Trump Swearin Ceremony:ट्रंप इकलौते नहीं, शपथ ग्रहण के लिए US में पहले भी तोड़ी गई परंपरा
Trump Swearin Ceremony: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कम तापमान की वजह से परंपरा से हटकर कैपिटल के अंदर शपथ लेने वाले हैं, लेकिन यह कैपिटल के बाहर न होने वाला पहला
Trump Swearin Ceremony: डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। इस बार का शपथ ग्रहण समारोह कुछ मायनों में अलग होगा, क्योंकि यह पारंपरिक तौर पर कैपिटल के बाहर न होकर अंदर आयोजित किया जाएगा। कम तापमान और खराब मौसम के कारण, ट्रंप कैपिटल के अंदर शपथ लेने वाले हैं। यह पहली बार नहीं है जब अमेरिकी राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण समारोह कैपिटल के बाहर नहीं हो रहा है। इतिहास में कई बार असामान्य परिस्थितियों में शपथ ग्रहण किए गए हैं।
अमेरिकी इतिहास में शपथ ग्रहण के शुरुआती दौर
अमेरिका के पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन ने 27 अप्रैल 1789 को न्यूयॉर्क शहर के फेडरल हॉल की बालकनी में अपने पहले कार्यकाल की शपथ ली थी। यह पहला मौका था जब वाशिंगटन डी.सी. से बाहर शपथ ग्रहण हुआ। अपने दूसरे कार्यकाल के लिए, वाशिंगटन ने फिलाडेल्फिया के कांग्रेस हॉल में शपथ ली।
1801 में थॉमस जेफरसन ने यूएस कैपिटल के अंदर शपथ लेकर यह परंपरा शुरू की कि सभी शपथ ग्रहण समारोह वाशिंगटन डी.सी. में होंगे। इससे पहले, जॉन एडम्स ने भी फिलाडेल्फिया में शपथ ली थी।
जब परंपराएं टूटीं
समय-समय पर असाधारण परिस्थितियों में शपथ ग्रहण समारोह ने परंपराओं से हटकर नए उदाहरण पेश किए। 1881 में राष्ट्रपति जेम्स गारफील्ड को गोली लगने के बाद, उपराष्ट्रपति चेस्टर ए. आर्थर ने न्यूयॉर्क शहर में अपने घर पर पद की शपथ ली। इसी तरह, 1901 में राष्ट्रपति विलियम मैककिनले की हत्या के बाद, उपराष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट ने बफ़ेलो, न्यूयॉर्क के एंस्ले विलकॉक्स निवास में शपथ ग्रहण किया।
एक अन्य दिलचस्प घटना में, 1963 में राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी की हत्या के बाद, उपराष्ट्रपति लिंडन बी. जॉनसन ने एयरफोर्स वन में शपथ ली थी। यह इतिहास में एकमात्र ऐसा मौका था जब राष्ट्रपति पद की शपथ विमान में ली गई।
डोनाल्ड ट्रंप का ऐतिहासिक फैसला
डोनाल्ड ट्रंप का इस बार का इनडोर शपथ ग्रहण समारोह इतिहास में यादगार रहेगा। ठंड और मौसम के प्रभाव के बावजूद, यह कार्यक्रम अमेरिकी लोकतंत्र की मजबूती और निरंतरता को दर्शाता है।
अमेरिका के राष्ट्रपति शपथ ग्रहण समारोह, चाहे पारंपरिक हो या असाधारण, यह हमेशा इस महान राष्ट्र के संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा है। ट्रंप का यह समारोह भी एक नई मिसाल बनेगा।
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