राम मंदिर चंदा चोरी पर विनय कटियार का बड़ा दावा, चंपत राय जा सकते हैं जेल

विनय कटियार ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले में पीएम मोदी से बातचीत का दावा किया है। उन्होंने चंपत राय और अन्य ट्रस्ट पदाधिकारियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई है।

Jul 3, 2026 - 16:35
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राम मंदिर चंदा चोरी पर विनय कटियार का बड़ा दावा, चंपत राय जा सकते हैं जेल

अयोध्या में राम मंदिर के चंदा चोरी और कथित गबन के मामले में पूर्व सांसद विनय कटियार ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला बयान दिया है। राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक रहे कटियार ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि मंदिर के धन में हेर-फेर हुआ है। उन्होंने खुलासा किया कि इस गंभीर विषय पर उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधी बातचीत हुई है। कटियार के अनुसार, प्रधानमंत्री ने इस मामले पर चिंता व्यक्त की और पूछा कि अब आगे क्या होगा। इस पर कटियार ने उन्हें आश्वासन दिया कि सब कुछ ठीक हो जाएगा, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कुछ बड़े पदाधिकारियों को जेल की हवा खानी पड़ सकती है।

ट्रस्ट पदाधिकारियों की गिरफ्तारी की संभावना

विनय कटियार ने स्पष्ट रूप से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्रा और सहायक प्रशासक गोपाल राव का नाम लेते हुए कहा कि आने वाले समय में इन तीनों को जेल जाना पड़ सकता है और उन्होंने कहा कि किसी कारणवश चंपत राय अब तक जेल नहीं गए हैं, लेकिन जांच के घेरे में वे भी शामिल हैं। कटियार का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विशेष जांच दल (एसआईटी) इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है। हाल ही में एसआईटी की टीम ने मंदिर परिसर के भीतर ही चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से एक साथ बिठाकर कड़ी पूछताछ की है ताकि चंदा चोरी की परतों को खोला जा सके।

गोपाल राव पर तीखा हमला

गबन मामले में चर्चा में आए सहायक प्रशासक गोपाल राव पर विनय कटियार ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने राव को एक बेकार आदमी करार देते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि किसने उन्हें यहां नियुक्त करके भेजा था। कटियार ने एक वाकये का जिक्र करते हुए बताया कि जब वे मंदिर गए थे, तो गोपाल राव ने उनसे पूछा था कि वे किसकी अनुमति से वहां आए हैं। इस पर कटियार ने उन्हें दोटूक जवाब दिया था कि वे यहां ज्यादा दिन नहीं रहने वाले हैं और उन्हें वापस दक्षिण भारत चले जाना चाहिए जहां से वे आए हैं। कटियार ने भावुक होते हुए कहा कि राम मंदिर के लिए अनगिनत लोगों ने अपना बलिदान दिया है, ऐसे में पैसे का जबरदस्त गबन होना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।

एसआईटी की जांच और पूछताछ का विवरण

राज्य सरकार द्वारा 13 जून को गठित की गई एसआईटी इस घोटाले की जांच में पूरी तत्परता से जुटी हुई है। जांच दल के सदस्यों ने 6 दिनों तक गहन छानबीन करने के बाद अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। इसके बाद टीम दोबारा मंदिर परिसर पहुंची और चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से अलग-अलग और फिर एक साथ पूछताछ की। दूसरी ओर, चंपत राय ने कहा है कि अयोध्या में उनकी सेवा अब पूरी हो चुकी है, लेकिन वे अपने ऊपर कलंक लेकर यहां से नहीं जाना चाहते। सूत्रों के मुताबिक, एकांतवास में रह रहे राय ने अपने करीबियों से यह भी कहा कि उनके साथ धोखा हुआ है, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका इशारा किसकी तरफ था।

आरोपी अविनाश शुक्ला की रिमांड और बरामदगी

चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला को 24 घंटे की पुलिस रिमांड पर लिया है। अविनाश मंदिर में चढ़ावे की रकम की गिनती करने का काम करता था। जांच के दौरान पुलिस ने अविनाश के पास से 20 लाख 39 हजार रुपये की बड़ी राशि बरामद की है। कोर्ट में पेशी के बाद उसे आगे की पूछताछ के लिए पुलिस के हवाले कर दिया गया है। यह बरामदगी इस पूरे गबन कांड में एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है और इससे कई अन्य राज खुलने की उम्मीद है।

मामले का घटनाक्रम और अब तक की कार्रवाई

राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला सामने आने के बाद सरकार ने 13 जून को एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट 23 जून को पेश कर दी थी। इसके ठीक दो दिन बाद, 25 जून को इस मामले में पहली प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई। अब तक इस मामले में नामजद 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। विनय कटियार का मानना है कि अब अविनाश जैसे आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लग सके। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगा रही हैं कि इस गबन के पीछे और कौन-कौन से प्रभावशाली लोग शामिल हैं।

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