Canada New PM:जानिए कौन हैं चंद्र आर्य, जिन्होंने कनाडा में पीएम पद के लिए ठोकी दावेदारी

Canada New PM: भारतीय मूल के चंद्र आर्य कनाडा में प्रधानमंत्री बनने की रेस में शामिल हो गए हैं. साल 2015 में चंद्र आर्य पहली बार सांसद बने. इसी के बाद साल 2019

Jan 10, 2025 - 10:10
Jan 10, 2025 - 20:58
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Canada New PM:जानिए कौन हैं चंद्र आर्य, जिन्होंने कनाडा में पीएम पद के लिए ठोकी दावेदारी

Canada New PM: कनाडा में इन दिनों सियासी हलचल तेज हो गई है। साल 2015 से प्रधानमंत्री पद संभाल रहे जस्टिन ट्रूडो ने देश में चल रहे लंबे विरोध प्रदर्शनों के चलते अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। इस घटनाक्रम के बाद भारतीय मूल के चंद्र आर्य ने प्रधानमंत्री पद की दावेदारी पेश कर सियासी हलचल को और बढ़ा दिया है।

भारतीय मूल के नेताओं की प्रधानमंत्री पद की दावेदारी

भारतीय मूल की अनीता आनंद पहले से ही कनाडा के प्रधानमंत्री पद की रेस में शामिल हैं। अब इस रेस में चंद्र आर्य का नाम भी जुड़ गया है। चंद्र आर्य, जो लिबरल पार्टी के नेता और ओटावा से सांसद हैं, ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए अपनी दावेदारी का ऐलान किया। इस वीडियो में उन्होंने कहा, "मैं एक कुशल और जिम्मेदार सरकार का नेतृत्व करने के लिए कनाडा का अगला प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में हूं।"

कौन हैं चंद्र आर्य?

चंद्र आर्य का जन्म भारत के कर्नाटक राज्य के तुमकुरु जिले में हुआ था। उन्होंने कौसाली इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, धारवाड़ से एमबीए की पढ़ाई की। भारत में अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद चंद्र आर्य साल 2006 में कनाडा चले गए। राजनीति में आने से पहले वे इंडो-कनाडा ओटावा बिजनेस चैंबर के अध्यक्ष के तौर पर काम कर चुके हैं।

साल 2015 में चंद्र आर्य पहली बार कनाडा के सांसद चुने गए। इसके बाद साल 2019 में उन्होंने फिर से चुनाव जीता। अपने शुरुआती राजनीतिक करियर में वे निवर्तमान प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के करीबी माने जाते थे। हालांकि, जैसे-जैसे भारत और कनाडा के रिश्तों में तनाव बढ़ा और ट्रूडो का भारत विरोधी रवैया सामने आया, चंद्र आर्य ने उनसे दूरी बना ली।

खालिस्तानी गतिविधियों के खिलाफ चंद्र आर्य की मुखरता

चंद्र आर्य कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियों के खिलाफ खुलकर अपनी राय रखते हैं। टोरंटो स्टार अखबार ने कहा है कि चंद्र आर्य हिंदू कनाडाई समुदाय की आवाज बुलंद करते हैं और खालिस्तान समर्थक गतिविधियों की आलोचना करते हैं। उन्होंने अपनी पार्टी के भीतर भी इस मुद्दे पर आवाज उठाई है।

हाल ही में जब ब्रैम्पटन के एक हिंदू मंदिर पर हमला हुआ था, तो चंद्र आर्य ने इस घटना की कड़ी निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि कनाडा की लॉ इंफोर्समेंट एजेंसियों में खालिस्तान समर्थक तत्व घुसपैठ कर चुके हैं। चंद्र आर्य का मानना है कि ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

भारत के साथ संबंध

चंद्र आर्य भारत और भारतीय समुदाय के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पिछले साल भारत यात्रा के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी और दोनों नेताओं के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई थी। आर्य का मानना है कि भारत-कनाडा संबंधों को बेहतर बनाने के लिए रचनात्मक संवाद और सहयोग जरूरी है।

प्रधानमंत्री पद की दावेदारी करते हुए आर्य का बयान

चंद्र आर्य ने अपनी प्रधानमंत्री पद की दावेदारी पेश करते हुए कहा, "आज कनाडा का कामकाजी मध्यम वर्ग संघर्ष कर रहा है। कई परिवार गरीबी की ओर धकेले जा रहे हैं। हमें देश की अर्थव्यवस्था को फिर से मजबूत करने के लिए बड़े और मुश्किल फैसले लेने की जरूरत है। मुझे विश्वास है कि मैं इस देश के लोगों की उम्मीदों को फिर से जगा सकता हूं और एक कुशल सरकार का नेतृत्व कर सकता हूं।"

क्या चंद्र आर्य बन सकते हैं कनाडा के अगले प्रधानमंत्री?

विशेषज्ञों का मानना है कि चंद्र आर्य की दावेदारी कनाडा की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकती है। भारतीय मूल के नेता का प्रधानमंत्री पद के लिए आगे आना वहां की राजनीति में बढ़ती बहुसंस्कृतिवाद की झलक दिखाता है। हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि चंद्र आर्य की दावेदारी लिबरल पार्टी और कनाडा की जनता के बीच कितना समर्थन जुटा पाती है।

निष्कर्ष

कनाडा की सियासत में इस समय बड़े बदलाव की स्थिति है। जस्टिन ट्रूडो के इस्तीफे के बाद भारतीय मूल के नेताओं की प्रधानमंत्री पद की रेस में भागीदारी ने राजनीति को और दिलचस्प बना दिया है। चंद्र आर्य की खालिस्तानी गतिविधियों के खिलाफ मुखरता और भारतीय समुदाय के साथ मजबूत संबंध उन्हें एक खास पहचान दिलाते हैं। अब यह देखना होगा कि वे कनाडा के अगले प्रधानमंत्री बन पाते हैं या नहीं।

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