भारत सरकार की मेगा डील वायुसेना के लिए खरीदे जाएंगे 1 लाख करोड़ के विमान
रक्षा मंत्रालय ने 60 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। इसमें टाटा, अडानी और महिंद्रा जैसी कंपनियां शामिल होंगी।
रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की लागत वाले नए मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (MTA) की खरीद के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। इस निविदा के जारी होने के साथ ही एक बड़ी और प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है। इस मेगा डील में मुख्य रूप से अमेरिकी एयरोस्पेस दिग्गज लॉकहीड मार्टिन और ब्राजील की विमान निर्माता कंपनी एम्ब्रेयर के बीच एक कड़ी प्रतिस्पर्धा होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। यह पूरा कार्यक्रम 60 विमानों के निर्माण और खरीद पर केंद्रित है, जो भारतीय रक्षा क्षेत्र के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
भारतीय कंपनियों की प्रमुख भूमिका
सरकार ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए कम से कम चार प्रमुख भारतीय रक्षा कंपनियों को टेंडर जारी किए हैं। इन कंपनियों को किसी वैश्विक ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) के साथ साझेदारी करनी होगी और वे 60 एयरक्राफ्ट बनाने के इस विशाल कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगी। जिन भारतीय कंपनियों को इस प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है, उनमें टाटा, अडानी, महिंद्रा और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) शामिल हैं। यह कदम न केवल वायुसेना की जरूरतों को पूरा करेगा बल्कि घरेलू रक्षा विनिर्माण को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
सरकार की विस्तृत योजना और चयन प्रक्रिया
सरकार की योजना के अनुसार, ये भारतीय कंपनियां वायुसेना की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपनी बोलियां लगाएंगी। इसके बाद एक विस्तृत चयन प्रक्रिया शुरू होगी जिसमें तकनीकी ऑडिट, कड़े ट्रायल और टेक्नो-कमर्शियल ऑफर का गहन मूल्यांकन किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के विशाल पैमाने और तकनीकी जटिलताओं को देखते हुए, इस पूरी प्रक्रिया को पूरा होने में 2 साल से अधिक का समय लग सकता है। वायुसेना की तकनीकी जरूरतों के आधार पर यह मुकाबला मुख्य रूप से दो विमानों के बीच सिमटने की उम्मीद है, जिनमें लॉकहीड मार्टिन का C 130J और एम्ब्रेयर का C 390 शामिल हैं।
स्थानीय कंपनियों के साथ रणनीतिक साझेदारी
लॉकहीड मार्टिन ने इस दौड़ में आगे बढ़ते हुए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड को अपना भारतीय साझेदार चुना है। गौरतलब है कि टाटा पहले से ही वडोदरा में वायुसेना के लिए C 295 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का निर्माण कर रही है। दूसरी ओर, एम्ब्रेयर ने पहले इस कार्यक्रम के लिए महिंद्रा के साथ साझेदारी की घोषणा की थी, लेकिन अब ऐसी खबरें हैं कि वह अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के नाम पर भी विचार कर रही है और एम्ब्रेयर और अडानी के बीच यह साझेदारी और भी मजबूत हो सकती है क्योंकि दोनों कंपनियों ने हाल ही में सिविलियन पैसेंजर एयरक्राफ्ट बनाने के लिए एक समझौते की घोषणा की है।
पुराने बेड़े को बदलने की तैयारी
यह नया मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (MTA) कार्यक्रम सशस्त्र बलों की रणनीतिक, सामरिक और परिचालन एयरलिफ्ट जरूरतों को पूरा करने के लिए पुराने हो चुके AN32 और IL76 ट्रांसपोर्ट बेड़े की जगह लेगा। एयरबस-टाटा C 295 प्रोजेक्ट के बाद, जो वर्तमान में वडोदरा में चल रहा है, यह भारत में शुरू होने वाली दूसरी सबसे बड़ी मिलिट्री एयरक्राफ्ट उत्पादन लाइन होगी। यह सौदा न केवल भारतीय आसमान की सुरक्षा को पुख्ता करेगा बल्कि मेक इन इंडिया पहल को भी जबरदस्त मजबूती प्रदान करेगा।
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