T20 World Cup 2026:टी-20 वर्ल्ड कप के प्रसारण पर संकट: जियोस्टार ने ICC डील से हाथ खींचे, भारी घाटे का हवाला

भारत में आगामी टी-20 वर्ल्ड कप के प्रसारण पर संकट गहरा गया है। मुख्य ब्रॉडकास्टर जियोस्टार ने ICC के साथ अपनी 25,000 करोड़ रुपये की डील से भारी घाटे के कारण पीछे हटने का फैसला किया है। इससे भारत में मैचों के प्रसारण पर अनिश्चितता छा गई है, और ICC नए

Dec 8, 2025 - 17:35
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T20 World Cup 2026:टी-20 वर्ल्ड कप के प्रसारण पर संकट: जियोस्टार ने ICC डील से हाथ खींचे, भारी घाटे का हवाला

भारत में क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। आगामी मेन्स T20 वर्ल्ड कप के प्रसारण पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, क्योंकि मुख्य ब्रॉडकास्टर जियोस्टार ने टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक तीन महीने पहले ICC के साथ अपनी मीडिया राइट्स डील से पीछे हटने का फैसला किया है। इस अप्रत्याशित कदम के पीछे कंपनी को हो रहा भारी वित्तीय नुकसान बताया जा रहा है, जिससे भारत में मैचों के प्रसारण को लेकर अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है।

डील का विवरण और घाटे की वजह

जियोस्टार, जो पहले स्टार इंडिया के नाम से जानी जाती थी, ने 2023 में ICC के साथ 2024 से 2027 तक के भारत में सभी टूर्नामेंट्स के मीडिया अधिकार हासिल करने के लिए एक बड़ी डील की थी। यह डील लगभग 3 अरब डॉलर, यानी भारतीय मुद्रा में करीब 25,000 करोड़ रुपये की थी। इस समझौते के तहत, जियोस्टार को हर साल औसतन 6,000 करोड़ रुपये ICC को भुगतान करना था। हालांकि, कंपनी को उम्मीद के मुताबिक विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन से कमाई नहीं हो पा रही है, जिससे उसे भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। ड्रीम11 जैसे रियल मनी गेमिंग ऐप्स पर प्रतिबंध लगने के बाद विज्ञापन राजस्व में और भी कमी आई है, क्योंकि ये ऐप्स क्रिकेट के सबसे बड़े विज्ञापनदाताओं में से थे। पारंपरिक ब्रांड्स की वापसी के बावजूद, गेमिंग ऐप्स से हुए गैप को भरना मुश्किल साबित हो रहा है।

वित्तीय नुकसान का आकलन

जियोस्टार ने अपने वित्तीय खातों में इस संभावित नुकसान को पहले से ही 'प्रोविजन' के रूप में दर्ज करना शुरू कर दिया है, जिसका अर्थ है कि कंपनी मान रही है कि यह पैसा डूब जाएगा। पिछले साल (2023-24) कंपनी ने अनुमान लगाया था कि उसे ICC डील से लगभग 12,319 करोड़ रुपये का घाटा होगा, और उतनी राशि अलग रख दी गई थी और इस साल (2024-25) के आकलन के अनुसार, कुल अनुमानित नुकसान बढ़कर 25,760 करोड़ रुपये हो गया है। सीधे शब्दों में कहें तो, जियोस्टार ने 25,000 करोड़ रुपये में अधिकार खरीदे थे, लेकिन अब उसे लग रहा है कि वह इन अधिकारों से इतनी कमाई भी नहीं कर पाएगी, बल्कि उसे 25,760 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है। इसी वजह से कंपनी अब इस डील से बाहर निकलना चाहती है।

ICC की प्रतिक्रिया और विकल्प

जियोस्टार के पीछे हटने के बाद, ICC ने तुरंत नए ब्रॉडकास्टर की तलाश शुरू कर दी है। उसने सोनी, नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम वीडियो जैसी प्रमुख स्ट्रीमिंग और प्रसारण कंपनियों से संपर्क किया है। हालांकि, ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, अभी तक किसी भी प्लेटफॉर्म ने इन राइट्स में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई है, जिसका मुख्य कारण कीमत का अधिक होना बताया जा रहा है। इससे ICC के सामने आगे की राह स्पष्ट नहीं दिख रही है और भारत में क्रिकेट प्रसारण का भविष्य अधर में लटक गया है।

ICC का आगे का प्लान और भारत का महत्व

ICC ने 2026-29 के लिए इंडिया मीडिया राइट्स की एक नई सेल प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इस नई डील के लिए करीब 2. 4 अरब डॉलर की मांग की जा रही है, जो वर्तमान 2024-27 की 3 अरब डॉलर की डील से कम है। यह दर्शाता है कि ICC भी बाजार की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए अपनी रणनीति में बदलाव कर रही है और भारत ICC के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण बाजार है, क्योंकि यह उसके कुल राजस्व का लगभग 80% हिस्सा देता है। यह क्रिकेट की वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की केंद्रीय भूमिका को उजागर करता है। दिलचस्प बात यह है कि जहां जियोस्टार को भारी घाटा हो रहा है, वहीं ICC ने 2024 में 474 मिलियन डॉलर (लगभग 4,000 करोड़ रुपये) का सरप्लस (अतिरिक्त कमाई या लाभ) कमाया है।

भारतीय स्पोर्ट्स मीडिया बाजार की स्थिति

भारत में स्पोर्ट्स मीडिया का बाजार मुख्य रूप से जियोस्टार और सोनी पर निर्भर हो गया है। इन दोनों कंपनियों के संभावित विलय के बाद, यह एक वर्चुअल ड्यूओपॉली बन गई। है, जिससे ICC के पास नए ब्रॉडकास्टर चुनने के लिए बहुत कम विकल्प बचे हैं। सोनी ने एशियन क्रिकेट काउंसिल, न्यूजीलैंड क्रिकेट और इंग्लैंड बोर्ड के कई मीडिया राइट्स हासिल कर रखे हैं, लेकिन वह ICC की वर्तमान डील से दूर रह रही है और नेटफ्लिक्स क्रिकेट से दूर रहकर WWE जैसी प्रॉपर्टीज पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जबकि अमेजन का खेल प्रसारण में इन्वॉल्वमेंट अभी भी सीमित है। वैश्विक स्तर पर भी स्ट्रीमर्स लाइव स्पोर्ट्स में निवेश कर रहे हैं, लेकिन NBA और NFL जैसी लीग्स की बढ़ती लागत के कारण वे अब अधिक चयनात्मक हो गए हैं।

IOC और FIFA को भी भारत में कम मूल्यांकन मिल रहा है। ICC के साथ हुए कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक, जियोस्टार 2027 तक इस डील से बंधा हुआ है और इसका मतलब है कि अगर कोई नया पार्टनर नहीं मिलता है, तो उसे ही मैचों का प्रसारण करना पड़ेगा, भले ही उसे घाटा हो रहा हो। यह स्थिति जियोस्टार और ICC दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करती है। इस बीच, ICC ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का शेड्यूल भी जारी कर दिया है। यह टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका में 7 फरवरी से शुरू होगा, जिसमें 7 शहरों के 8 वेन्यू पर 29 दिनों में कुल 55 मैच खेले जाएंगे और भारत और पाकिस्तान के बीच ग्रुप स्टेज का बहुप्रतीक्षित मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो में होगा। इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट से पहले प्रसारण अधिकारों को लेकर यह। अनिश्चितता क्रिकेट प्रशंसकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

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