Bihar Elections 2025:छठ के बाद बिहार के चुनावी रण में उतरेंगे राहुल गांधी, कांग्रेस ने कसी कमर

कांग्रेस ने बिहार चुनाव के लिए 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की। राहुल गांधी 29 और 30 अक्टूबर को बिहार में प्रचार करेंगे, जिससे कांग्रेस की चुनावी रफ्तार तेज होगी। जानें पार्टी की रणनीति और चुनौतियों के बारे में।

Oct 27, 2025 - 11:35
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Bihar Elections 2025:छठ के बाद बिहार के चुनावी रण में उतरेंगे राहुल गांधी, कांग्रेस ने कसी कमर

बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों में गहमागहमी तेज हो गई है और कांग्रेस ने भी अपनी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी कर ली है और बीते दिनों अपने 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की। इस महत्वपूर्ण सूची में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा जैसे शीर्ष नेताओं के नाम शामिल हैं। इसके अलावा, केसी वेणुगोपाल, अशोक गहलोत, मीरा कुमार, गौरव गोगोई, कन्हैया। कुमार और पवन खेड़ा जैसे प्रमुख नेता भी प्रचार की कमान संभालेंगे। पार्टी का लक्ष्य है कि इन दिग्गजों के माध्यम से मतदाताओं को अपने पक्ष में आकर्षित किया जा सके।

छठ के बाद राहुल और प्रियंका का बिहार दौरा

स्टार प्रचारकों की सूची जारी होने के बावजूद, राहुल और प्रियंका गांधी ने अब तक बिहार में अपना प्रचार अभियान शुरू नहीं किया था, जिससे अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, अब कांग्रेस ने इस बात का खुलासा किया है कि छठ महापर्व के बाद राहुल गांधी के बिहार आगमन के साथ चुनावी गति तेज होगी। कांग्रेस के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने पुष्टि की है कि राहुल गांधी 29 और 30 अक्टूबर को बिहार में रहेंगे। उनके साथ प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित अन्य। वरिष्ठ नेताओं की रैलियों की भी व्यापक तैयारी की जा रही है। इसका सीधा मतलब है कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर राहुल गांधी समेत कांग्रेस के तमाम बड़े नेता बिहार में अपने चुनाव प्रचार को एक नई दिशा देंगे।

सीट बंटवारे को लेकर घमासान और चुनौतियां

बिहार में महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर शुरुआती दौर में काफी घमासान देखने को मिला था। कई सीटों पर गठबंधन के सहयोगी दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ ही उम्मीदवार खड़े कर दिए थे, जिससे गठबंधन की एकता पर सवाल खड़े हो गए थे। हालांकि, बाद में नेताओं की बैठकों और बातचीत के जरिए स्थिति को सामान्य दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन अभी भी कुछ सीटों पर महागठबंधन के सदस्य एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। दूसरी तरफ, कांग्रेस के भीतर भी टिकट बंटवारे को लेकर प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए, जिसने पार्टी की आंतरिक चुनौतियों को उजागर किया।

इन समस्याओं के बावजूद, कांग्रेस अब चुनाव प्रचार के माध्यम से हुए। ‘डैमेज कंट्रोल’ को कितना प्रभावी बना पाती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। चुनावों की घोषणा से पहले, राहुल गांधी ने तेजस्वी यादव के साथ मिलकर बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' निकाली थी। इस यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला था और 'वोट चोरी' जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि, सरकार की ओर से राहुल के इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया गया था। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी चुनाव आयोग पर बेबुनियाद आरोप लगाकर उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं। इसी दौरे पर राहुल ने 'SIR' (सेल्फिश, इनकंपिटेंट, रिजैक्टेड) का मुद्दा। भी उठाया था, जिससे राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चा हुई थी।

चुनाव की तारीखें और मुकाबला

'वोटर अधिकार यात्रा' के बाद से राहुल गांधी बिहार नहीं गए थे, जिससे विपक्षी नेताओं ने उनके विदेश दौरों पर सवाल उठाए थे। हालांकि, अब उनके आगमन की तारीखें तय हो गई हैं, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि राहुल बिहार की किन-किन सीटों पर चुनाव प्रचार करेंगे। बिहार में दो चरणों में मतदान होना है, जिसमें पहले चरण के लिए 6 नवंबर को और दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे और इसके बाद 14 नवंबर को नतीजे जारी किए जाएंगे। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला महागठबंधन और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के बीच माना जा रहा है। कांग्रेस अपने स्टार प्रचारकों के माध्यम से इस मुकाबले में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की पूरी कोशिश करेगी।

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