:बजट 2026: सीमा शुल्क में बदलाव से दवाइयां और मोबाइल सस्ते, सिगरेट और एफएंडओ ट्रेडिंग महंगी

बजट 2026-27 में कैंसर की दवाएं और मोबाइल सस्ते हुए हैं, जबकि सिगरेट और एफएंडओ ट्रेडिंग महंगी हो गई है। विस्तार से पढ़ें।

Feb 1, 2026 - 14:35
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:बजट 2026: सीमा शुल्क में बदलाव से दवाइयां और मोबाइल सस्ते, सिगरेट और एफएंडओ ट्रेडिंग महंगी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए घरेलू विनिर्माण को गति देने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए सीमा शुल्क संरचना में व्यापक बदलाव किए हैं। इस बजटीय घोषणा के बाद कैंसर की दवाइयां और मोबाइल फोन के पुर्जे सस्ते होंगे, जबकि तंबाकू उत्पादों और शेयर बाजार में ट्रेडिंग की लागत में वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार का प्राथमिक उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देना और आयात पर निर्भरता कम करना है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत: जीवन रक्षक दवाएं हुईं सस्ती

बजट 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं और दुर्लभ बीमारियों के उपचार के लिए आवश्यक 7 दवाओं को पूरी तरह से सीमा शुल्क मुक्त (Duty-Free) कर दिया है। इसके अतिरिक्त, व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयात की जाने वाली अन्य आवश्यक दवाओं पर लगने वाले शुल्क को 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है। विश्लेषकों के अनुसार, इस कदम से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे परिवारों पर वित्तीय बोझ कम होगा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहन: घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन

तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए स्मार्टफोन और टैबलेट के निर्माण में उपयोग होने वाले कैमरा मॉड्यूल और डिस्प्ले पैनल जैसे कंपोनेंट्स पर सीमा शुल्क में कटौती की गई है। इससे देश में निर्मित मोबाइल फोन की कीमतों में कमी आने की संभावना है और साथ ही, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए लिथियम-आयन बैटरी के निर्माण में प्रयुक्त कच्चे माल जैसे लिथियम और कोबाल्ट पर आयात शुल्क घटाया गया है। स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सोलर पैनल और सीएनजी किट पर भी कर राहत दी गई है।

उपभोक्ता वस्तुएं और खेल उपकरण: मध्यम वर्ग के लिए बदलाव

चमड़ा और कपड़ा उद्योग के निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए इनके कच्चे माल के आयात पर शुल्क कम किया गया है। इससे घरेलू बाजार में ब्रांडेड जूते और कपड़ों की कीमतों में स्थिरता या कमी आ सकती है। ‘खेलो इंडिया’ मिशन के तहत खेल उपकरणों को अधिक किफायती बनाने के लिए उन पर लगने वाले करों को युक्तिसंगत बनाया गया है। विमानन क्षेत्र में रखरखाव और मरम्मत (MRO) की लागत कम करने के लिए विमान के पुर्जों पर सीमा शुल्क में छूट का विस्तार किया गया है, जिसका दीर्घकालिक लाभ हवाई किराए में मिल सकता है।

महंगी होने वाली वस्तुएं: तंबाकू, लग्जरी और वित्तीय लेनदेन

राजस्व संग्रह और सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सिगरेट और पान मसाला पर नई एक्साइज ड्यूटी और ‘सिन टैक्स’ (Sin Tax) लगाने का प्रस्ताव दिया है। इसके साथ ही, विदेशी शराब और आयातित लग्जरी वस्तुओं जैसे परफ्यूम, महंगी घड़ियों और डिजाइनर कपड़ों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया गया है। शेयर बाजार के संदर्भ में, फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, जिससे सट्टा व्यापार की लागत बढ़ जाएगी।

आर्थिक विश्लेषण और निष्कर्ष

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, बजट 2026-27 की कर संरचना संतुलित विकास और राजकोषीय अनुशासन पर केंद्रित है। कीमती धातुओं जैसे सोना और चांदी पर आयात शुल्क में किए गए समायोजन से घरेलू बाजार में इनकी कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। सरकार का ध्यान स्पष्ट रूप से उन क्षेत्रों पर है जो रोजगार सृजन और तकनीकी नवाचार में योगदान देते हैं। कुल मिलाकर, यह बजट आवश्यक सेवाओं को सस्ता करने और गैर-जरूरी विलासिता की वस्तुओं पर कर बढ़ाने की नीति का अनुसरण करता है।

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