निठारी कांड के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में की आत्महत्या

निठारी कांड के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। वह हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से बरी हुआ था।

Sep 18, 2026 - 14:35
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निठारी कांड के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में की आत्महत्या

नोएडा के बहुचर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले निठारी कांड के मुख्य आरोपी रहे सुरेंद्र कोली ने उत्तराखंड के हरिद्वार में आत्महत्या कर ली है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरिद्वार के भूपतवाला इलाके में एक मंदिर के सामने स्थित चाय के खोखे पर उसका शव फंदे से लटका हुआ पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि कानूनी प्रक्रियाओं से राहत मिलने के बाद सुरेंद्र कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में ही निवास कर रहा था।

शव की बरामदगी और पुलिस की कार्रवाई

हरिद्वार पुलिस के मुताबिक, शहर कोतवाली के अंतर्गत आने वाली सप्त ऋषि पुलिस चौकी को सूचना मिली थी कि सप्त सरोवर रोड पर स्थित एक चाय की दुकान में एक व्यक्ति मृत अवस्था में मिला है। जब पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची, तो मृतक की पहचान सुरेंद्र कोली के रूप में हुई और वह मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण क्षेत्र के ग्राम मंगरुखाल का रहने वाला था। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सुरेंद्र कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रहकर एक चाय का खोखा किराये पर चला रहा था और वहीं अपना गुजर-बसर कर रहा था।

शुरुआती जांच के दौरान पुलिस को दुकान या उसके आसपास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकेगी। शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने मृतक की पहचान की पुष्टि करते हुए बताया कि वह निठारी मामले में मुख्य आरोपी रहा था। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है और आसपास के लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटानी शुरू कर दी है ताकि मामले के हर पहलू को समझा जा सके।

क्या था निठारी कांड और कोली की भूमिका

सुरेंद्र कोली का नाम साल 2006 में तब सुर्खियों में आया था जब नोएडा के निठारी इलाके में एक मकान के पीछे बने नाले से बच्चों के कंकाल और मानव अवशेष बरामद हुए थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। सुरेंद्र कोली उस मकान में घरेलू सहायक के रूप में काम करता था, जिसका मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर था। पंढेर भी इस मामले में सह-आरोपी था। कोली पर हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में कई मामले दर्ज किए गए थे और उसे अलग-अलग मामलों में निचली अदालतों द्वारा दोषी ठहराते हुए मौत की सजा भी सुनाई गई थी।

हालांकि, उच्च न्यायपालिका में कोली को कई मामलों में राहत मिली। अक्टूबर 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निठारी हत्याकांड से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में सुरेंद्र कोली की दोषसिद्धि और फांसी की सजा को रद्द कर दिया था। अदालत ने उस समय अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए सबूतों और बरामदगी की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए थे, जिसके आधार पर उसे बरी किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट से रिहाई और अंतिम समय

कानूनी लड़ाई का अंतिम पड़ाव नवंबर 2025 में आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने निठारी कांड से जुड़े आखिरी लंबित मामले में भी सुरेंद्र कोली की दोषसिद्धि को रद्द करने का आदेश दिया। शीर्ष अदालत ने उसकी क्यूरेटिव पिटीशन को स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि यदि वह किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है, तो उसे तत्काल रिहा किया जाना चाहिए। इस फैसले के साथ ही निठारी कांड से जुड़े उसके खिलाफ सभी आपराधिक मामले समाप्त हो गए थे। जेल से बाहर आने के बाद वह हरिद्वार चला गया था, जहां उसने चाय की दुकान शुरू की थी और अब वहीं उसकी मौत की खबर सामने आई है।

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