भारत और बेल्जियम के बीच पहली रणनीतिक वार्ता, FTA और व्यापार पर बड़ा फोकस
भारत और बेल्जियम ने पहली रणनीतिक वार्ता आयोजित की, जिसमें व्यापार, निवेश और भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते पर विशेष चर्चा की गई।
भारत और बेल्जियम ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नए और उच्च स्तर पर ले जाने के उद्देश्य से पहली ‘भारत-बेल्जियम रणनीतिक वार्ता’ का सफल आयोजन किया है। इस महत्वपूर्ण बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस और जयशंकर और बेल्जियम के उप-प्रधानमंत्री तथा विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवोट ने की। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच के रिश्तों को अधिक संस्थागत, व्यापक और परिणाम-उन्मुख बनाना है, ताकि भविष्य की चुनौतियों का मिलकर सामना किया जा सके।
रणनीतिक साझेदारी में बेल्जियम की भूमिका
विदेश मंत्री डॉ. एस और जयशंकर ने इस अवसर पर बेल्जियम के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यूरोप के साथ भारत की बढ़ती साझेदारी में बेल्जियम का एक अत्यंत खास स्थान है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह रणनीतिक वार्ता दोनों देशों की पूरक ताकतों को ठोस और सकारात्मक नतीजों में बदलने का एक सशक्त जरिया बनेगी। यह मंच भारत-यूरोपीय संघ (EU) रणनीतिक साझेदारी के व्यापक ढांचे के भीतर नियमित राजनीतिक बातचीत के लिए एक नए और प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य करेगा।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र और वैश्विक मुद्दे
बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। इनमें व्यापार और निवेश, हरित ऊर्जा की ओर बदलाव (ग्रीन एनर्जी ट्रांज़िशन), नवाचार (इनोवेशन) और प्रौद्योगिकी, कनेक्टिविटी, रक्षा और सुरक्षा जैसे विषय शामिल थे। इसके अलावा, दोनों देशों ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर आपसी सहयोग और लोगों के बीच संबंधों को और गहरा करने पर भी विस्तृत चर्चा की। बेल्जियम के विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवोट ने कहा कि व्यापार, निवेश और नवाचार भविष्य के सहयोग के लिए एक मजबूत आधार तैयार करते हैं।
भारत-EU बिजनेस फोरम और FTA पर चर्चा
रणनीतिक वार्ता के साथ-साथ ‘भारत-EU बिजनेस फोरम’ का भी आयोजन किया गया। इस फोरम में भारत, बेल्जियम और अन्य यूरोपीय देशों के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और इस दौरान भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के संदर्भ में व्यापार और निवेश के नए अवसरों पर विस्तार से बात की गई। भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने किया। बेल्जियम की ओर से फ्लैंडर्स के मंत्री-अध्यक्ष मैथियास डाइपेंडेल और वालोनिया के मंत्री-अध्यक्ष एड्रियन डोलिमोंट ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
भविष्य की योजनाएं और आर्थिक मिशन
दोनों देशों ने भविष्य के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत नियमित रूप से उच्च-स्तरीय बैठकें आयोजित की जाएंगी। मार्च 2025 में होने वाला बेल्जियम का आर्थिक मिशन दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक संबंधों का एक बड़ा प्रमाण होगा। इसके साथ ही, वर्ष 2026 के लिए प्रस्तावित उच्च-स्तरीय यात्राओं के दौरान विभिन्न प्रमुख पहलों को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। बैठक के समापन पर, भारत और बेल्जियम ने एक महत्वाकांक्षी और मजबूत रणनीतिक साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और बदलते वैश्विक परिदृश्य में अपने संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया।
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