Mallikarjun Kharge:डुबकी लगाने से गरीबी दूर होगी? खड़गे का शाह के कुंभ स्नान के बाद तंज
Mallikarjun Kharge: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की ओर से प्रयागराज महाकुंभ में डुबकी लगाए जाने के बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इशारों ही इशारों
Mallikarjun Kharge: प्रयागराज महाकुंभ के आयोजन के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी नेताओं पर निशाना साधते हुए महाकुंभ और धार्मिक आयोजनों की आड़ में सामाजिक व आर्थिक मुद्दों को दरकिनार करने का आरोप लगाया है। मध्य प्रदेश के महू में आयोजित कांग्रेस की "जय बापू, जय भीम, जय संविधान" रैली को संबोधित करते हुए खरगे ने सीधे सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "गंगा में डुबकी लगाने से क्या युवाओं को रोजगार मिलेगा? क्या इससे गरीबी खत्म होगी या पेट भरने का भोजन मिलेगा?"
धर्म के नाम पर शोषण बर्दाश्त नहीं करेंगे
खरगे ने स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी की धार्मिक आस्था को चोट पहुंचाने का नहीं है। उन्होंने कहा, "हम सभी धर्म में विश्वास रखते हैं, लेकिन अगर धर्म के नाम पर गरीबों का शोषण होता है, तो कांग्रेस इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी।" उन्होंने सामाजिक समानता की आवश्यकता पर बल देते हुए बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के विचारों को याद किया। उन्होंने कहा, "डॉ. अंबेडकर का मुख्य उद्देश्य समाज में समानता स्थापित करना था। इसके लिए उन्होंने संविधान के जरिए कई कानून बनाए। उन्हें महात्मा गांधी और पंडित नेहरू का पूरा समर्थन मिला।"
आदिवासी अपमान का उदाहरण दिया
खरगे ने समाज में मौजूद असमानता का उदाहरण देते हुए मध्य प्रदेश की एक घटना का जिक्र किया, जहां एक आदिवासी बच्चे के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया था। उन्होंने कहा, "एक आदिवासी बच्चे के मुंह में पेशाब करके उसे अपमानित किया गया। यह घटना संविधान और मानवाधिकारों के खिलाफ है। ऐसे मामलों में संवैधानिक प्रावधानों का सही तरीके से इस्तेमाल करना होगा, केवल दिखावे से काम नहीं चलेगा।"
अमित शाह और योगी आदित्यनाथ पर कटाक्ष
खरगे ने यह बयान ऐसे समय दिया, जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह प्रयागराज महाकुंभ में साधु-संतों के साथ डुबकी लगाने पहुंचे थे। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित थे। खरगे ने इन नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि टीवी पर बेहतर छवि बनाने के लिए डुबकी लगाई जा रही है। उन्होंने कहा, "जब तक टीवी पर डुबकी अच्छी नहीं दिखती, तब तक डुबकी मारते रहते हैं। लेकिन क्या इससे देश के गरीबों और मजदूरों की समस्याएं हल हो जाएंगी?"
समानता की दिशा में एकजुटता की अपील
खरगे ने रैली में मौजूद लोगों से अपील की कि वे बाबा साहब अंबेडकर के आदर्शों को अपनाएं और समाज में समानता स्थापित करने के लिए एकजुट होकर मेहनत करें। उन्होंने कहा, "जब तक हम एकजुट नहीं होंगे, तब तक हमारे अधिकारों की लड़ाई अधूरी रहेगी। हमें संविधान द्वारा मिले अधिकारों का सही तरीके से इस्तेमाल करना होगा।"
राजनीतिक तापमान बढ़ा
महाकुंभ के दौरान धार्मिक आस्था और राजनीति के मेल से देश की राजनीति का तापमान बढ़ता दिख रहा है। एक तरफ केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री धार्मिक आयोजन में सक्रिय हैं, तो दूसरी तरफ विपक्ष इन आयोजनों की आड़ में जनता के वास्तविक मुद्दों को छुपाने का आरोप लगा रहा है।
यह बयानबाजी आगे चलकर राजनीतिक चर्चा का मुख्य विषय बन सकती है। वहीं, महाकुंभ के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक महत्त्व के साथ-साथ रोजगार, शिक्षा और समानता जैसे मुद्दों पर बहस तेज होने की संभावना है।
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