इस्लामाबाद के अस्पताल में आग से हाहाकार, 15 नवजातों की मौत, एसी कंप्रेसर फटने से हादसा

इस्लामाबाद के PIMS अस्पताल में एसी कंप्रेसर फटने से लगी आग में 15 नवजात बच्चों की मौत हो गई। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

Aug 26, 2026 - 12:35
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इस्लामाबाद के अस्पताल में आग से हाहाकार, 15 नवजातों की मौत, एसी कंप्रेसर फटने से हादसा

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में स्थित पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) के गायनेकोलॉजी वार्ड में भीषण आग लगने से 15 नवजात बच्चों की मौत हो गई है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे अस्पताल परिसर और देश को झकझोर कर रख दिया है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा एयर कंडीशनर (एसी) का कंप्रेसर फटने की वजह से हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। आग लगने के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।

हादसे का विवरण और बचाव कार्य

जानकारी के मुताबिक, आग लगने की यह घटना सुबह 7 बजे अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित गायनेकोलॉजी विभाग में शुरू हुई। जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त वार्ड की नर्सरी में कुल 16 नवजात शिशु मौजूद थे। आग इतनी भीषण थी कि बचाव कर्मियों के लिए बच्चों तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया और नर्सरी में मौजूद 16 बच्चों में से केवल एक बच्चे को ही सुरक्षित बाहर निकाला जा सका, जबकि 15 अन्य बच्चों ने इस भीषण अग्निकांड में अपनी जान गंवा दी।

आग लगने की सूचना मिलते ही राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। इस अभियान में फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियों को लगाया गया, जिन्होंने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसके साथ ही 4 एंबुलेंस को भी मौके पर तैनात किया गया ताकि घायलों या प्रभावितों को तुरंत सहायता दी जा सके। फिलहाल फायर ब्रिगेड की टीम कूलिंग ऑपरेशन चला रही है ताकि आग दोबारा न भड़क सके। अस्पताल परिसर में आग लगते ही हाहाकार मच गया था और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।

परिजनों का हाल और प्रशासनिक कार्रवाई

नवजातों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल के बाहर का नजारा अत्यंत हृदयविदारक था, जहां माता-पिता अपने खोए हुए बच्चों के लिए विलाप कर रहे थे। स्थानीय प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन द्वारा एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है जो आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाएगी। यह कमेटी इस बात की भी जांच करेगी कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था या उपकरणों के रखरखाव में कोई बड़ी चूक हुई थी।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जताया दुख

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस सरकारी अस्पताल में हुई मौतों पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने घटना की तुरंत जांच करने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान में इस अग्निकांड में नवजात बच्चों की मौत की पुष्टि की गई है। प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा कि बच्चों से जुड़ी कोई भी दुखद घटना एक ऐसा नुकसान है जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती और उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस मामले की तह तक जाएं और जिम्मेदारी तय करें।

PIMS का इतिहास और पिछली घटनाएं

पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) का निर्माण वर्ष 1985 में हुआ था। यह इस्लामाबाद का सबसे बड़ा और दूसरा सबसे पुराना सरकारी अस्पताल है, जहां रोजाना हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं। इस हादसे ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि इसी साल जनवरी में पाकिस्तान के कराची में एक शॉपिंग मॉल में भीषण आग लगी थी, जिसमें झुलसकर करीब 14 लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हुए थे। सार्वजनिक स्थानों पर आग लगने की बढ़ती घटनाएं सुरक्षा मानकों की अनदेखी की ओर इशारा करती हैं।

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