Canada New PM:ट्रूडो का टूटने वाला है घमंड, कनाडा को मिल सकता है पहला 'हिंदू पीएम'

Canada New PM: जस्टिन ट्रूडो के इस्तीफे के बाद कनाडा को नया प्रधानमंत्री मिलने वाला है। इसमें भारतीय मूल के 2 हिंदू नेताओं का नाम सबसे आगे चल रहा है। ऐसे में

Jan 11, 2025 - 17:05
Jan 12, 2025 - 12:30
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Canada New PM:ट्रूडो का टूटने वाला है घमंड, कनाडा को मिल सकता है पहला 'हिंदू पीएम'

Canada New PM: कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का घमंड जल्द ही टूटता नजर आ रहा है। भारत के साथ अपने विवादित रवैये के कारण ट्रूडो को हाल ही में बड़ा झटका लगा, जब उन्हें अल्पमत सरकार होने के चलते प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। अब कनाडा को एक नए प्रधानमंत्री की तलाश है, और इस दौड़ में भारतीय मूल के दो हिंदू नेताओं का नाम सबसे आगे चल रहा है। इससे कनाडा में इतिहास रचने की संभावना बन गई है, क्योंकि देश को पहला हिंदू प्रधानमंत्री मिल सकता है। यह खबर जस्टिन ट्रूडो के लिए एक और बड़ा झटका साबित हो सकती है।

अनीता आनंद: एक प्रमुख दावेदार

प्रधानमंत्री पद की रेस में भारतीय मूल की नेता अनीता आनंद का नाम सबसे आगे है। अनीता आनंद पहले ही जस्टिन ट्रूडो की सरकार में परिवहन मंत्री रह चुकी हैं। उन्होंने 2019 में कनाडा के ओकविल क्षेत्र से पहली बार संसद में कदम रखा था। उनकी पृष्ठभूमि बेहद प्रभावशाली है। अनीता आनंद के पिता डॉ. एसवी आनंद और उनकी मां डॉ. सरोज डी राम भारत से कनाडा जाकर बसे थे।

अनीता का जन्म 20 मई 1967 को नोवा स्कोटिया के केंटविल में हुआ था। उन्होंने टोरंटो यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की और कानून के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। उनके पति जॉन नॉल्टन एक प्रसिद्ध वकील और व्यवसायी हैं। अपनी कड़ी मेहनत और ईमानदारी से अनीता ने कनाडा की राजनीति में एक खास स्थान हासिल किया है।

चंद्र आर्य: कर्नाटक से कनाडा तक का सफर

प्रधानमंत्री पद की दौड़ में एक और भारतीय मूल के नेता चंद्र आर्य का नाम भी तेजी से उभर रहा है। चंद्र आर्य का जन्म भारत के कर्नाटक राज्य में हुआ था। वह कनाडा की संसद के सदस्य हैं और अपनी स्पष्ट विचारधारा के लिए जाने जाते हैं। चंद्र आर्य ने अपने चुनाव प्रचार में कई बड़े वादे किए हैं, जिनमें कनाडा को संप्रभु राष्ट्र बनाने, फिलिस्तीन को मान्यता देने, सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने और नागरिकता आधारित कर प्रणाली शुरू करने का प्रस्ताव शामिल है।

चंद्र आर्य का कनाडा की राजनीति में खासा प्रभाव है। उन्होंने भारतीय समुदाय के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया है। उनकी मेहनत और समर्पण ने उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए एक मजबूत उम्मीदवार बना दिया है।

ट्रूडो के लिए बड़ा झटका

अगर कनाडा का अगला प्रधानमंत्री भारतीय मूल का हुआ, तो यह जस्टिन ट्रूडो के लिए एक बड़ा झटका होगा। भारत के साथ अपने संबंधों को लेकर ट्रूडो पहले ही विवादों में रहे हैं। ऐसे में भारतीय मूल के किसी नेता का कनाडा के शीर्ष पद पर पहुंचना उनके लिए एक कड़ा संदेश होगा।

ट्रूडो की नीतियों और भारत विरोधी रुख के चलते कनाडा और भारत के बीच रिश्ते तल्ख हो गए थे। अब अगर अनीता आनंद या चंद्र आर्य में से कोई एक प्रधानमंत्री बनता है, तो भारत और कनाडा के रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ सकता है।

कनाडा की राजनीति में भारतीय समुदाय की बढ़ती ताकत

कनाडा की राजनीति में भारतीय समुदाय की भूमिका लगातार बढ़ रही है। भारतीय मूल के नेताओं का प्रभाव न केवल राजनीति में बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी देखा जा रहा है। अनीता आनंद और चंद्र आर्य दोनों ही अपनी कड़ी मेहनत और नेतृत्व क्षमता के लिए मशहूर हैं। अगर इनमें से कोई भी प्रधानमंत्री बनता है, तो यह कनाडा के इतिहास में एक नया कीर्तिमान होगा।

अंतिम विचार

कनाडा को नया प्रधानमंत्री चुनने की प्रक्रिया ने भारतीय समुदाय में उम्मीदों को बढ़ा दिया है। अनीता आनंद और चंद्र आर्य जैसे नेताओं की दावेदारी से यह स्पष्ट है कि कनाडा की राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं का कद बढ़ रहा है।

अब देखना यह है कि कनाडा की जनता किसे अपना अगला नेता चुनती है। अगर कनाडा को पहला हिंदू प्रधानमंत्री मिलता है, तो यह न केवल देश के लिए बल्कि भारतीय समुदाय के लिए भी गर्व का विषय होगा।

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