राजस्थान निकाय चुनाव: कांग्रेस ने टिकट के लिए जारी किया QR कोड, ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य

राजस्थान कांग्रेस ने निकाय चुनाव के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। टिकट के दावेदारों को QR कोड स्कैन कर अपनी पूरी जानकारी और सोशल मीडिया प्रोफाइल देनी होगी।

Aug 18, 2026 - 23:35
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राजस्थान निकाय चुनाव: कांग्रेस ने टिकट के लिए जारी किया QR कोड, ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य

राजस्थान में आगामी निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपनी रणनीति में एक बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने टिकट वितरण की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से ऑनलाइन आवेदन व्यवस्था की शुरुआत की है। अब चुनाव लड़ने के इच्छुक किसी भी नेता या कार्यकर्ता के लिए टिकट पाने हेतु ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य कर दिया गया है और यह कदम पार्टी के भीतर आंतरिक लोकतंत्र को मजबूत करने और योग्य उम्मीदवारों को आगे लाने के लिए उठाया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब पारंपरिक सिफारिशों के बजाय डेटा और योग्यता को प्राथमिकता दी जाएगी।

QR कोड के जरिए आवेदन की शुरुआत

जयपुर में 18 अगस्त को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस नई व्यवस्था का औपचारिक शुभारंभ किया। मंगलवार को दोनों नेताओं ने टिकट की दावेदारी के लिए एक विशेष QR कोड जारी किया। इस QR कोड को स्कैन करते ही दावेदार सीधे ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पर पहुंच जाएंगे, जहां वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी दावेदारी पेश कर सकेंगे। पार्टी का मानना है कि इस तकनीक के उपयोग से टिकट वितरण की प्रक्रिया न केवल व्यवस्थित होगी, बल्कि इसमें मानवीय हस्तक्षेप और पक्षपात की गुंजाइश भी कम होगी।

छह चरणों में देनी होगी विस्तृत जानकारी

कांग्रेस द्वारा तैयार किया गया यह ऑनलाइन आवेदन फॉर्म काफी विस्तृत है और इसे छह अलग-अलग चरणों में बांटा गया है। दावेदारों को इसमें अपनी पूरी राजनीतिक और व्यक्तिगत जानकारी साझा करनी होगी। आवेदन के दौरान संबंधित स्थानीय निकाय का नाम और वार्ड संख्या का उल्लेख करना सबसे पहला कदम है। इसके बाद दावेदारों को अपना व्यक्तिगत विवरण, राजनीतिक पृष्ठभूमि और अब तक की गई सामाजिक गतिविधियों की जानकारी देनी होगी।

इतना ही नहीं, उम्मीदवारों को अपने संगठनात्मक अनुभव और उस वार्ड की प्रोफाइल से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी जहां से वे चुनाव लड़ना चाहते हैं। इसमें वार्ड की प्रमुख समस्याएं, वहां का समीकरण और जनसंपर्क की स्थिति जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। इस विस्तृत डेटा के माध्यम से पार्टी नेतृत्व प्रत्येक दावेदार की जमीनी पकड़ का सटीक मूल्यांकन कर सकेगा। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि केवल वही लोग टिकट पाएं जो अपने क्षेत्र की समस्याओं से पूरी तरह वाकिफ हैं।

सोशल मीडिया सक्रियता को मिला विशेष महत्व

इस बार की टिकट चयन प्रक्रिया में एक नया और आधुनिक पहलू जोड़ा गया है, वह है सोशल मीडिया पर सक्रियता। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि दावेदारों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स, वहां की जाने वाली पोस्ट और अपने फॉलोअर्स की संख्या के बारे में भी जानकारी देनी होगी। पार्टी का तर्क है कि आज के दौर में जनता से जुड़ने के लिए डिजिटल माध्यम बेहद प्रभावी है। जो कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और जनता के बीच अपनी बात मजबूती से रख रहे हैं, उन्हें चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता मिल सकती है। इससे स्थानीय स्तर पर सक्रिय और मजबूत जनाधार वाले कार्यकर्ताओं की पहचान करना आसान हो जाएगा।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस नई व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया लागू होने से सभी दावेदारों का मूल्यांकन समान मापदंडों के आधार पर किया जा सकेगा और उन्होंने इसे संगठन में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया है। अब टिकट के इच्छुक नेताओं को पारंपरिक सिफारिशों या बड़े नेताओं के चक्कर काटने के बजाय अपनी योग्यता और निर्धारित ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से अपनी दावेदारी साबित करनी होगी। इस व्यवस्था से उन कार्यकर्ताओं में भी उत्साह है जो जमीन पर मेहनत करते हैं लेकिन अक्सर सिफारिशों के अभाव में पीछे रह जाते थे।

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