Rajasthan Weather Alert:राजस्थान में बारिश का दौर जारी: 6 जिलों में ऑरेंज, 17 में येलो अलर्ट, फसलें खराब

राजस्थान में भारी बारिश का दौर जारी, 27 अक्टूबर को 6 जिलों में ऑरेंज और 17 में येलो अलर्ट। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बने चक्रवात के चलते मौसम में बदलाव, फसलें खराब। जानें पूरी खबर।

Oct 27, 2025 - 13:35
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Rajasthan Weather Alert:राजस्थान में बारिश का दौर जारी: 6 जिलों में ऑरेंज, 17 में येलो अलर्ट, फसलें खराब

बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सक्रिय हुए दो मौसमी सिस्टमों के कारण राजस्थान में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है और पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश का दौर अब और तेज हो गया है, जिससे राज्य के कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए चेतावनी जारी करते हुए 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 17 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया है। यह बारिश रबी की फसलों के लिए हानिकारक साबित हो रही है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

वर्तमान स्थिति और प्रभावित क्षेत्र

कोटा में देर रात से सुबह तक रुक-रुक कर हुई बारिश ने कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी। खातोली में सर्वाधिक 69 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया। उदयपुर जिले के खेरवाड़ा सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में तैयार खड़ी फसलें बारिश की भेंट चढ़ गईं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है और पाली, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, टोंक, डूंगरपुर, अजमेर और राजसमंद जैसे जिलों में भी रिमझिम से मध्यम दर्जे की बरसात दर्ज की गई है। राजधानी जयपुर में भी सुबह से ही बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही, जिससे मौसम में ठंडक घुल गई।

मौसम विभाग की चेतावनी: ऑरेंज और येलो अलर्ट

मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि मौसम की वर्तमान स्थिति को देखते हुए राज्य के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। 6 जिलों – उदयपुर, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, बूंदी और कोटा – के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है, जिसका अर्थ है इन क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं, 17 अन्य जिलों – बारां, झालावाड़, बांसवाड़ा, भरतपुर, करौली, धौलपुर, सवाई माधोपुर, दौसा, जयपुर, टोंक, अजमेर, भीलवाड़ा, राजसमंद, पाली, सिरोही, जालोर और बाड़मेर – के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है, जहां मध्यम से भारी बारिश की उम्मीद है। प्रशासन को इन क्षेत्रों में सतर्क रहने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

चक्रवाती सिस्टम का प्रभाव

राधेश्याम शर्मा ने मौसम में इस बदलाव का कारण बताते हुए कहा कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन सिस्टम अब मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल गया है। यह 27 अक्टूबर को और अधिक मजबूत होकर चक्रवात में तब्दील होगा और 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के समुद्री तट से टकराएगा। इसके साथ ही, मध्य-पूर्वी अरब सागर में भी एक डिप्रेशन सिस्टम बना हुआ है और इन दोनों शक्तिशाली मौसमी सिस्टमों के कारण भारत के अधिकांश राज्यों में नमी की आपूर्ति हो रही है, जिसका सीधा असर राजस्थान के मौसम पर भी पड़ रहा है। यह नमी भरी हवाएं राज्य में भारी बारिश का कारण बन रही हैं।

आगे की भविष्यवाणी और किसान चिंताएं

मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान में बारिश का यह दौर 30 अक्टूबर तक जारी रहने की संभावना है। लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि की आशंका ने किसानों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। खेतों में खड़ी फसलें, विशेषकर रबी की शुरुआती फसलें, इस बेमौसम बारिश से बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। कई जगहों पर खेतों में पानी भर जाने से फसलें गलने लगी हैं, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट का अंदेशा है। सरकार और कृषि विभाग से किसानों को हुए नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की जा रही है ताकि वे इस संकट से उबर सकें और आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

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