VB-G RAM G Bill Passed:संसद में VB-G RAM G बिल पास, MGNREGA की जगह लेगा नया ग्रामीण रोजगार कानून

संसद ने भारी हंगामे के बीच VB-G RAM G बिल को मंजूरी दे दी है, जो 20 साल पुरानी MGNREGA योजना की जगह लेगा। यह बिल ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिन के रोजगार की गारंटी देगा। विपक्ष ने जोरदार विरोध किया और सदन से वॉकआउट किया।

Dec 19, 2025 - 08:35
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VB-G RAM G Bill Passed:संसद में VB-G RAM G बिल पास, MGNREGA की जगह लेगा नया ग्रामीण रोजगार कानून

संसद ने गुरुवार को भारी हंगामे और विपक्षी दलों के जोरदार विरोध के बीच विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) बिल को मंजूरी दे दी। यह महत्वपूर्ण विधेयक अब कानून का रूप ले लेगा, जो देश की ग्रामीण रोजगार गारंटी परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव लाएगा। यह बिल 20 साल पुरानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) योजना की जगह लेगा, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को मजबूत करना है और नए कानून के तहत, ग्रामीण परिवारों को हर साल 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी जाएगी, जो पिछली योजना से 25 दिन अधिक है।

विपक्ष का जोरदार विरोध और वॉकआउट

VB-G RAM G बिल को लेकर संसद के दोनों सदनों में काफी हंगामा देखने को मिला। लोकसभा से पारित होने के बाद, गुरुवार देर रात इसे राज्यसभा में पेश किया गया, जहां विपक्षी सांसदों ने इसका जोरदार विरोध किया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार MGNREGA योजना से महात्मा गांधी का नाम हटा रही है और राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाल रही है। बिल पर चर्चा के दौरान, कई विपक्षी सदस्यों ने राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया, बिल वापस लेने की मांग की और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध के दौरान कुछ सांसदों ने बिल के पन्ने भी फाड़ दिए, जिस पर चेयरमैन सी पी राधाकृष्णन ने उन्हें ट्रेजरी बेंच की तरफ न जाने की चेतावनी दी।

केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान का पलटवार

सदन के भीतर विरोध प्रदर्शन के बाद, विपक्षी पार्टियों ने बिल के खिलाफ संसद परिसर में संविधान सदन के बाहर 12 घंटे का रात भर का धरना दिया। विपक्षी सांसदों ने बिल को आगे की जांच के लिए संसदीय पैनल के पास भेजने की भी मांग की। उनका मानना था कि इस महत्वपूर्ण विधेयक पर और अधिक विचार-विमर्श की आवश्यकता है ताकि इसके संभावित प्रभावों। का पूरी तरह से आकलन किया जा सके और सभी हितधारकों की चिंताओं को दूर किया जा सके। यह धरना विपक्षी एकता और सरकार के इस कदम के प्रति उनके गंभीर असंतोष को दर्शाता है। राज्यसभा में बिल पर पांच घंटे की लंबी चर्चा का जवाब देते हुए, ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के आरोपों का खंडन किया।

उन्होंने कांग्रेस पर महात्मा गांधी के आदर्शों को कई बार खत्म करने और अपने राजनीतिक फायदे के लिए उनके नाम का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। मंत्री चौहान ने जोर देकर कहा कि यह बिल ग्रामीण भारत के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। और यह रोजगार के अवसर प्रदान करने में मदद करेगा, जिससे देश को आगे बढ़ने में सहायता मिलेगी। उन्होंने विपक्ष के विरोध को महात्मा गांधी के सपनों और आदर्शों की हत्या करने जैसा बताया, खासकर तब जब विपक्ष ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया।

MGNREGA में भ्रष्टाचार के आरोप

मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिल को पेश करते हुए कहा कि यह बिल बहुत जरूरी है क्योंकि यह रोजगार के अवसर प्रदान करने, ग्रामीण भारत के विकास में मदद करने और देश को आगे ले जाने में मदद करेगा। उन्होंने UPA के शासनकाल में MGNREGA योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी प्रकाश डाला। मंत्री चौहान ने आरोप लगाया कि UPA के शासनकाल में MGNREGA भ्रष्टाचार से भरा हुआ था। और तय कामों के लिए सामग्री की खरीद पर अपेक्षित राशि खर्च नहीं की गई थी। उन्होंने कहा कि नए बिल का उद्देश्य इन कमियों को दूर करना और योजना को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।

विकसित राष्ट्र के लिए ग्रामीण विकास आवश्यक

शिवराज चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने के सपने पर जोर दिया और कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए गांवों का विकास बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि VB-G RAM G बिल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम। है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और ग्रामीण आबादी को सशक्त बनाएगा। मंत्री ने विपक्ष से रचनात्मक चर्चा में भाग लेने का आग्रह किया और कहा कि केवल आरोप लगाकर और सदन से भाग जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए उचित नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष उनके जवाब को भी धैर्य से सुनेगा, जैसा उन्होंने विपक्ष को सुना था।

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