CMPDIL IPO: कोल इंडिया की सब्सिडियरी का ₹1,842 करोड़ का आईपीओ खुला

CMPDIL का ₹1,842 करोड़ का आईपीओ 20 मार्च को खुला। ₹163-172 प्राइस बैंड और वित्तीय प्रदर्शन की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

Mar 21, 2026 - 07:35
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CMPDIL IPO: कोल इंडिया की सब्सिडियरी का ₹1,842 करोड़ का आईपीओ खुला

कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट (CMPDIL) ने भारतीय प्राथमिक बाजार में अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) पेश कर दिया है। यह आईपीओ 20 मार्च को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला और निवेशक 24 मार्च तक इसमें बोली लगा सकते हैं। कंपनी ने इस सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से ₹1,842 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। इस इश्यू के लिए प्राइस बैंड ₹163 से ₹172 प्रति इक्विटी शेयर निर्धारित किया गया है। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का कुल मूल्यांकन लगभग ₹12,280 करोड़ आंका गया है।

कंपनी का व्यावसायिक प्रोफाइल और कार्यक्षेत्र

सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट (CMPDIL) की स्थापना वर्ष 1975 में हुई थी। यह कंपनी मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग, एनवायरमेंटल मैनेजमेंट, जियोमैटिक्स, स्पेशलाइज्ड टेक्नोलॉजी सर्विसेज और मैनेजमेंट सिस्टम्स जैसे क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी की विशेषज्ञता मुख्य रूप से कोयला उद्योग और अन्य खनिज क्षेत्रों के लिए परामर्श और तकनीकी सहायता प्रदान करने में है। कंपनी ने अपने रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) में स्पष्ट किया है कि वह कोयला क्षेत्र में अन्वेषण और योजना निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण इकाई के रूप में कार्य करती है।

वित्तीय प्रदर्शन और राजस्व के आंकड़े

वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान CMPDIL के वित्तीय प्रदर्शन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कंपनी ने इस अवधि में लगभग ₹2,102 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 23% की वृद्धि दर्शाता है। इसी अवधि के दौरान कंपनी का कर पश्चात लाभ (PAT) 33% बढ़कर ₹600 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी ने 26 मई, 2025 को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा किया था। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के बाद यह इस वर्ष बाजार में सूचीबद्ध होने वाली कोल इंडिया की दूसरी सहायक कंपनी है।

आईपीओ की संरचना और निवेश का विवरण

यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि कंपनी नए शेयर जारी नहीं कर रही है। 71 करोड़ शेयरों की बिक्री करेगी। आईपीओ के तहत शेयरों का आवंटन विभिन्न श्रेणियों के लिए आरक्षित किया गया है, जिसमें 50% हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) के लिए, 35% खुदरा निवेशकों के लिए और शेष 15% गैर-संस्थागत खरीदारों (NII) के लिए सुरक्षित रखा गया है। खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट साइज 80 शेयरों का तय किया गया है, जिसके लिए ऊपरी प्राइस बैंड पर ₹13,760 का निवेश आवश्यक होगा।

बाजार की स्थिति और ब्रोकरेज फर्मों का दृष्टिकोण

विभिन्न ब्रोकरेज फर्मों ने इस आईपीओ पर अपनी रिपोर्ट जारी की है। आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स के अनुसार, कंपनी का मूल्यांकन लंबी अवधि के दृष्टिकोण से स्थिर नजर आता है। अरिहंत कैपिटल मार्केट्स ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि सरकार का ध्यान ऊर्जा सुरक्षा पर केंद्रित है, जिससे कोयला उत्पादन में वृद्धि की संभावना है और CMPDIL जैसी परामर्श फर्मों के लिए निरंतर कैश फ्लो बना रह सकता है। स्वास्तिका इनवेस्टमार्ट के अनुसार, कंपनी ऋण मुक्त है, जो इसकी बैलेंस शीट को मजबूती प्रदान करता है। हालांकि, रिपोर्टों में यह भी रेखांकित किया गया है कि कंपनी अपने राजस्व के लिए लगभग 90% अपनी मूल कंपनी कोल इंडिया पर निर्भर है।

बाजार का माहौल और वैश्विक चुनौतियां

CMPDIL का आईपीओ ऐसे समय में आया है जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों के कारण शेयर बाजार में अस्थिरता देखी जा रही है और बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। इससे पहले जनवरी में कोल इंडिया ने अपनी एक अन्य सहायक कंपनी भारत कोकिंग कोल (BCCL) का ₹1,071 करोड़ का आईपीओ पेश किया था। वर्तमान बाजार स्थितियों के बीच, निवेशक कंपनी की वित्तीय स्थिरता और उसके ऋण मुक्त होने के पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

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