:आज बैंक रहेंगे बंद! 5-डे वर्क वीक पर कर्मचारियों का हल्ला बोल

भारत में आज सरकारी बैंक बंद रहेंगे। 5-डे वर्क वीक की मांग को लेकर बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल का आह्वान किया है। जानें किन सेवाओं पर पड़ेगा असर।

Jan 27, 2026 - 09:35
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:आज बैंक रहेंगे बंद! 5-डे वर्क वीक पर कर्मचारियों का हल्ला बोल

भारत के बैंकिंग क्षेत्र में आज एक बड़ा गतिरोध देखने को मिल रहा है क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर आज 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल की जा रही है। इस हड़ताल का मुख्य कारण 5-डे वर्क वीक यानी सप्ताह में केवल पांच दिन काम करने की मांग है। पिछले कई महीनों से बैंक यूनियनें सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ इस मुद्दे पर। बातचीत कर रही थीं, लेकिन कोई ठोस परिणाम न निकलने के कारण अंततः हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ा।

लगातार तीन दिनों तक बैंकिंग सेवाएं ठप

आम जनता के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है क्योंकि बैंक पिछले दो दिनों से पहले ही बंद थे। 25 जनवरी को रविवार था और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का राष्ट्रीय अवकाश था। अब 27 जनवरी को हड़ताल होने के कारण लगातार तीसरे दिन बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। इससे चेक क्लियरिंग, नकद जमा और ऋण संबंधी कार्यों पर गहरा असर पड़ेगा। हालांकि डिजिटल बैंकिंग और यूपीआई सेवाएं चालू हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में जहां लोग शाखाओं पर निर्भर हैं, वहां भारी किल्लत देखी जा रही है।

कर्मचारी संगठनों का क्या है तर्क?

अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (AIBEA) के महासचिव सी एच वेंकटचलम ने स्पष्ट किया है कि यह हड़ताल शौक नहीं बल्कि मजबूरी है। उन्होंने कहा कि सुलह बैठक में सरकार की ओर से कोई सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला और वहीं, एआईबीओसी के महासचिव रूपम रॉय का कहना है कि कर्मचारी सप्ताह में पांच दिन काम करने के बदले हर दिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हैं। इससे बैंक के कुल कार्य घंटों में कोई कमी नहीं आएगी, बल्कि कर्मचारियों की कार्यक्षमता और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होगा। उनका तर्क है कि एलआईसी और कई अन्य सरकारी संस्थानों में पहले से ही 5-डे वर्क वीक लागू है, तो बैंकों के साथ भेदभाव क्यों?

निजी बैंकों की स्थिति और ग्राहकों को सलाह

राहत की बात यह है कि एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक जैसे निजी क्षेत्र के बैंक इस हड़ताल में शामिल नहीं हैं और उनके कर्मचारी इन यूनियनों का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए वहां कामकाज सामान्य रूप से चलेगा। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे आज के दिन के लिए डिजिटल माध्यमों का अधिक उपयोग करें। एटीएम में नकदी की समस्या हो सकती है क्योंकि लगातार तीन दिन बैंक बंद रहने से कैश रिफिलिंग की प्रक्रिया बाधित हुई है। व्यापारियों को भी सलाह दी गई है कि वे अपने बड़े लेनदेन को कल तक के लिए टाल दें।

भविष्य की रणनीति

यदि आज की हड़ताल के बाद भी सरकार मांगों पर विचार नहीं करती। है, तो यूनियनों ने आने वाले समय में अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। बैंकिंग क्षेत्र में सुधारों और निजीकरण के विरोध में भी स्वर तेज हो रहे हैं। अब सबकी नजरें वित्त मंत्रालय के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या वह कर्मचारियों की इस 'वाजिब' मांग को स्वीकार करता है या गतिरोध जारी रहता है।

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