उद्घाटन से पहले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे धंसने का आरोप, अखिलेश यादव और एनएचएआई में ठनी

अखिलेश यादव ने 4700 करोड़ के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के धंसने का आरोप लगाया। एनएचएआई ने इसे खारिज कर सड़क किनारे की मिट्टी का रखरखाव बताया।

Jul 13, 2026 - 10:35
 0  0
उद्घाटन से पहले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे धंसने का आरोप, अखिलेश यादव और एनएचएआई में ठनी

उत्तर प्रदेश में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से ठीक पहले एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि 4700 करोड़ रुपये की लागत से बना यह एक्सप्रेसवे उद्घाटन से पहले ही धंस गया है। सरकारी कार्यक्रम के अनुसार, 13 जुलाई को दोपहर तीन बजे केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्नाव से इस एक्सप्रेसवे का भव्य उद्घाटन करने वाले हैं। इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर अखिलेश यादव के दावों ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

अखिलेश यादव का सोशल मीडिया पर तीखा प्रहार

सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए बीजेपी सरकार पर तंज कसा। उन्होंने लिखा कि एक्सप्रेसवे इसलिए बनाए जाते हैं ताकि लोग बेफिक्र होकर तेजी से सफर कर सकें, न कि पूरे रास्ते भगवान का नाम जपते रहें। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार में 4700 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उद्घाटन से पहले ही धंस गया है। उन्होंने इस दौरान महाराष्ट्र का भी जिक्र किया और कहा कि वहां बीजेपी सरकार के दौरान 6700 करोड़ रुपये की लागत से बना मिसिंग लिंक भी बदहाल हो गया है। उन्होंने इन परियोजनाओं को बीजेपी सरकार और भ्रष्टाचारियों के बीच एक कनेक्टिंग लिंक करार दिया और कहा कि यह पूरी दुनिया में बदनाम हो रहा है।

भ्रष्टाचार और डिजाइन पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने सवाल किया कि क्या बीजेपी शासित राज्यों में महाभ्रष्टाचार की कोई प्रतियोगिता चल रही है और उन्होंने पूछा कि क्या इन दोनों परियोजनाओं का डिजाइन लखनऊ वालों ने ही तैयार किया है? सपा प्रमुख ने दावा किया कि दो शहरों के बीच की यात्रा में जितना समय लगेगा, उससे कहीं अधिक समय तो एक्सप्रेसवे से शहर में प्रवेश करने में लग जाएगा। उन्होंने जनता की ओर से सवाल पूछते हुए कहा कि यह परियोजना लोगों की सुविधा के लिए बनाई गई है या बीजेपी से जुड़े ठेकेदारों को मुनाफा पहुंचाने के लिए और उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भ्रष्टाचार की वजह से यही हाल रहा, तो 40 मिनट की यात्रा पर निकलने से पहले यात्री 40 बार सोचेगा, क्योंकि यदि गति सुरक्षित नहीं है, तो उसका कोई अर्थ नहीं रह जाता।

बीजेपी ने आरोपों को बताया निराधार

अखिलेश यादव के इन आरोपों पर पलटवार करते हुए बीजेपी की उन्नाव जिला इकाई के अध्यक्ष अनुराग अवस्थी ने इन्हें पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष विकास कार्यों को लेकर अनावश्यक बयानबाजी कर रहा है। अवस्थी के अनुसार, जो लोग हताश हैं और जिन्हें विकास रास नहीं आ रहा है, वे समाज में अपनी पहचान बनाए रखने और 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कहीं निर्माण कार्य से जुड़ी कोई मामूली तकनीकी कमी है, तो संबंधित एजेंसी उसका समाधान करेगी, लेकिन उद्घाटन से ठीक पहले इस तरह के आरोप लगाना दुर्भावना से प्रेरित है।

एनएचएआई ने दी तकनीकी सफाई

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने भी एक्सप्रेसवे के धंसने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे का कोई भी मुख्य हिस्सा नहीं धंसा है। वर्मा ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर जो तस्वीरें साझा की जा रही हैं, वे एक्सप्रेसवे के मुख्य मार्ग की नहीं बल्कि सड़क किनारे की मिट्टी (बर्म) की हैं। उन्होंने इसे नियमित रखरखाव का मामला बताया और कहा कि इससे एक्सप्रेसवे की संरचनात्मक मजबूती या यातायात सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने घोषणा की कि यह एक्सप्रेसवे 14 जुलाई को सुबह 8 बजे से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक्सप्रेसवे पूरी तरह सुरक्षित है और सभी गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow