GST Reduction:GST कम होने के बावजूद महंगी हुईं सैलून, जिम सेवाएं: ग्राहकों को नहीं मिल रहा लाभ

जीएसटी दरों में कटौती के बावजूद सैलून, जिम और फिटनेस सेवाओं की कीमतें 10-20% बढ़ गईं। इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हटने से व्यवसायों की लागत बढ़ी, जिसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ा है। सरकार ने इस समस्या को स्वीकार किया है और कार्रवाई की तैयारी में है।

Oct 23, 2025 - 14:35
 0  15
GST Reduction:GST कम होने के बावजूद महंगी हुईं सैलून, जिम सेवाएं: ग्राहकों को नहीं मिल रहा लाभ

जीएसटी में कटौती का लाभ सीधे ग्राहकों तक पहुंचने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है और 22 सितंबर से सैलून, जिम, फिटनेस सेंटर और योग क्लासेस जैसी सेवाओं पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) की दर 18% से घटाकर 5% कर दी गई थी। ग्राहकों को उम्मीद थी कि इससे ये सेवाएं सस्ती होंगी, लेकिन कीमतों में 10 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई है। यह स्थिति ग्राहकों और कारोबारियों दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई है।

इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का प्रभाव

इस विसंगति का मुख्य कारण सरकार द्वारा इन सेवाओं पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का विकल्प बंद करना है। ITC एक तंत्र है जो व्यवसायों को उनके खर्चों पर भुगतान किए गए टैक्स का एक हिस्सा वापस लेने की अनुमति देता है। ITC सुविधा बंद होने के बाद, सैलून और जिम जैसे व्यवसायों को अपने उपकरण, बिजली, किराया और अन्य परिचालन लागतों पर पूरा GST खुद ही वहन करना पड़ा। इससे उनकी कुल लागत बढ़ गई, और इस अतिरिक्त बोझ को उन्होंने ग्राहकों पर डाल दिया।

कारोबारियों की दुविधा और ग्राहकों की परेशानी

कई बड़े सैलून चेन के मालिकों ने बताया कि उन्हें नई GST दर लागू होने से पहले ही कीमतें बढ़ानी पड़ीं। उनका तर्क है कि ITC की कमी के कारण उन्हें अपनी लागत। कवर करने के लिए ऐसा करना पड़ा, अन्यथा उन्हें नुकसान उठाना पड़ता। इसी तरह, फिटनेस सेंटर, जिम और योगा क्लब भी अपने ग्राहकों पर महंगाई का बोझ डाल रहे हैं और असंगठित क्षेत्र में यह प्रभाव अधिक स्पष्ट है, जहां मूल्य निर्धारण पर निगरानी की कमी है।

सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की राह

ET की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि ITC हटाए जाने के बाद कुछ सेवाओं पर कीमतें बढ़ रही हैं और इसका लाभ ग्राहकों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्हें कई शिकायतें मिली हैं और संगठित क्षेत्र में कुछ मामलों में कार्रवाई भी की गई है। हालांकि, असंगठित क्षेत्र में मूल्य नियंत्रण एक बड़ी चुनौती है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि कोई सेवा अनुचित। रूप से अधिक GST वसूलती है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कई सेवाओं के दामों में कोई तय सीमा नहीं होती, जिससे बदलावों को ट्रैक करना मुश्किल होता है।

बढ़ता ब्यूटी और फिटनेस उद्योग

कीमतों में वृद्धि के बावजूद, ब्यूटी और फिटनेस सेक्टर में मांग लगातार बढ़ रही है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में इस उद्योग का तेजी से विस्तार हो रहा है, जहां लोग अपने स्वास्थ्य और सुंदरता पर अधिक खर्च करने को तैयार हैं और यह क्षेत्र दो अंकों की वृद्धि दर से बढ़ रहा है। ऐसे में, यह महत्वपूर्ण है कि व्यवसाय और ग्राहक दोनों के लिए संतुलन बनाए। रखा जाए, ताकि सेवाएं सुलभ रहें और ग्राहकों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ न पड़े।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow