ईरान-इजरायल जंग के बीच एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़े, नई दरें लागू

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें बढ़ीं। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर ₹913 और कमर्शियल ₹1883 हुआ।

Mar 7, 2026 - 08:35
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ईरान-इजरायल जंग के बीच एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़े, नई दरें लागू

मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा असर अब भारत में ईंधन की कीमतों पर दिखने लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू और कमर्शियल दोनों श्रेणियों के एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में तत्काल प्रभाव से बढ़ोतरी कर दी है। 2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹60 की वृद्धि की गई है, जबकि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में ₹115 का इजाफा हुआ है। यह बढ़ोतरी वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति में संभावित बाधाओं और भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच की गई है।

घरेलू एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें

2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत ₹853 से बढ़कर अब ₹913 हो गई है। यह वृद्धि मध्यम वर्गीय परिवारों के मासिक बजट को प्रभावित कर सकती है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव और परिवहन लागत में वृद्धि के कारण यह निर्णय लिया गया है। अन्य महानगरों में भी इसी अनुपात में कीमतों में बदलाव देखा गया है, जिससे घरेलू ईंधन की लागत में समग्र वृद्धि हुई है।

कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में भारी उछाल

व्यावसायिक उपयोग के लिए इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹115 की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस बदलाव के बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमत ₹1883 हो गई है। वहीं, आर्थिक राजधानी मुंबई में इसकी कीमत अब ₹1835 निर्धारित की गई है। कमर्शियल गैस की कीमतों में इस वृद्धि का सीधा असर होटल, रेस्तरां और खान-पान के व्यवसाय से जुड़े उद्योगों पर पड़ने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, औद्योगिक ईंधन की लागत बढ़ने से आने वाले दिनों में बाहर खाना और अन्य सेवाएं महंगी हो सकती हैं।

रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के कड़े निर्देश

ईरान-इजरायल युद्ध के विस्तार को देखते हुए भारत सरकार ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी सरकारी और निजी क्षेत्र की एलपीजी रिफाइनरियों को अपना उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है। सरकार का उद्देश्य घरेलू बाजार में गैस की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है ताकि किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति पैदा न हो। अधिकारियों के अनुसार, रिफाइनरियों को अपनी क्षमता का अधिकतम उपयोग करने और स्टॉक को सुरक्षित रखने के लिए कहा गया है ताकि युद्ध की स्थिति लंबी खिंचने पर भी आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित न हो।

ऊर्जा सुरक्षा और सरकारी आश्वासन

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है और उन्होंने स्पष्ट किया कि मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद भारत को वर्तमान में ऊर्जा की कमी का कोई खतरा नहीं है। सरकार के अनुसार, भारत के पास पर्याप्त मात्रा में गैस रिजर्व और पेट्रोलियम उत्पादों जैसे क्रूड ऑयल, पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का स्टॉक उपलब्ध है और तेल कंपनियां आपूर्ति में किसी भी संभावित रुकावट को दूर करने के लिए खाड़ी क्षेत्र के बाहर के देशों से भी आयात के विकल्पों पर काम कर रही हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और वैश्विक आपूर्ति चुनौतियां

ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। यह समुद्री मार्ग कच्चे तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। ईरान द्वारा इस मार्ग को बाधित करने की आशंका के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता देखी जा रही है। भारतीय अधिकारी इस क्षेत्र के घटनाक्रमों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। सरकार का मानना है कि यदि यह मार्ग लंबे समय तक प्रभावित रहता है, तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में और अधिक दबाव बढ़ सकता है, जिसका असर भविष्य की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

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