Virat Kohli News:महाकाल की शरण में विराट कोहली और कुलदीप यादव: इंदौर ODI से पहले भस्म आरती में हुए शामिल

इंदौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतिम वनडे से पहले विराट कोहली और कुलदीप यादव ने उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती में भाग लिया। जानें कैसे महाकाल दर्शन से कोहली की किस्मत बदल सकती है और होलकर स्टेडियम में उनके रिकॉर्ड पर क्या असर पड़ेगा।

Jan 17, 2026 - 09:35
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Virat Kohli News:महाकाल की शरण में विराट कोहली और कुलदीप यादव: इंदौर ODI से पहले भस्म आरती में हुए शामिल

भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी और निर्णायक मुकाबला 18 जनवरी को इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जाना है। इस महत्वपूर्ण मैच से पहले, भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। इंदौर पहुंचने के बाद, टीम के कई खिलाड़ी पास के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर। मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जो एक आध्यात्मिक परंपरा बन गई है। इसी कड़ी में, टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और प्रमुख स्पिनर कुलदीप यादव भी बाबा महाकाल की शरण में पहुंचे और भक्ति में लीन हो गए।

मैच से ठीक एक दिन पहले, 17 जनवरी, शनिवार को विराट। कोहली और कुलदीप यादव ने उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन किए। दोनों खिलाड़ी सुबह 4 बजे होने वाली पवित्र भस्म आरती में शामिल हुए, जिसे महाकाल मंदिर के सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक माना जाता है। भस्म आरती में शामिल होने के लिए दोनों क्रिकेटर तड़के मंदिर पहुंचे और लगभग दो घंटे तक मंदिर प्रांगण में रहे। उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर बाबा महाकाल की दिव्य भस्म आरती का अवलोकन किया और। इस दौरान शिवजी का जाप भी किया, जिससे उनकी गहरी आस्था और भक्ति का प्रदर्शन हुआ। यह एक ऐसा अनुभव था जो उन्हें आगामी मैच के लिए मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला था।

सुरक्षा व्यवस्था और मंदिर समिति का सम्मान

विराट कोहली जैसे बड़े सुपरस्टार के मंदिर पहुंचने पर स्वाभाविक रूप से विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मंदिर परिसर में भक्तों और प्रशंसकों की भीड़ भी उमड़ पड़ी थी, जो अपने पसंदीदा क्रिकेटरों की एक झलक पाने को उत्सुक थे। हालांकि, कोहली और कुलदीप ने अपना पूरा समय भक्ति और दर्शन में समर्पित किया। मंदिर से प्रस्थान करने से पहले, महाकालेश्वर मंदिर समिति ने दोनों खिलाड़ियों को। बाबा महाकाल का प्रसाद और एक स्मृति चिन्ह के रूप में तस्वीर भेंट की। यह मंदिर की ओर से उनके आगमन और भक्ति के प्रति सम्मान का प्रतीक था। उन्होंने गर्भगृह की चौखट से बाबा महाकाल के दर्शन कर जल भी अर्पित किया, जो एक पारंपरिक और पवित्र अनुष्ठान है।

कोच और अन्य खिलाड़ियों का भी आगमन

विराट कोहली और कुलदीप यादव से पहले, टीम इंडिया के अन्य सदस्य भी महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन कर चुके हैं। शुक्रवार को ही भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर और विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल भी बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचे थे। यह दर्शाता है कि टीम के भीतर एक आध्यात्मिक भावना है और खिलाड़ी महत्वपूर्ण मुकाबलों से पहले दैवीय आशीर्वाद प्राप्त करने में विश्वास रखते हैं और यह परंपरा न केवल व्यक्तिगत खिलाड़ियों के लिए बल्कि पूरी टीम के लिए एक सकारात्मक माहौल बनाती है, जिससे उन्हें आगामी चुनौतियों का सामना करने के लिए मानसिक रूप से तैयार होने में मदद मिलती है।

इंदौर में कोहली की किस्मत का इम्तिहान

महाकाल के दर्शन के बाद, विराट कोहली सहित पूरी भारतीय टीम यही उम्मीद करेगी कि 18 जनवरी को होलकर स्टेडियम में न्यूजीलैंड का सामना करते समय उन्हें बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त हो। टीम का लक्ष्य कीवी टीम को शिकस्त देकर सीरीज अपने नाम करना है। विराट कोहली के लिए यह मैच व्यक्तिगत रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि होलकर स्टेडियम एक ऐसा मैदान है जहां उनका बल्ला वनडे क्रिकेट में उम्मीद के मुताबिक नहीं चला है। दुनिया भर के विभिन्न मैदानों में शतकों की बारिश करने वाले कोहली ने होलकर स्टेडियम में अपनी चार पारियों में केवल 99 रन ही बनाए हैं और उनके बल्ले से इस मैदान पर एक भी अर्धशतक नहीं निकला है, शतक तो दूर की बात है। ऐसे में, महाकाल के आशीर्वाद के साथ, कोहली इस मैदान पर अपने रिकॉर्ड को सुधारने और एक बड़ी पारी खेलने की उम्मीद करेंगे, जो टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दे सके। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह आध्यात्मिक यात्रा उनके खेल में एक नया मोड़ लाती है।

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