तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी का विवादित बयान: शिव को गरीबों और राम को अमीरों का भगवान बताया

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भगवान शिव को गरीबों और राम को अमीरों का भगवान बताकर विवाद खड़ा कर दिया है। भाजपा ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

Sep 29, 2026 - 14:35
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तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी का विवादित बयान: शिव को गरीबों और राम को अमीरों का भगवान बताया

तेलंगाना के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ए. रेवंत रेड्डी का एक बेहद विवादित बयान सामने आया है, जिसने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। रेवंत रेड्डी ने भगवान शिव और भगवान श्री राम के बीच तुलना करते हुए उन्हें आर्थिक और क्षेत्रीय आधार पर बांटने की कोशिश की है और दिल्ली में आयोजित 'प्रतिदिन मीडिया नेटवर्क' के कार्यक्रम 'द कॉन्क्लेव 2026' में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री ने सनातन संस्कृति के इन दो प्रमुख देवों को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिस पर अब विवाद खड़ा हो गया है।

रेवंत रेड्डी का विवादित दावा

कार्यक्रम के दौरान रेवंत रेड्डी ने द्रविड़ और आर्य की थ्योरी का जिक्र करते हुए कहा कि हम द्रविड़ियन हैं और हमारी अपनी अलग परंपराएं हैं और उन्होंने दावा किया कि भगवान शिवजी गरीबों के भगवान हैं और भगवान रामजी अमीरों के भगवान हैं। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा अमीरों की पार्टी है, इसीलिए वे केवल 'जय श्री राम' कहते हैं और कभी 'हर हर महादेव' नहीं बोलते। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने भगवान राम को चुरा लिया है और उन्हें एक राजनीतिक प्रतीक बना दिया है।

रेवंत रेड्डी ने आगे कहा कि दक्षिण भारत में भगवान शिव की पूजा अधिक होती है, जबकि उत्तर भारत में भगवान राम की। उन्होंने कांग्रेस को शिव का भक्त और भाजपा को राम का भक्त बताते हुए देवताओं के बीच एक राजनीतिक लकीर खींचने का प्रयास किया। गौरतलब है कि रेवंत रेड्डी पहले भी अपने बयानों के कारण विवादों में रहे हैं, जिसमें एक बार उन्होंने बिहार के डीएनए पर भी सवाल उठाया था।

भाजपा और बंदी संजय कुमार का पलटवार

मुख्यमंत्री के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा ऐतराज जताया है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता बंदी संजय कुमार ने रेवंत रेड्डी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो मुख्यमंत्री यह कहते थे कि 'मुस्लिम ही कांग्रेस है और कांग्रेस ही मुस्लिम है', वे अब भगवान राम और भगवान शिव के बीच राजनीतिक बंटवारा कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि तेलंगाना में वेमुलावाड़ा को 'दक्षिण काशी' और भद्राचलम को 'दक्षिण अयोध्या' कहा जाता है। ऐसे राज्य के मुख्यमंत्री होने के नाते रेवंत रेड्डी को भगवानों को उत्तर और दक्षिण में नहीं बांटना चाहिए।

बंदी संजय कुमार ने कहा कि भगवान शिव ने हलाहल विष पीकर नीलकंठ कहलाना स्वीकार किया, लेकिन आज कांग्रेस अपना खुद का हलाहल तैयार कर रही है, जिसमें जाति बनाम जाति, उत्तर बनाम दक्षिण और अब शिव बनाम राम का जहर घोला जा रहा है और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि पीएम मोदी वाराणसी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहां काशी विश्वनाथ के रूप में भगवान शिव विराजमान हैं। मोदी जी आजादी के बाद पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने वेमुलावाड़ा में श्री राजराजेश्वर स्वामी के दर्शन किए।

हरि और हर की एकता का संदेश

भाजपा नेता ने रेवंत रेड्डी को उनके अपने क्षेत्र महबूबनगर की याद दिलाई, जहां मान्यमकोंडा श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर स्थित है। उन्होंने कहा कि इसे हरिहर क्षेत्र कहा जाता है, जो भगवान विष्णु (हरि) और भगवान शिव (हर) की एकता का प्रतीक है और बंदी संजय कुमार ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय रेवंत रेड्डी ने वोट पाने के लिए इन्हीं देवताओं के नाम पर कसमें खाई थीं और अब वे उन्हीं देवताओं का इस्तेमाल लोगों को बांटने के लिए कर रहे हैं।

उन्होंने सनातन धर्म की परंपरा का हवाला देते हुए एक श्लोक साझा किया: 'शिवाय विष्णुरूपाय शिवरूपाय विष्णवे। शिवस्य हृदयं विष्णुर्विष्णोश्च हृदयं शिवः॥' इसका अर्थ है कि विष्णु ही शिव के रूप में हैं और शिव ही विष्णु के रूप में हैं। विष्णु का हृदय शिव हैं और शिव का हृदय विष्णु हैं और उन्होंने कहा कि यही सनातन धर्म की असली पहचान है और जनता को कांग्रेस की इस बांटने वाली राजनीति को पहचानना चाहिए। उन्होंने अपने बयान का अंत 'हर हर महादेव' और 'जय श्री राम' के नारों के साथ किया।

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