अडानी एजीएम 2026: हम न कभी रुके न झुके, गौतम अडानी का संबोधन

अडानी समूह की 34वीं एजीएम में गौतम अडानी ने भविष्य के रोडमैप, स्थानीय रोजगार और रिकॉर्ड 82917 करोड़ रुपये के एबिटडा की घोषणा की।

Jun 24, 2026 - 12:35
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अडानी एजीएम 2026: हम न कभी रुके न झुके, गौतम अडानी का संबोधन

अडानी ग्रुप की 34वीं सालाना आम बैठक (एजीएम 2026) को संबोधित करते हुए चेयरमैन गौतम अडानी ने समूह के भविष्य के रोडमैप और देश के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साझा किया। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि अडानी समूह ने पिछले कुछ समय में आई तमाम चुनौतियों और बाहरी हमलों का डटकर मुकाबला किया है और गौतम अडानी ने कहा कि हम न कभी रुके और न ही कभी झुके, बल्कि मुश्किलों ने हमें पहले से कहीं अधिक मजबूत बना दिया है। उन्होंने कर्मचारियों और स्थानीय रोजगार पर केंद्रित एक नई वर्क-सेंट्रिक रणनीति और संगठनात्मक बदलावों का भी ऐलान किया, जो समूह की कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव लाएंगे।

चुनौतियों और विरोधियों पर कड़ा प्रहार

अपने संबोधन के दौरान गौतम अडानी ने विदेशी शॉर्ट-सेलर्स और समूह की प्रतिष्ठा पर हमला करने वालों को कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में जो बेबुनियाद आरोप लगाए गए और सुनियोजित हमले किए गए, उनका समूह ने पूरी मजबूती से सामना किया है। अडानी ने जोर देकर कहा कि जो आंधियां हमें आजमाने आई थीं, उन्होंने ही हमारे बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ और लचीला बना दिया है। उन्होंने अपनी मां के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि सच्ची ताकत दृढ़ता में होती है। समूह के तीन मूल मूल्यों—साहस, क्षमता पर विश्वास और उद्देश्य के प्रति प्रतिबद्धता—ने यह साबित कर दिया है कि कोई भी बाहरी चुनौती अडानी ग्रुप की नींव को हिला नहीं सकती।

वर्क-सेंट्रिक और लोकल फर्स्ट रोजगार रणनीति

गौतम अडानी ने कर्मचारियों को राष्ट्र निर्माता बताते हुए उनके कल्याण के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। समूह ने आगामी परियोजनाओं के लिए एक त्रि-स्तरीय (थ्री-लेयर) रोजगार और संगठनात्मक नीति लागू करने का निर्णय लिया है। इस नीति के तहत प्रोजेक्ट साइटों पर सबसे पहले पास के स्थानीय समुदायों को रोजगार दिया जाएगा, उसके बाद राज्य के युवाओं को और फिर बाहरी उम्मीदवारों को अवसर मिलेगा। श्रमिकों की सुविधा के लिए मुंद्रा और खावड़ा जैसी दूरदराज की साइटों पर 50000 श्रमिकों के लिए वातानुकूलित आवास बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, मुंद्रा में एक अत्याधुनिक सेंट्रलाइज्ड क्लाउड किचन भी तैयार किया जा रहा है, जो प्रतिदिन 100000 पौष्टिक भोजन परोसने की क्षमता रखेगा।

त्वरित फैसलों के लिए नया प्रशासनिक ढांचा

संगठन की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए अडानी समूह अब थ्री-लेयर गवर्नेंस मॉडल पर काम करेगा और गौतम अडानी ने बताया कि इस नए ढांचे से प्रशासनिक मंजूरी के स्तर कम हो जाएंगे। इससे साइट-स्तर पर जो फैसले लेने में पहले कई दिनों का समय लगता था, वे अब मात्र कुछ घंटों में पूरे किए जा सकेंगे। यह बदलाव समूह की परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और परिचालन दक्षता को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

ग्रीन एनर्जी और मेगा प्रोजेक्ट्स का विस्तार

समूह के भविष्य के प्रोजेक्ट्स पर चर्चा करते हुए अडानी ने खावड़ा रिन्यूएबल पार्क का विशेष उल्लेख किया। गुजरात के खावड़ा में स्थापित हो रहा यह दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क वर्तमान में 3000 मेगावाट क्लीन एनर्जी पैदा कर रहा है। समूह का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में इसकी क्षमता को बढ़ाकर 30 गीगावाट करने का है। इसके साथ ही अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड (APSEZ) ने इस साल 420 एमएमटी कार्गो हैंडलिंग का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए समूह 1 एमएमटीपीए क्षमता का कॉपर स्मेल्टर प्लांट भी तैयार कर रहा है।

शानदार वित्तीय नतीजे और कर्ज में कमी

गौतम अडानी ने वित्त वर्ष 2023-24 के शानदार वित्तीय आंकड़े पेश करते हुए समूह की मजबूती का प्रमाण दिया। इस अवधि में अडानी ग्रुप ने 82917 करोड़ रुपये (लगभग 10 बिलियन डॉलर) का अब तक का सबसे अधिक एबिटडा दर्ज किया है, जो 45 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। समूह का टैक्स पश्चात लाभ (PAT) 71 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 40129 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वित्तीय अनुशासन का परिचय देते हुए समूह ने अपने नेट डेट-टू-एबिटडा अनुपात को 3 point 3 गुना से घटाकर 2 point 2 गुना के सुरक्षित स्तर पर ला दिया है। ये आंकड़े बताते हैं कि समूह की वित्तीय स्थिति पहले से कहीं अधिक स्थिर और मजबूत है।

भारत के उदय में अडानी समूह की भूमिका

अपने संबोधन के समापन में गौतम अडानी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच पूरी दुनिया भारत के उदय को देख रही है। भारत आज वैश्विक स्थिरता और प्रगति की एक बड़ी शक्ति बनकर उभरा है और उन्होंने संकल्प लिया कि अडानी समूह देश की लॉजिस्टिक्स, एनर्जी ग्रिड और औद्योगिक रीढ़ को मजबूत करने के अपने मिशन पर कायम रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत का समय आ गया है और अडानी समूह इस विकास यात्रा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।

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