ममता बनर्जी का विपक्षी दलों को बड़ा संदेश, बोलीं- इंडिया गठबंधन चाहे तो मुझे यूटिलाइज कर सकता है

ममता बनर्जी ने इंडिया गठबंधन की बैठक में खुद को यूटिलाइज करने का संदेश दिया है, जबकि उनकी पार्टी के 20 सांसद और 58 विधायक बगावत पर उतारू हैं।

Jun 8, 2026 - 18:35
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ममता बनर्जी का विपक्षी दलों को बड़ा संदेश, बोलीं- इंडिया गठबंधन चाहे तो मुझे यूटिलाइज कर सकता है

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन को एक बड़ा और महत्वपूर्ण संदेश दिया है। दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित विपक्षी दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि यदि गठबंधन चाहे तो वह उनका उपयोग कर सकता है। ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उनकी अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के भीतर एक बड़ी बगावत देखने को मिल रही है और पार्टी में टूट की खबरें लगातार तेज हो रही हैं।

दिल्ली में विपक्षी एकजुटता की बड़ी बैठक

सोमवार को दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में इंडिया अलायंस की इस महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में देश के कई दिग्गज नेताओं ने शिरकत की, जिनमें मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और ममता बनर्जी प्रमुख रूप से शामिल थे। ममता बनर्जी इस बैठक में उस समय शामिल होने पहुंचीं जब पश्चिम बंगाल में उनकी पार्टी के भीतर राजनीतिक घमासान चरम पर है और राज्य में तृणमूल कांग्रेस के ज्यादातर विधायक और सांसद ममता बनर्जी का साथ छोड़ रहे हैं, जिससे पार्टी के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है।

ममता बनर्जी का यूटिलाइज वाला बयान

बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने विपक्षी नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अब उनके पास पर्याप्त समय है और इंडिया गठबंधन चाहे तो उन्हें यूटिलाइज कर सकता है। उन्होंने गठबंधन के मंच से भाजपा पर भी तीखा हमला बोला। ममता बनर्जी ने बैठक में यह मुद्दा उठाया कि किस तरह भारतीय जनता पार्टी अन्य राजनीतिक दलों को तोड़ने का काम कर रही है। उन्होंने विपक्षी दलों को एकजुट रहने और भाजपा की इन रणनीतियों का मुकाबला करने की आवश्यकता पर जोर दिया और ममता बनर्जी का यह रुख उनकी राष्ट्रीय राजनीति में सक्रियता बढ़ाने की इच्छा को दर्शाता है।

समन्वय समितियों के गठन की मांग

इंडिया गठबंधन की इस बैठक में बेहतर तालमेल और रणनीति बनाने के लिए स्टेट और राष्ट्रीय कॉर्डिनेशन कमेटी बनाने की मांग भी प्रमुखता से उठी। नेताओं का मानना है कि राज्यों और राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय समितियों के होने से गठबंधन के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया आसान होगी और आपसी मतभेदों को सुलझाया जा सकेगा। इसके अलावा, बैठक में वामपंथी दलों के नेताओं ने कांग्रेस द्वारा केरल में भाजपा और वाम दलों की तुलना किए जाने का मुद्दा भी उठाया। इस पर राहुल गांधी ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि केरल यूनिट ने उन्हें एक स्टैंड लेने के लिए कहा था और उनकी पार्टी ने उसी स्टैंड का पालन किया है।

तृणमूल कांग्रेस में सांसदों की बगावत

एक तरफ ममता बनर्जी दिल्ली में विपक्षी एकता की बात कर रही हैं, तो दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल में उनकी पार्टी के भीतर बगावत की आग और तेज हो गई है। विधायकों के बाद अब तृणमूल कांग्रेस के सांसद भी ममता बनर्जी को बड़ा झटका देने की तैयारी में जुटे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के करीब 20 सांसद एक अलग गुट बना सकते हैं। इस संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के आवास पर आयोजित की गई थी, जिसमें इस संभावित टूट की रूपरेखा तैयार की गई है। यह घटनाक्रम ममता बनर्जी के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती साबित हो सकता है।

आंकड़ों का खेल और पार्टी में टूट

तृणमूल कांग्रेस के लिए यह स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण नजर आ रही है। लोकसभा में पार्टी के कुल 28 सांसद हैं। दल-बदल कानून के तहत अलग गुट बनाने के लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है, जिसका अर्थ है कि कम से कम 18 सांसदों का समर्थन जरूरी है। वर्तमान में बागी सांसदों का आंकड़ा 20 तक पहुंच चुका है, जो कि आवश्यक संख्या 18 से अधिक है। इससे पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा में भी तृणमूल कांग्रेस के 58 विधायकों ने अपना अलग गुट बना लिया है। सांसदों की इस संभावित बगावत से ममता बनर्जी की पार्टी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं और पार्टी के भीतर असंतोष की गहराई का पता चलता है।

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