ट्रंप की ईरान को एक और हमले की धमकी, ईरान ने कहा काट देंगे इंटरनेट केबल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को एक और हमले की धमकी के बाद ईरान ने समुद्र के नीचे की इंटरनेट केबल काटने की चेतावनी दी है।
अमेरिकी राजनीतिक और सामरिक गलियारों से इस समय एक बहुत बड़ी और तनावपूर्ण खबर सामने आ रही है जहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक बार फिर से नए सैन्य हमले की खुली धमकी दी है। दुनिया भर में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच का संघर्ष एक बार फिर से अपने चरम पर पहुँचने वाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई का स्पष्ट संकेत देते हुए कहा है कि अगर तेहरान किसी भी प्रकार के समझौते के लिए तैयार नहीं होता है, तो वाशिंगटन एक बार फिर से एक और बड़ा ऑपरेशन शुरू कर सकता है। इस तरह के आक्रामक बयानों ने मध्य पूर्व के हालात को और अधिक संवेदनशील बना दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएँ काफी बढ़ गई हैं।
फ्लोरिडा की रैली में दी गई धमकी
' अपने इस बयान में उन्होंने उस विशिष्ट नाम का सीधा जिक्र किया जिसका इस्तेमाल अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए जाने वाले सैन्य अभियानों और युद्ध के दौरान किया जाता है। ट्रंप की इस ताज़ा और गंभीर धमकी के सामने आने के बाद से ही वैश्विक कूटनीति में हलचल मच गई है। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयानों से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत के दरवाजे बंद हो सकते हैं और किसी भी समय एक भयानक सैन्य भिड़ंत शुरू हो सकती है। ट्रंप की इस धमकी के ठीक कुछ ही घंटे पहले एक अमेरिकी दूत ने भी यह बयान दिया था कि इसी सप्ताहांत तक ईरान पर एक बार फिर से बड़े पैमाने पर सैन्य हमले हो सकते हैं, जिससे इन आशंकाओं को और अधिक बल मिला है।
ईरान का आक्रामक पलटवार और आगे का प्लान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस गंभीर धमकी के जवाब में ईरानी अधिकारियों ने भी बहुत तीखी और सख्त प्रतिक्रिया दी है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी बाहरी हमले का मुँहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है और उसने अपनी बचाव की रणनीति के तहत एक खतरनाक आगे का प्लान भी तैयार कर लिया है। ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका और इजराइल ने दोबारा किसी भी प्रकार का सैन्य हमला किया, तो ईरान फारस की खाड़ी में समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल को अपना मुख्य निशाना बनाएगा। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के राजनीतिक मामलों के उप प्रमुख यदोल्लाह जावानी ने इस पूरी योजना पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा है कि यदि ईरान के किसी भी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमला किया जाता है, तो ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के नीचे मौजूद सात प्रमुख इंटरनेट केबल को पूरी तरह से काट देगा। यदोल्लाह जावानी ने आगे कहा कि समुद्र के नीचे की इंटरनेट केबल से लेकर देश के अन्य सैन्य ठिकानों तक ऐसी कोई भी जगह नहीं है जो सुरक्षित रह सकेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की पहुँच न केवल समुद्र के नीचे बिछे इन अत्यंत महत्वपूर्ण केबल तक पूरी तरह से है, बल्कि वह इन्हें चंद पलों में पूरी तरह से नष्ट करने की पूरी क्षमता भी रखता है।
समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल के कटने से होने वाले भयंकर नुकसान
यदि ईरान अपनी इस चेतावनी को अमलीजामा पहनाते हुए समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल को काट देता है, तो इसके परिणाम पूरी दुनिया के लिए बहुत ही विनाशकारी साबित हो सकते हैं। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, समुद्र के नीचे बिछी ये इंटरनेट केबल दुनिया भर के लगभग निन्यानवे प्रतिशत इंटरनेट ट्रैफिक को एक देश से दूसरे देश तक पहुँचाने का काम करती हैं। अगर एक साथ कई प्रमुख केबल कट जाती हैं, तो पूरी दुनिया में इंटरनेट की रफ्तार बेहद धीमी हो सकती है या कई हिस्सों में पूरी तरह से ठप हो सकती है। इसके अलावा इसका सीधा और घातक असर वैश्विक वित्तीय लेनदेन, बड़े पैमाने पर होने वाले ऑनलाइन कारोबार, और आधुनिक क्लाउड सेवाओं पर पड़ेगा, जिससे दुनिया भर की अर्थव्यवस्था हिल सकती है। इतना ही नहीं, युद्ध और संघर्ष के इस दौर में इन केबल की मरम्मत करना भी लगभग असंभव या बेहद मुश्किल साबित हो सकता है, क्योंकि इस स्थिति में बीमा की लागत आसमान छू सकती है और युद्ध क्षेत्र होने के कारण जहाजों और तकनीकी टीमों को समुद्री क्षेत्र में जाने की अनुमति मिलने में भारी देरी हो सकती है।
ट्रंप का लगातार बदलता रहता है मूड और नीति
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख इस पूरे मामले में बेहद अनिश्चित और लगातार बदलता हुआ दिखाई दे रहा है। एक तरफ जहां शुक्रवार को ट्रंप ने ईरान पर फिर से भयानक हमले की धमकी दी, वहीं ठीक उसी दिन ट्रंप ने यह भी कहा था कि अमेरिका इस युद्ध को बहुत ही जल्दी और आसानी से खत्म कर सकता है। इसके तुरंत बाद उन्होंने खुद ही एक बड़ा सवाल उठाते हुए यह भी पूछा कि क्या अमेरिका को इस युद्ध को तुरंत खत्म कर देना चाहिए या फिर इसे धीरे-धीरे अपने आप कमजोर पड़ने देना चाहिए। अपने इस विरोधाभासी बयान में ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका के पास इस युद्ध को पूरी तरह से खत्म करने की अद्भुत क्षमता और ताकत मौजूद है, लेकिन असली सवाल यह है कि इसे अभी समाप्त किया जाए या इसे धीरे-धीरे अपने अंजाम तक पहुँचने दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका को वह सब कुछ मिल रहा है जो वह वास्तव में चाहता है और उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हमारा तेल होर्मुज के रास्ते से होकर लगातार बिना किसी रुकावट के आ रहा है। ट्रंप के इन उलट-फेर वाले बयानों ने स्थिति को और अधिक उलझा दिया है।
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