India-Maldives News: भारत और मालदीव ने दूर कर लीं गलतफहमियां- मुइज्जू के विदेश मंत्री जमीर का बड़ा दावा

India-Maldives News: मालदीव में मोहम्मद मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही भारत के साथ संबंध तनावपूर्ण चल रहे हैं। मगर अब विदेश मंत्री मूसा जमीर का कहना है

Sep 16, 2024 - 06:30
Sep 16, 2024 - 09:55
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India-Maldives News: भारत और मालदीव ने दूर कर लीं गलतफहमियां- मुइज्जू के विदेश मंत्री जमीर का बड़ा दावा

India-Maldives News: भारत और मालदीव के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच, मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के नेतृत्व में दोनों देशों के रिश्तों में शुरू में कठिनाई आई थी, लेकिन अब दोनों पक्षों ने आपसी गलतफहमियों को दूर कर लिया है। यह टिप्पणी उन्होंने 15 सितंबर को श्रीलंका की यात्रा के दौरान की। जमीर ने इस मौके पर भारत और चीन सहित अन्य प्रमुख सहयोगियों के साथ मजबूत रिश्ते कायम करने के महत्व को भी रेखांकित किया।

भारत-मालदीव संबंधों में सुधार

मूसा जमीर ने स्वीकार किया कि मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद भारत-मालदीव संबंधों में कुछ चुनौतियां आई थीं, विशेषकर भारतीय सैनिकों की मालदीव से वापसी के मुद्दे पर। उनका कहना है, "हमारी सरकार के शुरुआती दिनों में भारत के साथ कुछ तल्खी थी। भारतीय सैनिकों की वापसी के बाद, हमने गलतफहमियों को दूर कर लिया है। हमारे दोनों देशों के रिश्ते अब बेहतर स्थिति में हैं।"

जमीर की इस टिप्पणी से स्पष्ट होता है कि दोनों देशों ने अपने विवादों को सुलझाने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। भारतीय सैनिकों की वापसी के बाद, दोनों पक्षों ने मिलकर तकनीकी कर्मियों की तैनाती की, जिससे स्थिति को नियंत्रित किया जा सका। हालांकि, मालदीव के तीन उप मंत्रियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के कारण तनाव बढ़ गया था, लेकिन बाद में इन मंत्रियों को निलंबित कर दिया गया था।

मुइज्जू की भारत यात्रा की घोषणा

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने अपने पद संभालने के बाद नयी दिल्ली की यात्रा नहीं की, बल्कि तुर्किये और फिर चीन का दौरा किया। हालांकि, उनके प्रवक्ता ने हाल ही में घोषणा की कि मुइज्जू 'बहुत जल्द' भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है।

आर्थिक स्थिति और अंतरराष्ट्रीय समर्थन

मूसा जमीर ने मालदीव की वर्तमान आर्थिक स्थिति को 'अस्थाई' करार दिया और कहा कि उनके देश को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से राहत पैकेज की कोई तत्काल आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि मालदीव के प्रमुख द्विपक्षीय साझेदार, जैसे कि भारत और चीन, देश की वित्तीय स्थिति को लेकर संवेदनशील हैं और समर्थन कर रहे हैं। जमीर का कहना है, "हमारे द्विपक्षीय साझेदार हमारी जरूरतों और स्थिति के प्रति बहुत संवेदनशील हैं।"

इस समय, मालदीव पर 40.9 करोड़ अमेरिकी डॉलर का कर्ज है, जबकि देश का मौजूदा विदेशी मुद्रा भंडार 44.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर है। इन आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए, जमीर ने देश की वित्तीय स्थिति को संभालने में आत्मनिर्भरता और बाहरी समर्थन की महत्ता को स्पष्ट किया।

श्रीलंका यात्रा और वित्तीय चर्चा

जमीर और मालदीव के वित्त मंत्री मोहम्मद शफीक ने श्रीलंका की यात्रा के दौरान वहां के केंद्रीय बैंक अधिकारियों और अन्य वित्तीय विशेषज्ञों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों में वित्तीय मुद्दों पर चर्चा की गई, जिससे मालदीव की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के उपायों पर विचार किया गया।

मालदीव के विदेश मंत्री की ये टिप्पणियां और राष्ट्रपति मुइज्जू की भारत यात्रा की योजना, दोनों देशों के बीच रिश्तों में सुधार और आर्थिक स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम प्रतीत होते हैं।

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