होर्मुज पर ट्रंप के दावे का ईरान ने उड़ाया मजाक, कहा 7000 मील दूर है हकीकत
ईरान के मोहसेन रेज़ाई ने होर्मुज़ पर ट्रंप के दावे का मज़ाक उड़ाते हुए इसे हकीकत से दूर बताया। जानें 28 फरवरी से जारी इस तनाव की पूरी कहानी।
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेज़ाई ने होर्मुज़ जलमार्ग पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए दावों का कड़ा मज़ाक उड़ाया है। रेज़ाई ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोलने के अमेरिका के सपने और हकीकत के बीच की दूरी, अमेरिका की राजधानी और होर्मुज़ के बीच की 7000 मील की दूरी से भी कहीं अधिक है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच रणनीतिक खींचतान अपने चरम पर है।
होर्मुज़ पर ट्रंप का दावा और ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान और अमेरिका के बीच पिछले लगभग छह महीने से युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। इस तनावपूर्ण घटनाक्रम की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर संयुक्त हमले किए थे। तब से यह संघर्ष एक गंभीर गतिरोध में बदल गया है, जिसका मुख्य केंद्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ बना हुआ है। डोनाल्ड ट्रंप इस जलमार्ग पर बार-बार अपना दावा ठोक रहे हैं, जबकि ईरान का कहना है कि यह जलमार्ग ऐतिहासिक रूप से ईरान का रहा है और भविष्य में भी ईरान का ही रहेगा। हालिया घटनाक्रम में, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेज़ाई ने ट्रंप के दावों को हास्यास्पद करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि होर्मुज़ को फिर से खोलने में अमेरिका की विफलता और उस पर अपना अधिकार जताने के बीच का अंतर 7000 मील से भी ज्यादा है।
फ़ारस की खाड़ी में पोस्ट-अमेरिकन ऑर्डर
मोहसेन रेज़ाई ने अपने बयान में अमेरिका के दबदबे के खत्म होने का संकेत देते हुए कहा कि फ़ारस की खाड़ी में 'पोस्ट-अमेरिकन ऑर्डर' यानी अमेरिका के दबदबे के बाद के दौर में आपका स्वागत है। अपनी पोस्ट के साथ रेज़ाई ने दुनिया के नक्शे की एक तस्वीर भी साझा की और कैप्शन में लिखा कि कुछ सपने हकीकत से बहुत दूर होते हैं। उन्होंने इस तरह ट्रंप के उस कदम पर तंज कसा जिसमें ट्रंप ने जलमार्ग को नया अमेरिकी इलाका बताया था। बता दें कि रेज़ाई ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के पूर्व कमांडर रह चुके हैं और उन्हें इसी महीने की शुरुआत में सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। उन्होंने इस पद पर मोहम्मद बाघेरी ज़ोलग़द्र का स्थान लिया है।
ट्रंप का ट्रुथ सोशल पर मैप और ऊर्जा संकट
डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक मैप पोस्ट किया था और इस मैप में होर्मुज़ को अमेरिका का नया इलाका दिखाया गया है। इसके साथ ही उन्होंने इस अहम समुद्री रास्ते पर कब्ज़ा करने की अपनी धमकी को फिर से दोहराया। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ दुनिया में ऊर्जा की सप्लाई का एक अत्यंत महत्वपूर्ण रास्ता है। सामान्य तौर पर दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल की सप्लाई इसी रास्ते से गुज़रती है। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने इस रास्ते को बंद कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग में भारी रुकावट आ रही है और दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
ईरान की शर्तें और कतर की मध्यस्थता
ईरान ने होर्मुज़ को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। ईरान का कहना है कि वह इस जलमार्ग को तब तक नहीं खोलेगा जब तक अमेरिका उसकी मांगों को पूरा नहीं कर देता। ईरान की प्रमुख मांगों में ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी समाप्त करना, तेल पर लगे प्रतिबंधों को हटाना, ईरान की जब्त की गई संपत्तियों को मुक्त करना और युद्ध के दौरान हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति का भुगतान करना शामिल है। दूसरी ओर, कतर के विदेश मंत्रालय ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार को कतर ने कहा कि वह होर्मुज़ को खोलने के विषय पर अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता होते देखना चाहता है। कतर का मानना है कि ऐसे किसी भी समझौते से दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता फिर से खुल सकता है और क्षेत्रीय स्थिरता बहाल हो सकती है।
The gap between America’s inability to reopen the Strait of Hormuz and its claim to own it is greater than the 7,000-mile distance between Washington and the Strait itself.
Welcome to the post-American order in the Persian Gulf. pic.twitter.com/nC7VBCPILH— محسن رضایی (@ir_rezaee) August 18, 2026
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