बकरीद 2026: वाराणसी की बेनियाबाग बकरा मंडी में लटका ताला, 250 व्यापारियों पर छाया संकट

वाराणसी की बेनियाबाग बकरा मंडी बकरीद 2026 से पहले बंद कर दी गई है, जिससे 250 व्यापारियों को नुकसान हुआ है। यूपी सरकार ने अवैध पशु वध को लेकर अलर्ट जारी किया है।

May 27, 2026 - 22:35
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बकरीद 2026: वाराणसी की बेनियाबाग बकरा मंडी में लटका ताला, 250 व्यापारियों पर छाया संकट

वाराणसी की प्रसिद्ध बेनियाबाग बकरा मंडी इस बार बकरीद 2026 से पहले भी नहीं खुल सकी है, जिससे कारोबारियों और पशु व्यापार से जुड़े लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। बीते सोमवार को नगर निगम द्वारा मंडी में लगाया गया ताला अब तक नहीं खोला गया है। इसके चलते दूर-दराज के जिलों से पहुंचे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और कई कारोबारियों का कहना है कि बकरीद से ठीक पहले मंडी बंद होने से उनका पूरा व्यापार प्रभावित हो गया है और उन्हें लाखों रुपये का घाटा सहना पड़ रहा है।

भारी पुलिस बल के बीच खाली कराई गई मंडी

सोमवार को नगर निगम की टीम ने एसीपी दशाश्वमेध और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बेनियाबाग बकरा मंडी को खाली कराया था। मंडी में मौजूद व्यापारियों को करीब 1 घंटे का समय देकर बाहर कर दिया गया और उसके बाद परिसर में ताला लगा दिया गया। बताया जा रहा है कि मंडी के संचालन के लिए स्मार्ट सिटी की ओर से 10 दिनों का टेंडर जारी किया गया था, लेकिन बाद में नगर निगम ने उसे निरस्त करते हुए मंडी बंद करवा दी। इस कार्रवाई से मंडी में मौजूद करीब 250 व्यापारी प्रभावित हुए हैं, जो पूर्वांचल समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों से बकरे लेकर वाराणसी पहुंचे थे। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन की इस अचानक कार्रवाई से उन्हें भारी नुकसान हुआ है।

20 से अधिक जिलों से पहुंचे थे व्यापारी

बेनियाबाग की बकरा मंडी पूर्वांचल की सबसे बड़ी मंडियों में गिनी जाती है। यहां सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, एटा, इटावा, मैनपुरी, सीतापुर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, प्रयागराज, कौशांबी, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, मऊ, गाजीपुर, आजमगढ़, जौनपुर, देवरिया और गोरखपुर समेत कई जिलों से व्यापारी पहुंचते हैं। व्यापारी शमीम ने बताया कि उन्होंने स्मार्ट सिटी से करीब 22 से 24 लाख रुपये में मंडी का ठेका लिया था। उनका आरोप है कि नगर निगम ने बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक कार्रवाई कर मंडी बंद कर दी। उन्होंने कहा कि न तो पहले कोई नोटिस दिया गया और न ही मंडी बंद करने का कोई स्पष्ट कारण बताया गया।

10 साल की परंपरा में पहली बार ऐसा संकट

इटावा से 65 बकरे लेकर पहुंचे व्यापारी संजय कुमार ने अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वह पिछले 10 वर्षों से बेनियाबाग मंडी में व्यापार करने आते रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह रविवार रात ही वाराणसी पहुंचे थे और उन्हें उम्मीद थी कि प्रशासन कोई समाधान निकालेगा, लेकिन अब बकरीद शुरू होने वाली है और उनका माल नहीं बिक पाया है। उन्होंने कहा कि इस बार वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं क्योंकि ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं बनी थी। इस मामले में नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रशासन के बीच खींचतान भी सामने आई है। मेयर अशोक तिवारी ने इसे स्मार्ट सिटी से जुड़ा मामला बताया, जबकि नगर आयुक्त ने मंडी में गंदगी और तय मानकों की अनदेखी को कार्रवाई की वजह बताया है।

बकरीद को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार का अलर्ट

वाराणसी के इस घटनाक्रम के बीच, बकरीद के मद्देनजर उत्तर प्रदेश सरकार भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। सरकार ने प्रदेशभर में अवैध पशु वध रोकने के लिए सभी वैध पशु वधशालाओं के विशेष निरीक्षण के निर्देश जारी किए हैं। विशेष सचिव नीरजा सक्सेना की ओर से सभी जिलाधिकारियों को आदेश जारी करते हुए कहा गया है कि अवैध पशु वध रोकने के लिए त्वरित टीमें गठित की जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि वैध स्लॉटरहाउस में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही पशु वध हो। सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि अवैध पशु वध, अवैध वधशालाओं के संचालन और अवैध परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और पशुपालन विभाग की टीमें संयुक्त रूप से निगरानी अभियान चलाएंगी ताकि कानून-व्यवस्था और स्वच्छता बनी रहे।

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