहा कि इस प्रणाली का परीक्षण असम की धुबरी नदी सीमा पर किया गया, जहां शुरुआती परिणाम उत्साहजनक रहे हैं। हालांकि, उन्होंने इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुधारों की आवश्यकता पर भी बल दिया।

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम से सीमांत गांवों का विकास

शाह ने यह भी घोषणा की कि "वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम" (VVP) को देश के सभी सीमांत गांवों में लागू किया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवाएं, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं में सुधार लाया जाएगा। वर्तमान में इसे 3,000 गांवों में लागू किया गया है।

उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने इन गांवों के विकास और पलायन को रोकने के लिए 48,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इसके अलावा, सीमाओं पर बाड़ लगाने, सड़क निर्माण और अन्य रसद सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी बड़ी धनराशि मंजूर की गई है।

सीमाओं की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता

शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमाओं पर CIBMS को लागू करना, ड्रोन जैसी नई चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीकों का विकास, और सीमावर्ती गांवों का व्यापक विकास इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हैं।

समारोह का महत्व

बीएसएफ के 60वें स्थापना दिवस पर शाह ने जवानों के अदम्य साहस और बलिदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी प्रतिबद्धता और कार्यक्षमता ने भारत को एक सुरक्षित राष्ट्र बनाया है। यह समारोह न केवल सीमा सुरक्षा बल के गौरवपूर्ण इतिहास को दर्शाता है, बल्कि आने वाले समय में भारत की सुरक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की उम्मीद भी जगाता है।

निष्कर्ष

गृहमंत्री अमित शाह द्वारा की गई घोषणाएं इस बात की पुष्टि करती हैं कि भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग है। आधुनिक तकनीकों, उन्नत बुनियादी ढांचे, और व्यापक विकास योजनाओं के माध्यम से भारत अपनी सीमाओं को अभेद्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह कदम न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे बल्कि वहां के निवासियों के जीवन स्तर को भी ऊंचा उठाएंगे।

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