:गणतंत्र दिवस पर भारत का शक्ति प्रदर्शन: ब्रह्मोस और राफेल ने दहलाया दुश्मनों का कलेजा

77वें गणतंत्र दिवस पर भारत ने कर्तव्य पथ पर ब्रह्मोस, राफेल और हाइपरसोनिक मिसाइलों का प्रदर्शन कर दुनिया को अपनी ताकत दिखाई। जानें पूरी खबर।

Jan 26, 2026 - 15:35
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:गणतंत्र दिवस पर भारत का शक्ति प्रदर्शन: ब्रह्मोस और राफेल ने दहलाया दुश्मनों का कलेजा

भारत ने आज अपने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के ऐतिहासिक कर्तव्य पथ पर अपनी सैन्य शक्ति का ऐसा भव्य प्रदर्शन किया जिसे देख पूरी दुनिया दंग रह गई। इस बार की परेड न केवल शौर्य का प्रतीक थी, बल्कि यह 'आत्मनिर्भर भारत' की बढ़ती ताकत का भी एक जीवंत प्रमाण थी और हिंद की सेना के शौर्य, राफेल और सुखोई विमानों की गर्जना ने दुश्मनों के पसीने छुड़ा दिए। इस गौरवशाली अवसर पर भारत ने अपने उन घातक हथियारों की। झलक दिखाई, जो किसी भी युद्ध की दिशा बदलने में सक्षम हैं।

वंदे मातरम् की गूंज और आत्मनिर्भर भारत की झांकी

इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड की मुख्य थीम 'वंदे मातरम्' पर आधारित रखी गई थी और परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर विभिन्न राज्यों और संस्थानों की झांकियां निकलीं, जो 'स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम्, समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत' के संदेश को प्रसारित कर रही थीं। परेड की शुरुआत में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने आसमान में 'ऑपरेशन सिन्दूर'। का झंडा लेकर उड़ान भरी, जिसने दर्शकों में देशभक्ति का नया जोश भर दिया। यह दृश्य 1971 के युद्ध की यादों को ताजा करने वाला था, जिसे 'ऑपरेशन सिंदूर' के रीप्ले के रूप में देखा गया।

ब्रह्मोस और राफेल: दुश्मनों के लिए काल

कर्तव्य पथ पर भारत की सबसे घातक मिसाइल 'ब्रह्मोस' का प्रदर्शन किया गया। यह वही मिसाइल है जिसकी मारक क्षमता से पाकिस्तान के 11 एयरबेस थर्रा उठे थे। इसके साथ ही राफेल और सुखोई फाइटर जेट्स ने आसमान में अपनी गर्जना से यह साफ कर दिया कि भारत की हवाई सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। इन हथियारों का प्रदर्शन पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसियों के लिए एक सीधा संदेश है। कि भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

स्वदेशी HMRV और भीष्म टैंक का जलवा

भारतीय सेना ने पहली बार स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए हाई मोबिलिटी टोही वाहन (HMRV) का प्रदर्शन किया। महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स द्वारा विकसित यह बख्तरबंद वाहन बैटलफील्ड सर्विलांस रडार से लैस है, जो कम ऊंचाई पर उड़ने वाले दुश्मन के हेलीकॉप्टरों और ड्रोन्स का पता लगाने में सक्षम है। इसके अलावा, टी-90 भीष्म टैंक और अर्जुन एमके मुख्य युद्धक टैंकों ने अपनी ताकत दिखाई। नाग मिसाइल सिस्टम (TRACKED) MK-2 के प्रदर्शन ने भारतीय थल सेना की मारक क्षमता को दुनिया के सामने रखा।

हाइपरसोनिक मिसाइल LR-ASHM: भारत का नया ब्रह्मास्त्र

परेड का मुख्य आकर्षण डीआरडीओ द्वारा विकसित लंबी दूरी की एंटी-शिप मिसाइल (LR-ASHM) रही और यह एक हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल है जो 1500 किलोमीटर की दूरी तक हमला कर सकती है। इसकी गति 10 मैक तक पहुंच सकती है, जिससे इसे दुश्मन के रडार द्वारा पकड़ना लगभग असंभव है और इस मिसाइल के सफल प्रदर्शन के साथ ही भारत अब उन चुनिंदा देशों के क्लब में शामिल हो गया है जिनके पास हाइपरसोनिक तकनीक है।

दिव्यास्त्र और शक्तिबाण: आधुनिक युद्ध की नई तकनीक

आधुनिक युद्ध अब केवल गोलियों से नहीं बल्कि तकनीक से जीते जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए कर्तव्य पथ पर 'दिव्यास्त्र' और 'शक्तिबाण' का प्रदर्शन किया गया। ये प्रणालियां झुंड ड्रोन (Swarm Drones) और टेथर्ड ड्रोन सिस्टम। का उपयोग करके दुश्मन की हर हरकत पर नजर रखती हैं। साथ ही, आकाश वेपन सिस्टम और ABHRA मध्यम दूरी की मिसाइल प्रणालियों ने भारत की वायु रक्षा प्रणाली की मजबूती को प्रदर्शित किया।

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