'बाबूजी गर्ल' याना गुप्ता: आध्यात्म की तलाश से नेशनल क्रश बनने तक का सफर, अब कहां हैं अभिनेत्री?

जानिए 'बाबूजी जरा धीरे चलो' फेम याना गुप्ता के बारे में, जो आध्यात्म की तलाश में भारत आईं और बॉलीवुड की स्टार बनीं। अब वह कहां हैं और क्या कर रही हैं, पूरी जानकारी।

Apr 23, 2026 - 07:35
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'बाबूजी गर्ल' याना गुप्ता: आध्यात्म की तलाश से नेशनल क्रश बनने तक का सफर, अब कहां हैं अभिनेत्री?

'बाबूजी जरा धीरे चलो' गाने में अपने डांस और अदाओं से तहलका मचाने वाली याना गुप्ता आज भी दर्शकों के जेहन में बसी हुई हैं। एक समय था जब इस एक गाने ने उन्हें हर तरफ मशहूर कर दिया था और वह नेशनल क्रश बन गई थीं। हालांकि, अपार सफलता और स्टारडम हासिल करने के बावजूद उन्होंने एक्टिंग इंडस्ट्री से दूरी बना ली। आज याना गुप्ता बड़े पर्दे से पूरी तरह ओझल हो चुकी हैं और एक अलग जीवन जी रही हैं।

'दम' फिल्म और 'बाबूजी' गाने की ऐतिहासिक सफलता

साल 2003 में विवेक ओबेरॉय, दिया मिर्जा और अतुल कुलकर्णी अभिनीत फिल्म 'दम' रिलीज हुई थी। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई बड़ा कमाल नहीं दिखा पाई, लेकिन इसका एक गाना 'बाबूजी जरा धीरे चलो' जबरदस्त हिट साबित हुआ। आज 23 साल बाद भी यह गाना बजते ही लोगों के पैर थिरकने लगते हैं। इस हिट आइटम नंबर के बोल अनजान ने लिखे थे और संगीत संदीप चौटा ने दिया था। इस गाने को सुखविंदर सिंह, सोनू कक्कड़ और सोनू कक्कड़ ने अपनी आवाज दी थी। इसी गाने के जरिए याना गुप्ता ने बॉलीवुड में कदम रखा और रातोंरात स्टार बन गईं।

चेकोस्लोवाकिया से भारत तक का सफर और आध्यात्म की खोज

याना गुप्ता का जन्म 23 अप्रैल 1979 को चेकोस्लोवाकिया के ब्रनो शहर में हुआ था, जो अब चेक रिपब्लिक का हिस्सा है। उनका असली नाम जाना सिंकोवा था। याना का बचपन काफी संघर्षपूर्ण रहा; जब वह बहुत छोटी थीं, तभी उनके माता-पिता अलग हो गए थे। उनकी मां ने अकेले ही उनकी और उनकी बहन की परवरिश की। आर्थिक तंगी के बीच याना ने अपनी पढ़ाई पूरी की और फिर गार्डनिंग व पार्क आर्किटेक्चर की पढ़ाई शुरू की। इसी दौरान एक दोस्त की सलाह पर उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा। वह यूरोप और जापान में मॉडलिंग इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम बन गईं, लेकिन इस भागदौड़ भरी जिंदगी से थककर वह शांति और आध्यात्म की तलाश में भारत के पुणे स्थित ओशो आश्रम आ पहुंचीं।

निजी जीवन, विवाह और बॉलीवुड में करियर

भारत प्रवास के दौरान याना की मुलाकात सत्यकाम गुप्ता से हुई। दोनों की दोस्ती प्यार में बदली और साल 2001 में उन्होंने शादी कर ली। शादी के बाद उन्होंने अपने नाम के साथ 'गुप्ता' जोड़ लिया और भारत को ही अपना घर बना लिया। भारत में उन्होंने मॉडलिंग जारी रखी और मशहूर फोटोग्राफर डब्बू रत्नानी के साथ काम किया, जिससे उन्हें बड़े विज्ञापन और शो मिलने लगे और 2003 में 'दम' फिल्म के गाने ने उन्हें बड़ी पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी कई आइटम सॉन्ग किए। हालांकि, उन्हें लगातार केवल ग्लैमरस रोल और आइटम नंबर ही ऑफर हो रहे थे, जिससे वह परेशान रहने लगी थीं।

टीवी शोज, लेखन और वर्तमान जीवन

याना गुप्ता ने 'झलक दिखला जा' और 'फियर फैक्टर: खतरों के खिलाड़ी' जैसे रियलिटी शोज में भी हिस्सा लिया। साल 2009 में उन्होंने फिटनेस और खान-पान की समस्याओं पर एक किताब भी लिखी, जो काफी चर्चा में रही। उनकी आखिरी फिल्मी मौजूदगी 2018 में आई फिल्म 'दशहरा' के गाने 'जोगनिया' में देखी गई थी। इसके बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से पूरी तरह दूरी बना ली। वर्तमान में याना सोशल मीडिया पर भी सक्रिय नहीं हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह अब योग, मेडिटेशन और आध्यात्मिक जीवन पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। इसके साथ ही उनका पूरा फोकस अब लेखन और संगीत पर है।

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