SBI Q4 Results: ₹19,684 करोड़ का बंपर मुनाफा, फिर भी क्यों गिरे शेयर?

SBI ने Q4 में ₹19,684 करोड़ का मुनाफा कमाया, लेकिन बाजार की उम्मीदों से कम रहने के कारण शेयर 5% गिरे। बैंक ने ₹17.35 डिविडेंड का ऐलान किया है।

May 8, 2026 - 17:35
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SBI Q4 Results: ₹19,684 करोड़ का बंपर मुनाफा, फिर भी क्यों गिरे शेयर?

देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (Q4) के वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं। आंकड़ों के अनुसार, बैंक ने इस अवधि के दौरान हजारों करोड़ रुपये की कमाई करते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। हालांकि, शेयर बाजार के निवेशकों को बैंक का यह प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं लगा, जिसके परिणामस्वरूप बैंक के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। एक तरफ जहां बैंक का मुनाफा बढ़ा है, वहीं दूसरी तरफ इसके शेयरों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि मुनाफे के बावजूद बाजार में घबराहट क्यों है।

बाजार की उम्मीदों और वास्तविक मुनाफे का अंतर

6 फीसदी का इजाफा दर्ज किया है। बैंक ने इस दौरान 19,684 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है। हालांकि यह आंकड़ा बड़ा है, लेकिन रॉयटर्स-एलएसईजी (Reuters-LSEG) द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, बाजार विशेषज्ञों ने बैंक का मुनाफा 20,312 करोड़ रुपये के पार जाने का अनुमान लगाया था। 1 फीसदी बढ़कर 44,380 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की समान अवधि में 42,618 करोड़ रुपये थी। मुनाफा और ब्याज आय में वृद्धि के बावजूद, इन आंकड़ों का बाजार के अनुमानों से पीछे रह जाना दलाल स्ट्रीट पर निराशा का मुख्य कारण बना।

शेयरों में गिरावट और डिविडेंड का ऐलान

नतीजों के बाजार की उम्मीदों पर खरा न उतरने का तत्काल प्रभाव एसबीआई के शेयरों पर देखा गया। 5 रुपये के स्तर पर आ गया। इस गिरावट से उन निवेशकों को झटका लगा है जो नतीजों के बाद तेजी की उम्मीद कर रहे थे। 35 रुपये प्रति शेयर के लाभांश (Dividend) की घोषणा की है। 16 मई 2026 तक शेयर होल्ड करने वाले निवेशक इसके पात्र होंगे और इसका भुगतान 4 जून 2026 को किया जाएगा।

एसेट क्वालिटी और ट्रेजरी ऑपरेशंस की स्थिति

बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार देखा गया है। 39 फीसदी पर स्थिर रहा। 5 करोड़ रुपये रहा, जबकि नेट एनपीए मामूली बढ़त के साथ 18,830 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बैंक ने प्रोविजनिंग के तौर पर 2,872 करोड़ रुपये रखे हैं, जो पिछले साल 6,441 करोड़ रुपये थे। हालांकि, ट्रेजरी ऑपरेशंस से होने वाली कमाई पिछले साल के 8,991 करोड़ रुपये से गिरकर 1,259 करोड़ रुपये रह गई है। बॉन्ड यील्ड बढ़ने के कारण ट्रेजरी आय पर असर पड़ा है और अन्य आय भी 29 फीसदी गिरकर 17,314 करोड़ रुपये रह गई है।


डिस्क्लेमर

यह समाचार केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है।

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