SNG Group:धोखाधड़ी मामले में SNG ग्रुप का डायरेक्टर गिरफ्तार, विद्याधर नगर थाने का है हिस्ट्रीशीटर, 81 क्रिमिनल मामले दर्ज

SNG ग्रुप के डायरेक्टर सत्यनारायण गुप्ता (58) निवासी शिव शक्ति कॉलोनी शास्त्री नगर हाल सेक्टर-3 विद्याधर नगर को गिरफ्तार किया गया है।

Sep 26, 2025 - 23:35
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SNG Group:धोखाधड़ी मामले में SNG ग्रुप का डायरेक्टर गिरफ्तार, विद्याधर नगर थाने का है हिस्ट्रीशीटर, 81 क्रिमिनल मामले दर्ज

जयपुर में धोखाधड़ी के मामले में SNG ग्रुप के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार दोपहर आरोपी को कोर्ट में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है। विद्याधर नगर थाने का हिस्ट्रीशीटर होने के साथ ही उसके खिलाफ 81 क्रिमिनल मामले दर्ज है। मामला मुरलीपुरा थाने का है।


जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया- SNG ग्रुप के डायरेक्टर सत्यनारायण गुप्ता (58) निवासी शिव शक्ति कॉलोनी शास्त्री नगर हाल सेक्टर-3 विद्याधर नगर को गिरफ्तार किया गया है। धोखाधड़ी के मामलों में वह पिछले काफी समय से फरार चल रहा था। आरोपी के खिलाफ 81 आपराधिक मामले दर्ज है। पुलिस ने शुक्रवार दोपहर कोर्ट में पेश कर एक दिन के पीसी रिमांड पर लिया है।


शेयर अपने नाम कर धोखाधड़ी की थी

मुरलीपुरा के गिरधर कॉलोनी निवासी चंचल चौधरी ने साल-2023 में आरोपी सत्यनारायण गुप्ता और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था। परिवादी चंचल व अन्य प्लॉट मालिकों ने अपनी खाली जमीन पर मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाने के लिए SNG ग्रुप के डायरेक्टर सत्यनारायण गुप्ता के साथ मिलकर एक कंपनी श्रीनाथ कृपा डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड बनाई थी। प्लाट मालिकों ने अपनी-अपनी जमीन उक्त कंपनी के नाम बेचान कर प्रति वर्गगज 10 शेयर प्राप्त कर लिए थे।


एमओयू की शर्तों के अनुसार- 10 प्रतिशत शेयर निदेशक अधिकृत प्रतिनिधी डायरेक्टर सत्यनारायण गुप्ता को और 90 प्रतिशत शेयर संबंधित प्लॉट मालिकों को आवंटित किए गए। डायरेक्टर सत्यनारायण गुप्ता उक्त जमीन पर मल्टी स्टोरी बिल्डिंग नहीं बना पाया। जिस कारण शेयरधारक सुरेन्द्र और राजेंद्र गजराज ने अपने हिस्से के 10 हजार 90 शेयर परिवादी को बेचकर हस्ताक्षरशुदा खाली एसएच-4 फॉर्म चंचल चौधरी को दे दिए।


परिवादी चंचल ने उक्त शेयरों को अपने नाम ट्रांसफर करवाने के लिए उक्त फॉर्म खाली ही आरोपी डायरेक्टर सत्यनारायण गुप्ता को दे दिए। सत्यनारायण गुप्ता कंपनी में निदेशक और अधिकृत प्रतिनिधी था, जो पिछले 15 सालों से सीए का काम कर रहा था। अपने पद का गलत फायदा उठाते हुए परिवादी के हक के 2640 शेयर अपने नाम कर धोखाधड़ी की।

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