भारत में मेटा की बढ़ी मुश्किलें: इंस्टाग्राम पर अश्लील विज्ञापन और व्हाट्सऐप फीचर पर सरकार सख्त
केंद्र सरकार ने इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक विज्ञापनों और व्हाट्सऐप के नए फीचर को लेकर मेटा को तलब किया है। जानें क्या है पूरा मामला और मेटा पर क्यों गिर सकती है गाज।
सोशल मीडिया दिग्गज मेटा के लिए भारत में मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स की मूल कंपनी मेटा एक ही सप्ताह में दूसरी बार भारत सरकार के निशाने पर आ गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय यानी MeitY अब कंपनी को तलब करने की तैयारी में है। यह कदम इंस्टाग्राम पर बच्चों से जुड़े कथित अश्लील विज्ञापनों के मामले में उठाया जा रहा है। इससे पहले सरकार व्हाट्सऐप के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर पर भी मेटा को नोटिस भेज चुकी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रालय के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेटा से इन गंभीर सुरक्षा चूकों पर जवाब मांगा जाए। भारत मेटा के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है और यहां की सुरक्षा चिंताओं को सरकार बेहद गंभीरता से ले रही है।
बीबीसी की जांच और इंस्टाग्राम का विज्ञापन विवाद
यह पूरा मामला बीबीसी की एक चौंकाने वाली जांच के बाद गरमाया है। इस जांच में दावा किया गया कि इंस्टाग्राम पर ऐसे पेड विज्ञापन दिखाई दे रहे थे जो यूजर्स को सीधे टेलीग्राम चैनलों तक ले जा रहे थे। इन टेलीग्राम चैनलों पर कथित तौर पर चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मैटेरियल यानी बच्चों से जुड़ा आपत्तिजनक कंटेंट मात्र 99 रुपये की कीमत पर बेचा जा रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, बीबीसी ने भारत में एक नया इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर इस सिस्टम की पड़ताल की। कुछ ही दिनों के भीतर उस अकाउंट पर पहले अश्लील पोस्ट और फिर ऐसे विज्ञापन दिखने लगे जिनमें बच्चों को आपत्तिजनक तरीके से दिखाया गया था और इन विज्ञापनों में चाइल्ड वीडियो और रेप वीडियो जैसे कीवर्ड्स का इस्तेमाल किया गया था। बीबीसी ने ऐसे करीब 30 विज्ञापनों और उनसे जुड़े टेलीग्राम चैनल्स की जानकारी भारतीय अधिकारियों को सौंपी है। सरकार अब यह जानना चाहती है कि इंस्टाग्राम का रिव्यू सिस्टम इन विज्ञापनों को पकड़ने में कैसे विफल रहा।
व्हाट्सऐप यूजरनेम फीचर पर सरकार की आपत्ति
इंस्टाग्राम विवाद के साथ-साथ मेटा को व्हाट्सऐप के नए यूजरनेम फीचर को लेकर भी कड़ी चेतावनी मिली है। केंद्र सरकार का मानना है कि यह फीचर ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों को बढ़ावा दे सकता है और वर्तमान में व्हाट्सऐप फोन नंबर पर आधारित है, लेकिन यूजरनेम फीचर आने से पहचान छिपाना और दूसरों की नकल करना आसान हो सकता है। आईटी मंत्रालय ने मेटा को नोटिस जारी कर इस फीचर के रोलआउट पर तब तक रोक लगाने को कहा है जब तक सरकार के साथ इस पर पूरी बातचीत न हो जाए। मंत्रालय ने कंपनी से यह भी पूछा है कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए और इस नोटिस के बाद मेटा की टीम ने मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की है और उन्हें विस्तृत जवाब देने के लिए 3 दिन का समय दिया गया है।
भारत में मेटा का विशाल साम्राज्य और यूजर डेटा
भारत मेटा के लिए कितना महत्वपूर्ण है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम और फेसबुक को मिलाकर 1 अरब से भी अधिक यूजर्स हैं। आंकड़ों के अनुसार, भारत में व्हाट्सऐप के 60 करोड़ से ज्यादा और इंस्टाग्राम के 41 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं। कुछ रिपोर्ट्स में इंस्टाग्राम की विज्ञापन पहुंच 48 करोड़ से 55 करोड़ तक बताई गई है। फेसबुक के यूजर्स की संख्या भी 40 से 50 करोड़ के बीच है, जबकि जून 2026 के एक अनुमानित आंकड़े के अनुसार भारत में फेसबुक के 70 करोड़ और 68 लाख यूजर्स थे। भारत में मेटा के प्लेटफॉर्म का सबसे बड़ा हिस्सा 25 से 34 साल के युवाओं का है, जिनकी हिस्सेदारी 33 प्रतिशत और 3 पॉइंट है। कुल यूजर बेस का लगभग 63 प्रतिशत हिस्सा 35 साल से कम उम्र के लोगों का है। जेंडर के आधार पर देखें तो 68 से 70 प्रतिशत पुरुष और 30 से 32 प्रतिशत महिलाएं इन प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करती हैं।
मेटा की वित्तीय ताकत और भविष्य की चुनौती
मेटा दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से एक है, जिसकी बाजार वैल्यू लगभग 1 ट्रिलियन और 480 बिलियन डॉलर है। स्टैटिस्टा के अनुसार, कंपनी की कुल संपत्ति 366 बिलियन डॉलर से अधिक है और इसकी कुल इक्विटी करीब 217 बिलियन डॉलर है। वर्ष 2025 में मेटा का वार्षिक राजस्व लगभग 200 बिलियन और 100 मिलियन डॉलर रहा, जबकि कंपनी ने 60 बिलियन और 460 मिलियन डॉलर का शुद्ध लाभ कमाया। इतनी बड़ी वित्तीय ताकत होने के बावजूद, भारत जैसे बड़े बाजार में कंटेंट मॉडरेशन और सुरक्षा मानकों पर उठ रहे सवाल कंपनी के लिए बड़ी चुनौती हैं। मेटा ने अपने बचाव में कहा है कि कोई भी सिस्टम पूरी तरह सही नहीं होता, लेकिन उन्होंने कई आपत्तिजनक विज्ञापन हटाए हैं और अकाउंट्स को सस्पेंड किया है। हालांकि, सरकार अब कंपनी से ठोस कार्ययोजना और जवाबदेही की मांग कर रही है।
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