Pakistan News: धर्म के नाम पर अल्पसंख्यकों का कत्ल हुआ, हम उनकी रक्षा नहीं कर पा रहे- PAK मंत्री ख्वाजा

Pakistan News: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी माना है कि उनके देश में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं। ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान में मजहब के नाम पर लोगों को टार्गेट कर हिंसा की जा रही है और देश उनकी रक्षा करने में विफल रहा है।

Jun 25, 2024 - 08:45
Jun 25, 2024 - 14:02
 0  5
Pakistan News: धर्म के नाम पर अल्पसंख्यकों का कत्ल हुआ, हम उनकी रक्षा नहीं कर पा रहे- PAK मंत्री ख्वाजा

Pakistan News: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी माना है कि उनके देश में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं। ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान में मजहब के नाम पर लोगों को टार्गेट कर हिंसा की जा रही है और देश उनकी रक्षा करने में विफल रहा है। यह चिंता की बात है। न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को नेशनल एसेंबली में बोलते हुए ख्वाजा आसिफ ने कहा, “पाकिस्तान में लगभग हर दिन अल्पसंख्यकों का कत्ल हो रहा है। वे इस्लाम की छाया में सुरक्षित नहीं हैं। मैं अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के मुद्दे को संबोधित करना चाहता हूं मगर विपक्ष है कि अड़ंगा लगा रहा है। पाकिस्तान की दुनिया भर में इस वजह से बदनामी हो रही है।”

इस्लाम से जुड़े पंथ भी सुरक्षित नहीं

रक्षा मंत्री ने कहा कि संविधान द्वारा संरक्षण के बावजूद इस्लाम से जुड़े छोटे पंथ तक सुरक्षित नहीं हैं। ये शर्मनाक स्थिति है। उन्होंने नेशनल असेंबली में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक प्रस्ताव पारित करने की बात कही।

आसिफ ने कहा कि किसी एक राज्य में नहीं बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में यह समस्या आ रही है। कई ऐसे लोग मारे गए जिनका ईशनिंदा से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं था। लेकिन निजी खुन्नस के कारण उन्हें मार दिया गया।

रक्षा मंत्री ने कहा कि अहमदिया समुदाय को सबसे ज्यादा समस्या झेलनी पड़ रही है। उन्हें हेट स्पीच से लेकर हिंसक हमलों तक का सामना करना पड़ता है। देश भर में उन्हें सिर्फ उनके विश्वास के लिए शिकार बनाया जाता है। इसी तरह ईसाई समुदाय के लोगों को भी रोजगार, शिक्षा और ईशनिंदा के नाम पर उत्पीड़न झेलना पड़ता है।

रक्षा मंत्री बोले- देश में अल्पसंख्यकों को भी रहने का अधिकार

ख्वाजा आसिफ ने कहा कि हमें अपने अल्पसंख्यक भाइयों और बहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्हें इस देश में रहने का उतना ही अधिकार है जितना बहुसंख्यकों को। पाकिस्तान सभी पाकिस्तानियों का है, चाहे वे मुस्लिम, ईसाई, सिख या किसी अन्य धर्म के हों। हमारा संविधान अल्पसंख्यकों को पूर्ण सुरक्षा की गारंटी देता है।

पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट के अनुसार सिख, हिंदू और अन्य अल्पसंख्यकों को जबरन धर्मांतरण, अगवा करने, हत्याओं और धार्मिक स्थल पर हमलों का सामना करना पड़ रहा है।

पाकिस्तान में दुनिया का सबसे कड़ा ईशनिंदा कानून है। यहां पर कुरान या पैगम्बर का अपमान करने पर आजीवन कारावास से लेकर मौत की सजा तक हो सकती है। हालांकि मौत की सजा सुनाए जाने के बावजूद देश में किसी को फांसी नहीं मिली है।

पाकिस्तान की लोकल मीडिया के मुताबिक 1990 के बाद से अब तक 80 से अधिक को लोगों को ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने मार डाला है। कई बार ऐसा होता है जब कुरान या पैगम्बर के अपमान करने की अफवाह मात्र से किसी भी जगह पर हजारों लोगों की भीड़ जुट जाती है और आरोपी पर हमला बोल देती है।

पाकिस्तान में हाल के कुछ समय में ईशनिंदा के चर्चित मामले

जून 2024ः

पाकिस्तान में बीते गुरुवार को गुस्साई भीड़ ने एक व्यक्ति को कुरान के अपमान करने के आरोप में जिंदा जला दिया था। ये घटना खैबर पख्तूनख्वा के स्वात जिले के मदयान इलाके की है। मारे गए व्यक्ति का नाम मोहम्मद इस्माइल था, जो वहां पर घूमने आया था।

मई 2024:

पंजाब प्रांत के सरगोधा इलाके में एक भीड़ ने ईसाई शख्स पर कुरान का अपमान करने का आरोप लगाया और उसके घर और फैक्ट्री में आग लगा दी। लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में उस शख्स को बुरी तरह पीटा। कुछ दिन बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

मई 2023:

खैबर पख्तूनख्वा में पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी PTI की एक रैली के दौरान ईशनिंदा के आरोप में एक व्यक्ति की हिंसक भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। उस शख्स का गुनाह ये था कि उसने इमरान की तुलना पैगंबर मोहम्मद से कर दी थी।

अप्रैल 2023:

खैबर पख्तून इलाके में एक चीनी इंजीनियर को ईशनिंदा कानून के आरोप में हजारों लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से उसकी जान बचाई और उसे गिरफ्तार कर लिया ताकि वो जिंदा बच पाए। बाद में इंजीनियर ने कहा कि वह मजदूरों से सख्ती से पेश आता था। इसलिए उसे जानबूझकर मारने की कोशिश की गई।

मार्च 2022:

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में मदरसे के बाहर तीन महिलाओं ने एक टीचर की गला काट कर हत्या कर दी। दरअसल इनमें से एक महिला ने ये सपना देखा था कि पीड़िता ने ईशनिंदा की है जिसकी वजह से उन्होंने टीचर का कत्ल कर दिया।

जुलाई 2022:

ईशनिंदा के आरोप में पाकिस्तान की एक कोर्ट ने एक ईसाई व्यक्ति को मौत की सजा सुनाई। उस पर आरोप था कि उसने पैगंबर के बदले जीजस को 'सुप्रीम' कहा।

दिसंबर 2021:

पाकिस्तान के सियालकोट में ईशनिंदा के आरोप में श्रीलंकाई नागरिक प्रियांथा दियावदाना को भीड़ ने पीट-पीट कर मार दिया। प्रियांथा एक कंपनी में मैनेजर के पद पर था। पुलिस की रिपोर्ट में बताया गया कि उसके नियम और काम लेने की वजह से कुछ कर्मचारी मैनेजर से नाखुश थे। जिसके बाद उसपर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया और भीड़ जुटाकर उसकी हत्या कर दी गई।

सितंबर 2021:

लाहौर कोर्ट ने एक स्कूल की प्रिंसिपल सीमा तनवीर को ईशनिंदा के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई। सीमा तनवीर ने खुद के पैगम्बर होने का दावा किया था।

जुलाई 2020:

ताहिर अहमद भसीन नाम के एक अमेरिकी-पाकिस्तानी शख्स की पेशावर में कोर्ट के अंदर घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई। उस पर ईशनिंदा का ट्रायल चल रहा था।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow