Share Market Crash:कैसे निकलेगा शेयर बाजार की गिरावट का तोड़? निवेशकों के डूबे 12 लाख करोड़

Share Market Crash: लगातार तीन कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी में एक फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है. इस गिरावट की बड़ी वजह डॉलर इंडेक्स

Jan 11, 2025 - 11:40
Jan 12, 2025 - 12:40
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Share Market Crash:कैसे निकलेगा शेयर बाजार की गिरावट का तोड़? निवेशकों के डूबे 12 लाख करोड़

Share Market Crash: बीता हफ्ता भारतीय शेयर बाजार के लिए बहुत उतार-चढ़ाव वाला रहा। विशेष रूप से, पिछले तीन कारोबारी दिनों में हुई गिरावट ने बाजार में हलचल मचा दी और निवेशकों को चिंता में डाल दिया। इस गिरावट के कई कारण हैं, जिनमें डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी, विदेशी निवेशकों का बाजार से पैसा निकालना और भारत की इकोनॉमी के बारे में जारी नकारात्मक अनुमान शामिल हैं। इन परिस्थितियों ने बाजार को अनिश्चितता की स्थिति में डाल दिया है।

रुपए में गिरावट और विदेशी निवेशकों की निराशा

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए में लगातार गिरावट दर्ज हो रही है, जिससे बाजार में दबाव बन रहा है। इसके साथ ही, विदेशी निवेशकों का भारत के शेयर बाजार से पैसा निकालने का सिलसिला जारी है। आंकड़ों के अनुसार, जनवरी महीने में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने 22 हजार करोड़ रुपए से अधिक की निकासी की है। इसका प्रमुख कारण तीसरी तिमाही में कंपनियों की कमजोर कमाई के आंकड़े हैं, जिसके कारण निवेशकों का विश्वास डगमगाया है। इसके अलावा, भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में गिरावट का अनुमान भी निवेशकों के लिए एक चिंता का कारण बना है।

राष्ट्रपति ट्रंप का शपथ ग्रहण और टैरिफ हाइक का डर

20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण के साथ ही भारत पर टैरिफ हाइक का खतरा और बढ़ गया है। इससे विदेशी निवेशकों में असमंजस का माहौल है और वे शेयर बाजार से बाहर निकल रहे हैं। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिख रहा है, क्योंकि ट्रेडिंग में दबाव बना हुआ है और बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी है।

तीसरी तिमाही के कमजोर नतीजे और बाजार की स्थिति

कंपनियों की तीसरी तिमाही की कमाई से निवेशकों को उम्मीदें थीं, लेकिन अब वह भी पूरी होती नजर नहीं आ रही हैं। अनुमान है कि कई कंपनियों की कमाई में सिंगल डिजिट ग्रोथ ही देखने को मिलेगी। इससे निवेशकों का मूड काफी खराब हो गया है और उन्होंने अपने निवेश को लेकर सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।

सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट

आंकड़ों पर नजर डालें तो 7 जनवरी को सेंसेक्स 78,199.11 अंकों पर बंद हुआ था, जबकि 10 जनवरी को यह घटकर 77,378.91 अंकों पर आ गया। इस दौरान सेंसेक्स में 1.05 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। वहीं, निफ्टी में भी भारी गिरावट आई है। 7 जनवरी को निफ्टी 23,707.90 अंकों पर बंद हुआ था, जो 10 जनवरी को 23,431.50 अंकों पर आकर बंद हुआ, यानी 1.16 फीसदी की गिरावट।

निवेशकों को 12 लाख करोड़ का नुकसान

इन गिरावटों के कारण निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है। बीएसई के मार्केट कैप में भी गिरावट आई है। 7 जनवरी को सेंसेक्स का मार्केट कैप 4,41,75,150.04 करोड़ रुपए था, जो 10 जनवरी को घटकर 4,29,67,835.05 करोड़ रुपए हो गया। इसका मतलब है कि सिर्फ तीन दिनों में निवेशकों को 12 लाख करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है।

निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण समय

समग्र रूप से, निवेशकों को आने वाले दिनों में और अधिक मुश्किलें आ सकती हैं। डॉलर के मुकाबले रुपए की गिरावट, विदेशी निवेशकों का बाजार से बाहर निकलना, कमजोर कंपनियों की कमाई और अमेरिकी टैरिफ का खतरा इन सभी कारणों से भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बन सकता है। इस समय में निवेशकों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है और किसी भी बड़े निवेश निर्णय से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।

बीते हफ्ते के घटनाक्रमों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय शेयर बाजार में इस वक्त अनिश्चितता का माहौल है, और निवेशकों को भविष्य के जोखिमों के बारे में गंभीरता से विचार करना होगा।

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