S. Jaishankar News:ट्रंप के फैसलों को जयशंकर भारत के लिए अच्छा क्यों बता रहे हैं?

S. Jaishankar News: एस जयशंकर ने ट्रंप के हालिया फैसलों को अच्छा बताया है. उन्होंने कहा कि ट्रंप के नेतृत्व अमेरिकी प्रशासन ने जो भी फैसले लिए हैं, वो भारत के

Mar 6, 2025 - 11:00
Mar 6, 2025 - 23:23
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S. Jaishankar News:ट्रंप के फैसलों को जयशंकर भारत के लिए अच्छा क्यों बता रहे हैं?

S. Jaishankar News: भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नीतिगत फैसलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन द्वारा लिए गए हालिया निर्णय भारत के हित में हैं और इससे दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे। जयशंकर इस समय लंदन दौरे पर हैं, जहां उन्होंने अमेरिका की नई विदेश नीति को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब दिया।

अमेरिका की नई विदेश नीति और भारत पर असर

जयशंकर से जब पूछा गया कि अमेरिका की नई विदेश नीति के पहले 41 दिनों के बारे में उनकी क्या राय है और क्या यह भारत के लिए फायदेमंद होगी, तो उन्होंने कहा,
"अगर मैं ईमानदारी से कहूं तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है। पिछले कुछ हफ्तों में जो कुछ देखा और सुना है, उससे मुझे थोड़ा आश्चर्य हुआ था, लेकिन अगर सही मायने में देखें तो यह भारत के हितों के अनुरूप ही है। हमारे राजनीतिक रिश्ते अच्छे हैं और हाल के दिनों में इस पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है।"

विदेश मंत्री ने आगे कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी मजबूत बनी हुई है। दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से क्वाड (Quad) समूह का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें सभी सदस्य देश अपनी भूमिका निभा रहे हैं और यह साझेदारी बिना किसी अतिरिक्त शर्त के प्रभावी रूप से काम कर रही है।

ट्रंप का टैरिफ पर बड़ा ऐलान

जयशंकर की टिप्पणी ऐसे समय आई जब राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर नए टैरिफ लगाने का बड़ा ऐलान किया। अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा,
"2 अप्रैल से जो देश अमेरिका पर जितना टैरिफ लगाएगा, हम भी उन पर उतना ही टैरिफ लगाएंगे। भारत 100% से अधिक टैरिफ लगाता है, इसलिए हम भी उसी अनुपात में जवाबी टैरिफ लगाएंगे।"

उन्होंने आगे कहा कि भारत ऑटोमोबाइल उत्पादों पर 100% से भी अधिक टैरिफ लगाता है, और अब अमेरिका भी इसी तरह का जवाबी शुल्क लागू करेगा। ट्रंप ने चीन को भी निशाने पर लिया और कहा कि चीन भी अमेरिका के मुकाबले दोगुना टैरिफ लगाता है, इसलिए उन पर भी रेसिप्रोकल (Reciprocal) टैरिफ लगाया जाएगा।

'जैसे को तैसा' नीति और वैश्विक उथल-पुथल

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनकी नीति 'जैसे को तैसा' (Reciprocal Tariff) पर आधारित होगी। उन्होंने कहा,
"हमने पहले ही कनाडा और मेक्सिको से आयात होने वाली वस्तुओं पर 25% और चीन पर 10% टैरिफ लगाने का निर्णय ले लिया है। अब भारत समेत अन्य देशों पर भी यह नीति लागू की जाएगी।"

ट्रंप के इस फैसले के बाद वैश्विक व्यापार जगत में हलचल मच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वैश्विक टैरिफ युद्ध (Global Tariff War) की स्थिति पैदा हो सकती है। कई देशों ने ट्रंप की इस नीति की आलोचना की है, जबकि कुछ देशों ने इसे अपने व्यापारिक हितों की रक्षा करने के लिए सही कदम बताया है।

भारत-अमेरिका संबंधों पर संभावित प्रभाव

जहां एक ओर जयशंकर ने ट्रंप की नीति को भारत के अनुकूल बताया, वहीं व्यापारिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टैरिफ नीति भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों में तनाव पैदा कर सकती है। हालांकि, दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और रक्षा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि यह विवाद ज्यादा लंबे समय तक नहीं रहेगा।

जयशंकर ने अपने बयान में इस बात पर भी जोर दिया कि भारत और अमेरिका के रिश्ते सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देश वैश्विक सुरक्षा, आतंकवाद-निरोध, और इंडो-पैसिफिक रणनीति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

निष्कर्ष

ट्रंप प्रशासन द्वारा अपनाई गई नई व्यापार नीति से भारत को कुछ क्षेत्रों में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन विदेश मंत्री जयशंकर का मानना है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्ते मजबूत बने रहेंगे। भारत और अमेरिका के संबंधों का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि आने वाले महीनों में दोनों देश व्यापारिक विवादों को किस तरह सुलझाते हैं और रणनीतिक साझेदारी को कैसे आगे बढ़ाते हैं।

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