US-Denmark Dispute:अमेरिका को धमकी देने वाले डेनमार्क के पास कितनी ताकतवर सेना है? यहां US से पढ़ें तुलना

Greenland Dispute: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और डेनमार्क के बीच ठन गई है। डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को हासिल करने की बात कह चुके हैं और इसे लेकर डेनमार्क अमेरिका को धमकी तक दे रहा है। आइए जानते हैं कि अमेरिका को धमकी देने वाले डेनमार्क के पास कितनी

Jan 9, 2026 - 14:35
 0  8
US-Denmark Dispute:अमेरिका को धमकी देने वाले डेनमार्क के पास कितनी ताकतवर सेना है? यहां US से पढ़ें तुलना

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और डेनमार्क के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की बात कही थी, और अब इस मुद्दे पर डेनमार्क ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है। लेकिन क्या डेनमार्क की सेना इतनी मजबूत है कि वह दुनिया की महाशक्ति अमेरिका से टक्कर ले सके? आइए ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2025 के आंकड़ों के आधार पर डेनमार्क और अमेरिका की सैन्य ताकत की तुलना करें।

हालांकि यह विवाद 2019 से चला आ रहा है, लेकिन हालिया घटनाक्रमों में ट्रंप के बयानों ने फिर से आग में घी डाला है। ट्रंप ने कहा था कि ग्रीनलैंड राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है, और अमेरिका इसे हासिल करने के लिए हर संभव कदम उठा सकता है। जवाब में डेनमार्क ने सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। ऐसे में सवाल उठता है कि डेनमार्क की सेना कितनी तैयार है?

डेनमार्क की सैन्य ताकत

डेनमार्क एक छोटा लेकिन आधुनिक सशस्त्र बल वाला देश है। ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2025 के अनुसार, यह दुनिया की 45वीं सबसे मजबूत सेना है। यहां कुछ प्रमुख आंकड़े:

  • आबादी: लगभग 59.73 लाख
  • क्षेत्रफल: 43,094 वर्ग किमी
  • एक्टिव सैनिक: 20,000
  • रिजर्व सैनिक: 12,000
  • पैरामिलिट्री: 51,000
  • टैंक: 44
  • बख्तरबंद वाहन: 3,856
  • सेल्फ-प्रोपेल्ड आर्टिलरी: 19
  • रॉकेट प्रोजेक्टर: 8
  • कुल विमान: 117 (जिनमें 31 फाइटर/इंटरसेप्टर और 4 अटैक विमान शामिल)
  • नौसेना संपत्ति: 50 (9 फ्रिगेट और 9 पैट्रोल वेसल सहित)

डेनमार्क की सेना NATO का हिस्सा है, जो इसे अतिरिक्त समर्थन प्रदान करता है। हालांकि, यह मुख्य रूप से शांतिकालीन मिशनों और रक्षा पर फोकस करती है, न कि बड़े पैमाने के युद्ध पर।

अमेरिका की सैन्य शक्ति

दुनिया की नंबर 1 सेना के रूप में अमेरिका हर क्षेत्र में अव्वल है। ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2025 के मुताबिक, इसकी ताकत किसी भी देश से कहीं ज्यादा है। यहां प्रमुख आंकड़े:

  • आबादी: लगभग 34.2 करोड़
  • क्षेत्रफल: 98,33,517 वर्ग किमी
  • एक्टिव सैनिक: 13,28,000
  • रिजर्व सैनिक: 7,99,500
  • टैंक: 4,640
  • बख्तरबंद वाहन: 3,91,963
  • सेल्फ-प्रोपेल्ड आर्टिलरी: 671
  • टोड आर्टिलरी: 1,212
  • रॉकेट प्रोजेक्टर: 641
  • कुल विमान: 13,043 (1,790 फाइटर/इंटरसेप्टर, 889 अटैक विमान सहित)
  • नौसेना संपत्ति: 440 (11 एयरक्राफ्ट कैरियर, 9 हेलीकॉप्टर कैरियर, 81 डिस्ट्रॉयर, 26 कॉर्वेट, 70 सबमरीन सहित)

अमेरिका की सेना तकनीकी रूप से उन्नत है और वैश्विक स्तर पर तैनाती की क्षमता रखती है। इसका बजट भी दुनिया में सबसे ज्यादा है, जो इसे अजेय बनाता है।

डेनमार्क की धमकी क्या है?

ग्रीनलैंड विवाद में डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने कहा था कि अगर अमेरिका सैन्य बल का इस्तेमाल करता है, तो NATO गठबंधन टूट सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि "हम पहले गोली चलाएंगे, सवाल बाद में पूछेंगे।" यह धमकी NATO की एकजुटता पर आधारित है, क्योंकि डेनमार्क अकेले अमेरिका से मुकाबला नहीं कर सकता।

अमेरिका ग्रीनलैंड क्यों चाहता है?

ग्रीनलैंड डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है, जिसकी आबादी महज 57,000 है। लेकिन यह रेयर अर्थ मिनरल्स (जैसे यूरेनियम, जिंक), सैन्य रणनीति और नए शिपिंग रूट्स (नॉर्थवेस्ट पैसेज) के लिए महत्वपूर्ण है। ट्रंप ने इसे रूस और चीन के बढ़ते प्रभाव से बचाने के लिए जरूरी बताया था। हालांकि, डेनमार्क इसे बिकाऊ संपत्ति नहीं मानता।

यह तुलना साफ करती है कि डेनमार्क की सेना अमेरिका के मुकाबले काफी कमजोर है, लेकिन NATO जैसे गठबंधनों से इसे ताकत मिलती है। विवाद का समाधान कूटनीति से ही संभव लगता है, न कि युद्ध से।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow