खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की उठाई मांग, कहा वोट अधिकार खतरे में

इंडिया गठबंधन के मॉक पार्लियामेंट में मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की और कहा कि वोट का अधिकार खतरे में है।

Oct 31, 2026 - 18:35
 0  1
खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की उठाई मांग, कहा वोट अधिकार खतरे में

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के सिंबॉलिक पब्लिक इंपीचमेंट प्रोग्राम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि नागरिकों के वोट का अधिकार गंभीर तरीके से खतरे में पड़ गया है और उन्होंने मांग की है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया जाए। मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने इस संबोधन के दौरान देश की केंद्र सरकार के साथ ही साथ मुख्य चुनाव आयुक्त पर भी बहुत जमकर हमला बोला है। नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

मीरा कुमार ने इस विशेष मॉक पार्लियामेंट की अध्यक्षता की। खरगे के संबोधन से पहले लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार ने इसकी अध्यक्षता करते हुए कहा कि आज ये सभा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग की कार्यवाही के लिए बुलाई गई है। देश के करोड़ों लोगों के नाम अनुचित तरीके से मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं, वहीं इस बारे में सवाल पूछने पर कोई जवाबदेही तय नहीं की जाती है। इसलिए इंडिया गठबंधन द्वारा यह तय किया गया कि एक सभा बुलाकर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग लाया जाए और उन्हें उनके पद से हटा दिया जाए। इसके बाद उन्होंने कहा कि इस जन-महाभियोग का प्रस्ताव राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सदन के सामने रखेंगे और अपना वक्तव्य देंगे।

वोट का अधिकार आम आदमी की सबसे बड़ी ताकत है। मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने संबोधन की शुरुआत में देश के पहले उपप्रधानमंत्री सरदार पटेल और देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को याद किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि नागरिकों के वोट का अधिकार आज गंभीर खतरे में है। उन्होंने कहा कि वोट का अधिकार आम आदमी की सबसे बड़ी ताकत होता है। वोट के अधिकार से ही देश में सरकार बनती है और चलती है। जनता के इस महत्वपूर्ण अधिकार को बचाने के लिए हमलोग लगातार संघर्ष कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।

उन्होंने अपने संबोधन में आगे कहा कि आज मैं देश के पहले उपप्रधानमंत्री सरदार पटेल जी की 151वीं जयंती और देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी के शहादत दिवस पर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। ये दोनों ही महान राष्ट्रनिर्माता, स्वतंत्रता सेनानी और कांग्रेस के अध्यक्ष रहे थे। इंदिरा गांधी जी को अपनी मृत्यु से बहुत पहले ही बहुत सी बातों का आभास हो चुका था और इसके बाद उन्होंने इंदिरा गांधी के एक पुराने कथन का विशेष रूप से उल्लेख किया और देश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के आदेश पर काम कर रहे हैं, ऐसा आरोप लगाते हुए खरगे ने आगे कहा कि भारत के संविधान में आर्टिकल-326 के तहत हमारे देश के नागरिकों को जो वोट का अधिकार मिला है, आज वह बहुत ही गंभीर खतरे के दायरे में आ चुका है। महात्मा गांधी जी, पंडित नेहरू जी, बाबा साहेब अंबेडकर जी, सरदार पटेल जी, मौलाना आजाद जी और अन्य सभी स्वतंत्रता सेनानियों को इसके लिए बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ी थी। इन महान पुरुषों ने पहले देश को अंग्रेजों से आजादी दिलाई, फिर हमारे देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए संविधान को बनाया। बाबा साहेब ने कहा था कि वोट का अधिकार आम जनता की सबसे बड़ी ताकत होती है। इसी अधिकार के बल पर जनता अपनी सरकार बनाती है और जरूरत पड़ने पर उसे हटाती भी है। लेकिन आज वह अधिकार पूरी तरह से खतरे में है, क्योंकि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सीधे तौर पर देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के निर्देश पर चुनाव आयोग चला रहे हैं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow