G20 Summit 2025:G20 शिखर सम्मेलन में भारत-फ्रांस की 'अमर मित्रता': पीएम मोदी और मैक्रों की खास मुलाकात
जोहान्सबर्ग में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की और भारत-फ्रांस की दोस्ती को 'अमर' बताया। जानें इस खास मुलाकात की पूरी खबर।
जोहान्सबर्ग में G20 शिखर सम्मेलन का दूसरा दिन दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन का दूसरा दिन वैश्विक नेताओं के लिए महत्वपूर्ण बैठकों और चर्चाओं से भरा रहा और इसी दौरान, एक खास पल आया जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल की ओर कदम बढ़ाए। यह मुलाकात भीड़भाड़ वाले हॉल में हुई, जहां मैक्रों के चेहरे पर एक बड़ी मुस्कान थी। वे सीधे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास पहुंचे और दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया। इस दौरान कैमरों की चमक में उनकी गहरी दोस्ती साफ झलक रही थी, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान खींचा। दोनों नेताओं ने एक साथ खड़े होकर तस्वीरें भी खिंचवाईं, जो उनके आपसी सौहार्द और मजबूत संबंधों का प्रतीक थीं।
भारत-फ्रांस संबंधों की सराहना
इस अवसर पर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत और। फ्रांस के बीच के संबंधों की खुले दिल से तारीफ की। उन्होंने इस दोस्ती को न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि दुनिया के भविष्य के लिए भी अच्छा बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने भी मैक्रों की भावनाओं का सम्मान करते हुए दोनों। देशों की मित्रता को वैश्विक हित के लिए एक महत्वपूर्ण शक्ति करार दिया। यह मुलाकात G20 जैसे महत्वपूर्ण मंच पर हुई, जहां दुनिया के तमाम अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही थी, और ऐसे। में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं का एक-दूसरे के प्रति यह स्नेह और सम्मान वैश्विक मंच पर एक मजबूत संदेश देता है।
मैक्रों ने मोदी को कहा 'मेरे दोस्त'
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपनी खुशी जाहिर करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) का सहारा लिया और उन्होंने एक पोस्ट किया जिसमें उन्होंने लिखा, ''शुक्रिया, मेरे दोस्त नरेंद्र मोदी। जब देश मिलकर आगे बढ़ते हैं तो वे और भी मजबूत होते हैं। हमारे देशों के बीच दोस्ती अमर रहे! '' यह पोस्ट न केवल उनकी व्यक्तिगत मित्रता को दर्शाता है, बल्कि। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की गहराई को भी उजागर करता है। 'मेरे दोस्त' जैसे संबोधन से यह स्पष्ट होता है कि दोनों नेताओं के बीच केवल कूटनीतिक संबंध ही नहीं, बल्कि एक व्यक्तिगत जुड़ाव भी है। फ्रांस के राष्ट्रपति की इस गर्मजोशी भरी पोस्ट का जवाब प्रधानमंत्री मोदी ने भी उसी भावना के साथ दिया। खास बात यह रही कि पीएम मोदी ने एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया फ्रेंच भाषा में दी, जो फ्रांस के प्रति उनके सम्मान और दोनों देशों के सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है। उन्होंने लिखा, ''जोहान्सबर्ग में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों से मिलकर खुशी हुई। हमने तमाम मुद्दों पर उपयोगी बातचीत की। भारत और फ्रांस के आपसी संबंध वैश्विक हित के लिए एक महत्वपूर्ण शक्ति बने हुए हैं। '' यह फ्रेंच में दिया गया जवाब दोनों देशों के बीच संबंधों की विशिष्टता और प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीतिक सूझबूझ को दर्शाता है।
वैश्विक हित में भारत-फ्रांस साझेदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पोस्ट में इस बात पर जोर दिया कि भारत और फ्रांस के आपसी संबंध वैश्विक हित के लिए एक महत्वपूर्ण शक्ति बने हुए हैं। यह बयान दोनों देशों की साझेदारी के व्यापक प्रभाव को रेखांकित करता है। G20 शिखर सम्मेलन जैसे मंच पर, जहां वैश्विक अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास और अन्य भू-राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा होती है, भारत और फ्रांस जैसे प्रमुख देशों का एक साथ आना और मजबूत संबंध बनाए रखना वैश्विक स्थिरता और प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनकी बातचीत में दुनिया के तमाम अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श शामिल था, जो दर्शाता है कि उनकी साझेदारी केवल द्विपक्षीय नहीं, बल्कि वैश्विक आयाम रखती है।
G20 में पीएम मोदी की अन्य महत्वपूर्ण मुलाकातें
G20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकातें केवल फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों तक ही सीमित नहीं रहीं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में आयोजित इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के इतर कई अन्य देशों के नेताओं से भी मुलाकात की और इन मुलाकातों में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस शामिल थे। इन बैठकों ने भारत को विभिन्न देशों के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को और सशक्त करने का अवसर प्रदान किया।
वैश्विक विकास मानकों पर पुनर्विचार का आह्वान
G20 नेताओं की बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने एक महत्वपूर्ण आह्वान किया। उन्होंने ग्लोबल डेवलपमेंट स्टैंडर्ड्स पर गहन पुनर्विचार की आवश्यकता पर जोर दिया। यह आह्वान ऐसे समय में आया है जब दुनिया विभिन्न विकास चुनौतियों का सामना कर रही है, और पारंपरिक विकास मॉडल की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। पीएम मोदी का यह बयान वैश्विक समुदाय को एक अधिक समावेशी, न्यायसंगत और टिकाऊ विकास पथ की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करता है और यह भारत की उस प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है कि वह केवल अपने देश के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सकारात्मक बदलाव लाने में सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है।
Merci mon ami, cher @NarendraModi. Les nations sont plus fortes lorsqu’elles avancent ensemble. Vive l’amitié entre nos pays ! https://t.co/IX3umOVHG7— Emmanuel Macron (@EmmanuelMacron) November 22, 2025
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