Munesh Gurjar: जयपुर हेरिटेज की मेयर मुनेश को सरकार ने सस्पेंड किया, राजस्थान सरकार ने जारी किया आदेश

Munesh Gurjar - पट्टे के लिए रिश्वत लेने के मामले में जयपुर हेरिटेज नगर निगम महापौर मुनेश गुर्जर को राजस्थान सरकार ने निलंबित कर दिया है। राजस्थान सरकार ने जारी

Sep 23, 2024 - 19:55
Sep 23, 2024 - 23:11
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Munesh Gurjar: जयपुर हेरिटेज की मेयर मुनेश को सरकार ने सस्पेंड किया, राजस्थान सरकार ने जारी किया आदेश

Munesh Gurjar : जयपुर हेरिटेज नगर निगम की मेयर को सरकार ने सस्पेंड कर दिया गया। उन्होंने सरकार के नोटिस का समय पर (21 सितंबर तक) जवाब पेश नहीं किया था। सूत्रों का कहना है कि सरकार ने इस पर कानूनी विशेषज्ञों से राय ली थी। इसके बाद सस्पेंशन का आदेश जारी कर दिया गया है। सरकार जल्द ही कार्यवाहक मेयर के आदेश भी जारी कर सकती है।

बता दें कि सरकार ने सबसे पहले 11 सितंबर को मेयर को नोटिस जारी किया था, तब ये नोटिस जांच अधिकारी की तरफ से जारी किया गया था। इसका तीन दिन बाद मेयर ने अपने एडवोकेट के जरिए जवाब भिजवाया था। इसके बाद स्वायत्त शासन विभाग ने 18 सितंबर को दूसरा नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा था, लेकिन 21 सितंबर को रात 11 बजे तक कोई जवाब नहीं दिया गया।

तीसरी बार हुआ सस्पेंशन

13 महीने में ये तीसरा मौका है, जब मुनेश गुर्जर को सस्पेंड किया गया है। इससे पहले गहलोत सरकार ने मुनेश गुर्जर को 5 अगस्त 2023 और फिर 26 सितंबर 2023 को सस्पेंड किया था। हालांकि दोनों बार मेयर ने सरकार के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी, जहां से उनको राहत मिली और वे वापस मेयर की कुर्सी पर बैठीं।

मुनेश गुर्जर की याचिका पर कोर्ट में 2 सप्ताह बाद सुनवाई होगी

वहीं, रिश्वत लेने के मामले में हेरिटेज मेयर मुनेश गुर्जर पर एसीबी में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिका पर 2 सप्ताह बाद सुनवाई होगी। मुनेश की तरफ से 21 सितंबर को कोर्ट में बहस के लिए समय मांगा गया था।

मुनेश के वकील दीपक चौहान ने हाईकोर्ट में कहा था- मामले में एसीबी ने चालान पेश कर दिया है। हमने इससे संबंधित दस्तावेज हाईकोर्ट में पेश किए हैं। ऐसे में हमें बहस के लिए समय दिया जाए। इसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। बता दें कि एसीबी ने 19 सितंबर को मुनेश गुर्जर के खिलाफ चालान पेश किया था।

महापौर के पति को गिरफ्तार किया था

बता दें कि एसीबी ने पिछले साल 6 अगस्त को महापौर मुनेश गुर्जर के पति सुशील गुर्जर सहित दो अन्य को नगर निगम का पट्टा दिलाने की एवज में रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद मुनेश को निलंबित कर दिया गया और निलंबन पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। बाद में राज्य सरकार ने निलंबन वापस ले लिया, लेकिन जांच के बाद राज्य सरकार ने मुनेश को पुन: निलंबित कर दिया। मुनेश के पुन: निलंबन के आदेश को हाईकोर्ट ने दिसंबर 2023 में रद्द कर दिया। हालांकि अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद मुनेश और उसके पति सुशील सहित दो अन्य के खिलाफ एसीबी ने कोर्ट में आरोप पत्र पेश कर दिया।

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