India-US Tariff War:हमें अपनी ताकत पता, ट्रंप का तरीका अलग... US के साथ तल्खी पर बोले जयशंकर
India-US Tariff War: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत-अमेरिका संबंधों पर खुलकर बात की है. इसमें उन्होंने कहा कि ट्रंप अन्य राष्ट्रपतियों से बहुत अलग हैं और उनका काम करने का तरीका भी अलग है. अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील पर बातचीत जारी है. हम किसानों
India-US Tariff War: भारत-पाकिस्तान सीजफायर और टैरिफ वॉर के बाद नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच संबंधों में तनाव देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर टैरिफ को लेकर कई बार तीखे बयान दिए हैं। हाल ही में उन्होंने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जिसने दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को और जटिल बना दिया है। इस बीच, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने एक कार्यक्रम में अमेरिका के साथ मौजूदा रिश्तों और ट्रेड डील पर खुलकर अपनी बात रखी।
ट्रंप का अनोखा अंदाज
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “अमेरिका के साथ हम सभी विकल्पों पर बात कर रहे हैं। हमारे पास अब तक ऐसा कोई अमेरिकी राष्ट्रपति नहीं देखा, जिसने विदेश नीति को इतने सार्वजनिक और पारदर्शी तरीके से संचालित किया हो। यह अपने आप में एक बड़ा बदलाव है, जो केवल भारत तक सीमित नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप का दुनिया और अपने देश के साथ व्यवहार करने का तरीका बेहद अलग है।”
उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप की यह शैली वैश्विक कूटनीति में एक नया आयाम लाई है। भारत इस बदलाव को समझते हुए अपनी नीतियों को ढाल रहा है, लेकिन अपने हितों की रक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।
ट्रेड डील: बातचीत जारी, लेकिन लाल रेखाएं बरकरार
जयशंकर ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर चल रही बातचीत के बारे में कहा, “बातचीत अभी भी जारी है। किसी ने यह नहीं कहा कि बातचीत बंद हो गई है। लोग एक-दूसरे से संवाद कर रहे हैं, और ऐसा नहीं है कि कोई ‘कुट्टी’ हो गई है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के लिए कुछ लाल रेखाएं हैं, खासकर किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए।
“हमारी सरकार अपने किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह ऐसा मुद्दा है, जिस पर हम कोई समझौता नहीं कर सकते। हमारी लाल रेखाएं स्पष्ट हैं, और हम उन पर अडिग हैं,” जयशंकर ने जोर देकर कहा।
ऑपरेशन सिंदूर और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति
पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्तों पर टिप्पणी करते हुए जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच दोस्ती का लंबा इतिहास रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान ने हमेशा अपनी सुविधा के अनुसार राजनीति की है। “हमें अपनी ताकत और अपने रिश्तों की समझ है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी अमेरिका सहित कई देशों के साथ बातचीत हुई थी। अंतरराष्ट्रीय संबंधों में यह सामान्य प्रक्रिया है,” उन्होंने कहा।
जयशंकर ने यह भी उल्लेख किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अमेरिका और अन्य देशों से संवाद हुआ था, जैसा कि युद्ध के समय सामान्य रूप से होता है। यह दर्शाता है कि भारत अपनी कूटनीतिक रणनीति को मजबूती से लागू कर रहा है।
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