Strait of Hormuz Toll: ईरान हर जहाज से वसूलेगा 1 मिलियन डॉलर, अमेरिका की अपील ठुकराई

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर 1 मिलियन डॉलर का टोल लगाने का फैसला किया है। सालाना 43 अरब डॉलर की वसूली का लक्ष्य रखा गया है।

Jul 3, 2026 - 15:35
 0  0
Strait of Hormuz Toll: ईरान हर जहाज से वसूलेगा 1 मिलियन डॉलर, अमेरिका की अपील ठुकराई

मध्य पूर्व में रणनीतिक और आर्थिक हलचल के बीच ईरान ने एक बड़ा फैसला लेते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टोल वसूलने की घोषणा की है। ईरान ने अमेरिका को स्पष्ट कर दिया है कि वह इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले हर जहाज से शुल्क लेगा। कतर में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान ईरान ने इस योजना की जानकारी साझा की। ईरान का लक्ष्य इस टोल के माध्यम से हर साल 43 अरब डॉलर का राजस्व प्राप्त करना है। ईरान ने यह साफ कर दिया है कि होर्मुज पर उसका पूर्ण अधिकार है और वह पनामा की तरह यहां पर टोल वसूलेगा।

टोल वसूली का पूरा गणित

ईरान की इस योजना के पीछे का गणित काफी विस्तृत है। तेहरान ने सालाना 43 अरब डॉलर वसूलने का लक्ष्य रखा है, जिसका अर्थ है कि उसे प्रतिदिन 117 मिलियन 8 लाख डॉलर की कमाई करनी होगी। जंग से पहले और सामान्य परिस्थितियों में होर्मुज के रास्ते हर दिन लगभग 120 जहाज गुजरते थे। ईरान को उम्मीद है कि शांति स्थापित होने के बाद फिर से इस रास्ते से 120 जहाज गुजरेंगे। इसी संख्या को आधार मानते हुए ईरान ने तय किया है कि वह प्रत्येक जहाज से लगभग 1 मिलियन डॉलर का टोल वसूलेगा। ईरान ने अपने पड़ोसी देशों को भी इस योजना के बारे में सूचित कर दिया है।

अमेरिका की कोशिशें और ईरान का रुख

वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनेर ने ईरान को इस टोल योजना से पीछे हटने के लिए मनाने की कोशिश की थी। अमेरिका ने बैठक के आखिरी वक्त तक ईरान से टोल वसूलने के प्लान को ठंडे बस्ते में डालने की अपील की। अमेरिका ने इसके लिए ईरान को कई तरह का प्रलोभन भी दिया और अमेरिकी दूतों ने ईरान से कहा कि अगर वे टोल नहीं लेते हैं तो उन्हें उनके सारे जब्त पैसे नकद में दिए जाएंगे। हालांकि, ईरान टोल को लेकर टस से मस नहीं हुआ और उसने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।

चीनी और रूसी मुद्रा में भुगतान की तैयारी

ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर जो टोल वसूलेगा, वह उसे अमेरिकी डॉलर के बजाय चीनी या रूसी मुद्रा में लेना चाहता है। यह कदम वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है और इसके अलावा, ईरान ने यह भी योजना बनाई है कि वह इस टोल वसूली से होने वाली कमाई का कुछ हिस्सा ओमान को भी देगा। ईरान का मानना है कि उसे अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए तुरंत राजस्व की आवश्यकता है और वह इस पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।

ओमान का प्रस्ताव और ईरान का इनकार

ओमान ने इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए ईरान को एक विशेष प्रस्ताव दिया था। ओमान का सुझाव था कि ईरान इस शुल्क को पर्यावरण शुल्क के नाम पर वसूले, लेकिन इसकी पूरी व्यवस्था किसी अन्य देश या स्वतंत्र एजेंसी को सौंप दी जाए। ओमान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड होर्मुज में अपनी मनमानी न कर सकें और अंतरराष्ट्रीय व्यापार सुचारू रूप से चलता रहे। हालांकि, ईरान ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। तेहरान ने साफ कर दिया है कि उसे तुरंत राजस्व चाहिए और वह टोल वसूली की जिम्मेदारी किसी अन्य देश या एजेंसी को नहीं देगा। ईरान इस पूरी प्रक्रिया को अपने सीधे नियंत्रण में रखना चाहता है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow