राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: निर्वाचन आयोग आज दोपहर 3 बजे करेगा तारीखों का ऐलान
राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग आज दोपहर 3 बजे पंचायत चुनाव 2026 के कार्यक्रम की घोषणा करेगा। प्रदेश में 1 लाख 69 हजार से अधिक जनप्रतिनिधियों का चुनाव होना है।
राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 को लेकर चल रहा इंतजार आज समाप्त होने वाला है। राज्य निर्वाचन आयोग ने आज यानी शनिवार दोपहर 3 बजे एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है, जिसमें प्रदेश की ग्रामीण सरकार चुनने के लिए तारीखों और पूरे कार्यक्रम की घोषणा की जा सकती है। इस घोषणा के साथ ही राजस्थान के गांवों में चुनावी सरगर्मी तेज हो जाएगी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का औपचारिक आगाज हो जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस और आयोजन का विवरण
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने जानकारी दी है कि यह महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता शनिवार को दोपहर 3 बजे आयोजित की जाएगी। इसके लिए जयपुर स्थित शासन सचिवालय के विकास खंड में स्थित पंचायती राज सभागार को चुना गया है। गौरतलब है कि राजस्थान में हाल ही में 309 नगरीय निकायों के चुनाव की प्रक्रिया सितंबर के महीने में पूरी हुई है। नगरीय निकायों के लिए मतदान दो चरणों में 9 और 11 सितंबर को आयोजित किया गया था। शहरी निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव संपन्न होने के बाद अब राजनीतिक दलों और जनता का पूरा ध्यान ग्रामीण राजनीति के इस अगले बड़े पड़ाव पर है।
1 लाख 69 हजार से अधिक जनप्रतिनिधियों का होगा चुनाव
इन पंचायती राज चुनावों का दायरा अत्यंत विशाल है, जिसमें कुल मिलाकर 1 लाख 69 हजार से ज्यादा जनप्रतिनिधियों का चुनाव किया जाना है। आंकड़ों के अनुसार, इसमें 1403 जिला परिषद सदस्य और 8245 पंचायत समिति सदस्य शामिल हैं। इन्हीं निर्वाचित सदस्यों के माध्यम से प्रदेश में 41 जिला प्रमुख और 457 पंचायत समितियों के प्रधानों का चुनाव किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रदेश की 14403 ग्राम पंचायतों में सरपंच और उपसरपंच के साथ-साथ करीब 1 लाख 30 हजार वार्ड पंचों को चुनने के लिए मतदान होगा।
आचार संहिता और प्रशासनिक प्रभाव
राज्य निर्वाचन आयोग पिछले काफी समय से चुनाव कार्यक्रम की तैयारियों में जुटा हुआ था और पंचायत क्षेत्रों की सीमाओं के निर्धारण और आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब केवल तारीखों के औपचारिक ऐलान का इंतजार है। आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि चुनाव कितने चरणों में संपन्न होंगे और नामांकन से लेकर मतगणना तक की समय सीमा क्या होगी। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी, जिसके करीब दो महीने तक प्रभावी रहने की संभावना है और इस दौरान सरकारी कर्मचारियों के तबादलों और नए प्रशासनिक फैसलों पर पूरी तरह रोक रहेगी। भाजपा और कांग्रेस जैसे प्रमुख दल अब ग्रामीण समीकरणों और टिकट वितरण की रणनीति पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे।
What's Your Reaction?