Mahakumbh 2025:महाकुंभ में खाने के बाद गीता प्रेस की किताबें भी फ्री बांटेंगे अडानी

Mahakumbh 2025: महाकुंभ 2025 में देश के उद्योगपति भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं. अरबपति कारोबारी गौतम अडानी पहले ही लाखों श्रद्धालुओं को कुंभ में मुफ्त भोजन

Jan 11, 2025 - 06:00
Jan 12, 2025 - 12:43
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Mahakumbh 2025:महाकुंभ में खाने के बाद गीता प्रेस की किताबें भी फ्री बांटेंगे अडानी

Mahakumbh 2025: देश के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति और अरबपति उद्योगपति गौतम अडानी इस बार महाकुंभ 2025 में अपनी सामाजिक और धार्मिक सेवा की भावना के साथ बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने महाकुंभ में हर दिन 1 लाख श्रद्धालुओं को नि:शुल्क भोजन कराने का संकल्प लिया है। इसके अलावा, अडानी अब गीता प्रेस गोरखपुर की धार्मिक पुस्तकों का भी महाकुंभ में नि:शुल्क वितरण करने जा रहे हैं।

गीता प्रेस की पुस्तकों का नि:शुल्क वितरण

गौतम अडानी ने घोषणा की है कि वह गीता प्रेस की प्रसिद्ध पुस्तक ‘आरती संग्रह’ की 1 करोड़ से अधिक प्रतियां महाकुंभ में श्रद्धालुओं को नि:शुल्क वितरित करेंगे। उन्होंने इस पहल की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की। इस कदम के पीछे उनकी मंशा भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था को और मजबूत करना है।

गीता प्रेस गोरखपुर के पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद अडानी ने कहा, “महाकुंभ भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था का महायज्ञ है। यह हमारे लिए अपार संतुष्टि का विषय है कि इस महायज्ञ में गीता प्रेस के सहयोग से हम ‘आरती संग्रह’ की एक करोड़ प्रतियां श्रद्धालुओं को समर्पित कर रहे हैं।” उन्होंने गीता प्रेस के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था पिछले 100 वर्षों से सनातन साहित्य के माध्यम से राष्ट्र की सेवा कर रही है।

सामाजिक सेवा का आदर्श उदाहरण

गौतम अडानी ने इस अवसर पर कहा, “गीता प्रेस के पदाधिकारियों से मिलकर हमें अपार प्रेरणा प्राप्त हुई। उनकी नि:स्वार्थ सेवाभावना और धर्म के प्रति समर्पण राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है। सेवा साधना है, सेवा प्रार्थना है, और सेवा ही परमात्मा है।” यह पहल समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ अडानी समूह के सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

महाकुंभ में नि:शुल्क भोजन सेवा

इसके अलावा, गौतम अडानी ने महाकुंभ 2025 में हर दिन 1 लाख श्रद्धालुओं को महाप्रसाद बांटने का भी संकल्प लिया है। इस सेवा को अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (ISKCON) के सहयोग से संचालित किया जाएगा। इसके लिए दो अत्याधुनिक रसोइयों का निर्माण किया गया है, जहां 2500 वॉलंटियर्स श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार करेंगे।

श्रद्धालुओं को रोटी, दाल, चावल, सब्जियां और मिठाइयों से सजी थाली परोसी जाएगी। यह भोजन पर्यावरण-अनुकूल पत्तलों में परोसा जाएगा। प्रसाद वितरण के लिए महाकुंभ क्षेत्र में 40 असेंबली पॉइंट्स निर्धारित किए गए हैं।

स्वच्छता और प्रबंधन पर विशेष ध्यान

महाकुंभ में स्वच्छता बनाए रखने के लिए अडानी समूह ने 18,000 सफाई कर्मचारियों की तैनाती का भी प्रबंध किया है। ये कर्मचारी पूरे महाकुंभ क्षेत्र में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही दिव्यांग, बुजुर्ग और बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, ताकि वे आरामदायक और सुविधाजनक अनुभव प्राप्त कर सकें।

गौतम अडानी का राष्ट्रप्रेम और सेवा भाव

गौतम अडानी का यह प्रयास उनकी सामाजिक और धार्मिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य सेवा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। सेवा का अर्थ केवल दान देना नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और परंपराओं को बनाए रखना और उन्हें आगे बढ़ाना भी है।”

महाकुंभ 2025 में अडानी का यह योगदान देश और समाज में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में देखा जा रहा है। यह न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक सेवा है, बल्कि भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्थाओं को विश्व पटल पर मजबूती से स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

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