ममता बनर्जी का भाजपा पर हमला: बंगाल से होगा अंत, दिल्ली में चुनौती

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रानीगंज रैली में भाजपा पर दंगे भड़काने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने बंगाल से भाजपा के अंत की घोषणा की।

Mar 28, 2026 - 18:35
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ममता बनर्जी का भाजपा पर हमला: बंगाल से होगा अंत, दिल्ली में चुनौती

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को रानीगंज में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा राज्य में अशांति फैलाने का प्रयास कर रही है और बंगाल की धरती से ही केंद्र की सत्ताधारी पार्टी के पतन की शुरुआत होगी। उन्होंने रानीगंज की रैली में भ्रष्टाचार, सांप्रदायिक तनाव और प्रशासनिक हस्तक्षेप जैसे कई गंभीर मुद्दों पर अपनी बात रखी। बनर्जी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी आगामी चुनावों में भाजपा को न केवल राज्य में बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी कड़ी चुनौती देने के लिए तैयार है।

कोयला खदानों और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रैली के दौरान भाजपा पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा अवैध कोयला खदानों से धन प्राप्त कर रही है और इसके बावजूद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाती है। बनर्जी ने कहा कि भाजपा ने उनकी सरकार की शक्तियों को सीमित करने का प्रयास किया है। उन्होंने स्थानीय निवासियों को आगाह करते हुए कहा कि यदि भाजपा सत्ता में आती है, तो वह राज्य में बुलडोजर की राजनीति शुरू करेगी और लोगों को उनके घरों से बेदखल कर देगी। उन्होंने जनता से एकजुट होकर टीएमसी का समर्थन करने की अपील की ताकि भाजपा के कथित जनविरोधी एजेंडे को रोका जा सके।

राम नवमी हिंसा और प्रशासनिक नियंत्रण पर सवाल

मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज में राम नवमी शोभायात्रा के दौरान हुई झड़पों का उल्लेख करते हुए ममता बनर्जी ने भाजपा पर दंगों की साजिश रचने का आरोप लगाया और उन्होंने सवाल किया कि हिंसा के बाद उचित कार्रवाई क्यों नहीं की गई। मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि चुनाव के दौरान प्रशासनिक नियंत्रण उनके हाथ में नहीं है क्योंकि अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने जानबूझकर अपने अनुकूल अधिकारियों को तैनात किया है ताकि राज्य में अस्थिरता पैदा की जा सके। बनर्जी ने रघुनाथगंज में दुकानों और घरों में हुई तोड़फोड़ की कड़ी निंदा की और कहा कि इन सभी घटनाओं का हिसाब लिया जाएगा।

राष्ट्रीय राजनीति और दिल्ली की सत्ता पर लक्ष्य

ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में संकेत दिया कि उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं हैं और उन्होंने कहा कि भाजपा एक 'लक्ष्मण रेखा' पार कर रही है और बंगाल को बर्बाद करने की उसकी कोशिश उसे पूरे देश की सत्ता से बाहर कर देगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वह विपक्षी दलों को एकजुट कर दिल्ली में भाजपा को चुनौती देने का काम करेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बंगाल की जनता भाजपा को करारा जवाब देगी, जिससे राष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ा बदलाव आएगा और बनर्जी के अनुसार, भाजपा का अहंकार ही उसके पतन का कारण बनेगा।

चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची पर चिंता

मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान जानबूझकर नाम हटाए जा रहे हैं। बनर्जी का दावा है कि यह प्रक्रिया भाजपा के इशारे पर की जा रही है ताकि उनके समर्थकों को मतदान से वंचित किया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के हस्तक्षेप की एक सीमा होती है और भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने चुनाव आयोग से निष्पक्षता बनाए रखने की अपील की और कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची की निगरानी करने का निर्देश दिया।

सांप्रदायिक सद्भाव और सांस्कृतिक पहचान का आह्वान

अपने भाषण के अंत में ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की विविध संस्कृति और सांप्रदायिक सद्भाव पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार और पार्टी सभी धर्मों का समान रूप से सम्मान करती है। उन्होंने उल्लेख किया कि राज्य में रामनवमी, दुर्गा पूजा, काली पूजा, छठ, क्रिसमस और ईद जैसे सभी त्योहार समान उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। बनर्जी ने कहा कि चाहे हिंदू हों, मुस्लिम हों, ईसाई हों या सिख, बंगाल में सभी को अपनी पहचान और धर्म के पालन का अधिकार है। उन्होंने भाजपा पर धर्म के नाम पर समाज को बांटने का आरोप लगाया और जनता से राज्य की समावेशी संस्कृति की रक्षा करने का आह्वान किया।

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